नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — भारतीय फुटबॉल के दीवानों के लिए इस बार का खेल सत्र बेहद खास होने जा रहा है। खेल प्रेमियों को अब अपने पसंदीदा मैचों को देखने के लिए महंगे रिचार्ज या किसी विशेष ओटीटी प्लान की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस सत्र में इंडियन सुपर लीग यानी आईएसएल के सभी मुकाबले यूट्यूब पर पूरी तरह मुफ्त और लाइव उपलब्ध होंगे। द फ्रीलान्स की ग्राउंड टीम ने जब इस नई व्यवस्था की पड़ताल की, तो पता चला कि खेल आयोजकों ने फुटबॉल को देश के हर घर तक पहुंचाने के लिए यह बड़ा कदम उठाया है।
बीते कुछ समय से खेल प्रशंसकों की यह लगातार शिकायत रही है कि अलग-अलग खेलों के डिजिटल प्रसारण अधिकार अलग-अलग ऐप्स के पास चले जाने के कारण उन्हें कई सब्सक्रिप्शन लेने पड़ते हैं। ऐसे में जेब पर भारी बोझ पड़ता है और कई बार युवा मैच देखने से वंचित रह जाते हैं। इस बार स्थिति बिल्कुल अलग है। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मैच मुफ्त मिलने से ग्रामीण इलाकों और छोटे शहरों के उन युवाओं को सबसे ज्यादा फायदा होगा, जो आर्थिक तंगी के कारण महंगे खेल चैनल या ऐप पैक नहीं खरीद पाते थे।
यूट्यूब पर मुफ्त प्रसारण से बदलेगी खेल देखने की आदत
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यूट्यूब पर मैच आने से दर्शकों की संख्या में भारी उछाल आएगा। जब कोई सामग्री मुफ्त और आसानी से एक क्लिक पर मिल जाती है, तो युवा वर्ग उसकी तरफ ज्यादा आकर्षित होता है। मोबाइल डेटा सस्ता होने के कारण देश के दूर-दराज के गांवों में भी अब इंटरनेट की पहुंच आसान हो चुकी है। ऐसे में स्मार्टफोन पर बिना किसी रुकावट के लाइव मैच देखना अब बहुत आसान हो जाएगा। लीग के आयोजकों का यह फैसला भारतीय फुटबॉल के जन-प्रसार और लोकप्रियता बढ़ाने में मील का पत्थर साबित हो सकता है।
मैचों के डिजिटल प्रसारण के इस नए दौर ने पारंपरिक टीवी चैनलों और केबल ऑपरेटरों की कार्यशैली पर भी असर डाला है। लोग अब पारंपरिक टीवी के मुकाबले अपने फोन पर अपनी सुविधा के अनुसार मैच देखना पसंद कर रहे हैं। स्टेडियम से लेकर मोबाइल की छोटी स्क्रीन तक, फुटबॉल का यह सफर अब पूरी तरह बदल चुका है। खेल से जुड़े जानकारों का कहना है कि डिजिटल माध्यमों पर मिलने वाली इस सुविधा से आने वाले दिनों में विज्ञापनदाताओं और प्रायोजकों की दिलचस्पी भी इस खेल में काफी बढ़ जाएगी।
खिलाड़ियों के प्रदर्शन और घरेलू टूर्नामेंटों पर पड़ेगा सीधा असर
दूसरी ओर, खेल के मैदान पर भी इस समय बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों की राष्ट्रीय टीमों में वापसी का सिलसिला जारी है। हाल ही में घरेलू प्रतियोगिताओं में अपनी अमिट छाप छोड़ने वाले खिलाड़ियों को लेकर खेल गलियारों में खासी चर्चा है। हालांकि कुछ युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऑस्ट्रेलिया ए जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ कड़ी चुनौतियों का सामना भी करना पड़ा है, जहां आईपीएल के धुरंधर भी कई बार संघर्ष करते नजर आए हैं। लेकिन इन तमाम मुकाबलों से मिलने वाला अनुभव भारतीय खिलाड़ियों की तकनीकी क्षमता को और मजबूत कर रहा है।
मैदान के बाहर खेल के इस बढ़ते दायरे का असर देश की खेल अर्थव्यस्था पर भी साफ दिखाई दे रहा है। जब अधिक दर्शक खेल से जुड़ते हैं, तो खेल का पूरा पारिस्थितिकी तंत्र मजबूत होता है। चाहे वह खिलाड़ियों की फिटनेस हो, घरेलू लीग का प्रबंधन हो या फिर जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं को तलाशने का काम हो, हर मोर्चे पर सकारात्मक बदलाव आ रहे हैं। खेल प्रेमियों के लिए अब यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि यूट्यूब पर मुफ्त लाइव प्रसारण शुरू होने के बाद आईएसएल की लोकप्रियता किस नए मुकाम पर पहुंचती है।
द फ्रीलान्स की अंतिम ग्राउंड पड़ताल और आगे की राह
हमारी टीम ने जब इस पूरे घटनाक्रम की गहराई से समीक्षा की, तो यह बात पूरी तरह साफ हो गई कि दर्शक अब पारदर्शिता और सुगमता चाहते हैं। जो खेल जितना आसानी से जनता तक पहुंचेगा, उसकी स्वीकार्यता उतनी ही तेजी से बढ़ेगी। आईएसएल का यह फैसला इस बात का प्रमाण है कि खेल प्रशासक अब डिजिटल युग की नब्ज को अच्छी तरह समझने लगे हैं। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि अन्य खेल संघ भी इसी तर्ज पर अपने मुकाबले दर्शकों के लिए कितने सुलभ बनाते हैं।




