नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — देश की राजधानी दिल्ली में आज से इंडिया मोबाइल कांग्रेस के नए संस्करण का आगाज हो रहा है। तकनीक की दुनिया के इस सबसे बड़े मंच पर इस बार भविष्य की रफ्तार यानी 6जी नेटवर्क और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर सबसे ज्यादा जोर दिया जाएगा। देश-विदेश की बड़ी टेक कंपनियां इस आयोजन में अपनी नई ताकत दिखाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। जमीनी स्तर पर इस बड़े आयोजन से भारत की डिजिटल ताकत को एक नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल इस तीन दिवसीय कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री के साथ देश के तमाम बड़े तकनीकी विशेषज्ञ और टेलीकॉम सेक्टर के दिग्गज इस महाकुंभ का हिस्सा बनेंगे। इस कार्यक्रम के दौरान देश के दूरदराज इलाकों तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाने और सैटेलाइट कम्युनिकेशन के नए रास्तों पर खुलकर चर्चा होगी। आयोजन स्थल पर देश के युवाओं और स्टार्टअप्स के लिए भी खास जगह बनाई गई है ताकि वे अपनी नई खोज दुनिया के सामने रख सकें।
भविष्य के नेटवर्क और 6जी की तैयारी
कार्यक्रम के दौरान सबसे बड़ा आकर्षण 6जी तकनीक और उसकी स्पीड का मॉडल रहने वाला है। दुनिया भर के देश अभी 5जी का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन भारत अब उससे एक कदम आगे की सोच रहा है। वैज्ञानिक और इंजीनियर मिलकर ऐसे नेटवर्क तैयार कर रहे हैं जो पलक झपकते ही भारी डेटा ट्रांसफर कर सकें। इस महाकुंभ में इन सभी आधुनिक उपकरणों का लाइव प्रदर्शन किया जाएगा ताकि आम लोग भी समझ सकें कि आने वाला कल कितना तेज होने वाला है।
इसके अलावा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई का इस्तेमाल हमारे रोजमर्रा के जीवन को कैसे आसान बना सकता है, इस पर भी कई विशेष सत्र होंगे। स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर पढ़ाई और खेती-बाड़ी तक में एआई का इस्तेमाल कैसे बढ़ाया जाए, इस पर कई बड़ी कंपनियां अपने विचार रखेंगी। जानकारों का मानना है कि इन आधुनिक तकनीकों से देश के आम आदमी का जीवन स्तर और अधिक सुगम हो जाएगा।
सैटेलाइट इंटरनेट और अंतरिक्ष तकनीक का जलवा
इस बार के इंडिया मोबाइल कांग्रेस में सैटेलाइट के जरिए सीधे फोन और इंटरनेट चलाने की तकनीक पर भी बड़ा मंथन होगा। जिन इलाकों में मोबाइल टावर लगाना मुश्किल होता है, वहां सैटेलाइट इंटरनेट वरदान साबित हो सकता है। अंतरिक्ष सेक्टर में हुए निजी सुधारों के बाद देश की कई नई कंपनियां इस दिशा में शानदार काम कर रही हैं। दर्शक इस आयोजन में इन अंतरिक्ष आधारित सेवाओं का सीधा अनुभव ले सकेंगे।
सुरक्षा और डेटा गोपनीयता के मुद्दों पर भी इस मंच से बड़े संदेश दिए जाने की उम्मीद है। साइबर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए स्वदेशी उपकरणों के निर्माण पर विशेष जोर रहेगा। द फ्रीलान्स की ग्राउंड टीम लगातार इस बड़े आयोजन पर नजर बनाए हुए है और पल-पल की अपडेट आप तक पहुंचाती रहेगी।
युवा स्टार्टअप्स और मेक इन इंडिया का दम
इस बार के मेले में छोटे शहरों से आए युवा इन्नोवेटर्स को अपनी प्रतिभा दिखाने का पूरा मौका मिल रहा है। प्रधानमंत्री के डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया विजन को जमीन पर उतारने वाले ये स्टार्टअप्स भविष्य की बड़ी कंपनियां बनने की राह पर हैं। मोबाइल पार्ट्स के निर्माण से लेकर सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट तक, भारत अब आयात पर निर्भर रहने के बजाय खुद का सामान दुनिया को बेचने की तैयारी कर चुका है।
तीन दिनों तक चलने वाले इस महाकुंभ में लाखों लोगों के आने की उम्मीद है। टेलीकॉम सेक्टर में आए इस नए बदलाव से साफ है कि आने वाले दिनों में ग्राहकों को और भी बेहतर और सस्ती डिजिटल सेवाएं मिलने वाली हैं। द फ्रीलान्स की यह विशेष रिपोर्ट दिल्ली के भारत मंडपम से जमीनी हालात का जायजा लेकर तैयार की गई है।





