नई दिल्ली से हमारी ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय रिजर्व बैंक ने ब्याज दरों में बड़ा बदलाव किया है। रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी कर दी है। इस फैसले के बाद से आम आदमी की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। बैंक से कर्ज लेने वाले ग्राहकों को अब ज्यादा पैसे चुकाने होंगे। लोन की किस्त यानी ईएमआई का बोझ सीधा आपकी जेब पर पड़ने वाला है।
बाजार के जानकारों का मानना है कि इस बढ़ोतरी से होम लोन और कार लोन दोनों महंगे हो जाएंगे। जिन लोगों ने पहले से फ्लोटिंग रेट पर लोन ले रखा है, उनकी मासिक किस्त बढ़ जाएगी। बैंक जल्द ही लोन की नई ब्याज दरों का ऐलान करेंगे। हालांकि, इसका एक सकारात्मक पहलू भी सामने आ रहा है। बैंक अब फिक्स्ड डिपॉजिट यानी एफडी पर ग्राहकों को ज्यादा ब्याज देंगे, जिससे बचत करने वालों को थोड़ा फायदा मिल सकता है।
शेयर बाजार पर दिखा तत्काल असर, ऑटो और रियल एस्टेट सेक्टर को झटका
रेपो रेट बढ़ने की खबर आते ही इसका सीधा असर शेयर बाजार पर भी देखने को मिला। शेयर बाजार में ऑटोमोबाइल और रियल एस्टेट सेक्टर के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई। लोग अब नया मकान खरीदने से पहले दो बार सोच रहे हैं। प्रॉपर्टी बाजार में सुस्ती का माहौल बन सकता है क्योंकि महंगे कर्ज के कारण घर खरीदने वालों की संख्या कम हो सकती है।
बिल्डर्स और प्रॉपर्टी डेवलपर्स का कहना है कि इस फैसले से रियल एस्टेट सेक्टर की रिकवरी पर ब्रेक लग सकता है। लोग अब बड़े निवेश करने से बचेंगे। बैंकों के शेयरों में हालांकि तेजी देखने को मिली है क्योंकि ब्याज दरें बढ़ने से बैंकों का मार्जिन सुधरता है। लेकिन आम उपभोक्ता के लिए यह समय काफी चुनौतीपूर्ण साबित होने वाला है।
चार साल बाद आया बड़ा बदलाव, क्या अब और बढ़ेंगे दाम
पिछले कुछ सालों में यह पहली बार है जब रेपो रेट में ऐसा बदलाव देखा गया है। महंगाई को काबू में रखने के लिए केंद्रीय बैंक ने यह कड़ा कदम उठाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर आने वाले महीनों में महंगाई कम नहीं हुई, तो ब्याज दरों में और भी तेजी आ सकती है।
आम जनता को अब अपने मासिक बजट में बदलाव करना होगा। लोन चुकाने वाले परिवार अपने खर्चों में कटौती करने की सोच रहे हैं। बाजार की इस हलचल पर हमारी टीम लगातार नजर बनाए हुए है। ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने बैंक से संपर्क करके लोन की नई दरों की पूरी जानकारी जरूर लें।
ब्याज दर बढ़ने से प्रॉपर्टी बाजार में क्या सचमुच गिरेंगे दाम
बड़ा सवाल यह है कि क्या इस मंदी के माहौल में प्रॉपर्टी के दाम नीचे आएंगे। रियल एस्टेट विशेषज्ञों का कहना है कि तुरंत कीमतें कम होने की उम्मीद बहुत कम है। हालांकि, खरीदार कम होने से बिल्डर्स कुछ आकर्षक ऑफर या छूट दे सकते हैं ताकि उनके फ्लैट बिक सकें।
द फ्रीलान्स की इस जमीनी पड़ताल से साफ है कि आने वाले दिनों में वित्तीय फैसले बहुत सोच-समझकर लेने होंगे। आपकी जेब पर पड़ने वाले इस असर से बचने के लिए वित्तीय योजना तैयार करना अब बेहद जरूरी हो गया है।




