विज्ञापन • ADVERTISEMENT
होम/टेक & ऑटो/बच्चों के बीच क्यों चर्चा में आया वंचक सांप और रोकी स्नेक का मलयालम गाना?
टेक & ऑटोपढ़ने में समय: 4 मिनट

बच्चों के बीच क्यों चर्चा में आया वंचक सांप और रोकी स्नेक का मलयालम गाना?

बच्चों के बीच इन दिनों मलयालम नर्सी गाथा 'रोकी स्नेक - वंचक सांप' काफी पसंद की जा रही है। द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक यह गाना बच्चों के बीच मनोरंजन और सीख का नया जरिया बन गया है। माता-पिता भी इस तरह के वीडियो बच्चों को खूब दिखा रहे हैं।
✍️
टेक एवं ऑटोमोबाइल डेस्क, द फ्रीलांस
तकनीक व ऑटोमोबाइल डेस्क•8 अक्टूबर 2026 • अपडेटेड•42
🌐Read in English →
शेयर करें:
बच्चों के बीच क्यों चर्चा में आया वंचक सांप और रोकी स्नेक का मलयालम गाना?
📷 बच्चों के बीच क्यों चर्चा में आया वंचक सांप और रोकी स्नेक का मलयालम गाना? — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • बच्चों के बीच इन दिनों मलयालम नर्सी गाथा 'रोकी स्नेक - वंचक सांप' काफी पसंद की जा रही है। द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक यह गाना बच्चों के बीच मनोरंजन और सीख का नया जरिया बन गया है। माता-पिता भी इस तरह के वीडियो बच्चों को खूब दिखा रहे हैं।
  • इस खबर से जुड़े सभी पहलुओं की जांच और निगरानी संबंधित विभागों द्वारा की जा रही है।
  • विशेषज्ञों के अनुसार इस घटनाक्रम का आम जनता पर सीधा असर पड़ सकता है।

नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — बच्चों के डिजिटल मनोरंजन की दुनिया में इन दिनों एक नया नाम तेजी से आगे आ रहा है। दक्षिण भारत के राज्यों में बच्चों के बीच मलयालम भाषा का एक खास गाना चर्चा का विषय बना हुआ है। इस गाने और कहानी का शीर्षक 'रोकी स्नेक - वंचक सांप' है, जिसे छोटे बच्चे बड़े चाव से देख और सुन रहे हैं। द टाइम्स ऑफ इंडिया की हालिया रिपोर्ट में इस ट्रेंड का जिक्र किया गया है। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बच्चों के लिए आने वाले कार्टून और कविताओं की श्रेणी में यह रचना काफी ऊपर चल रही है।

छोटे बच्चों के लिए बनने वाली यह नर्सी कविता और लोरी जैसी रचनाएं केवल मनोरंजन का साधन नहीं होतीं। इनमें बच्चों के लिए एक नैतिक सीख भी छिपी होती है। 'रोकी स्नेक' नाम के इस किरदार के जरिए बच्चों को चालाकी और धोखे से दूर रहने की सीख दी जाती है। मलयालम भाषी परिवारों में यह गाना इन दिनों बच्चों को बहलाने और पढ़ाने का मुख्य माध्यम बन गया है। यूट्यूब और अन्य वीडियो एप्स पर इस गाने को देखने वाले बच्चों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है।

बच्चों के बीच क्यों लोकप्रिय हो रहे हैं ऐसे कार्टून गीत?

आज के दौर में माता-पिता अपने बच्चों के लिए ऐसा डिजिटल कंटेंट तलाशते हैं जो सुरक्षित और ज्ञानवर्धक हो। पारंपरिक कहानियों को आधुनिक एनिमेशन के साथ पेश करने से बच्चों का ध्यान आसानी से आकर्षित हो जाता है। रोकी स्नेक की कहानी भी इसी तर्ज पर तैयार की गई है जिसमें रंग-बिरंगे एनिमेशन और सुरीली आवाज का इस्तेमाल किया गया है। बच्चे कार्टून चरित्रों के जरिए बहुत जल्दी नई भाषा और शब्द सीखते हैं। यही वजह है कि मलयालम भाषी राज्यों में यह गाना छोटे बच्चों की पहली पसंद बनता जा रहा है।

डिजिटल मीडिया विशेषज्ञों का मानना है कि क्षेत्रीय भाषाओं में बच्चों की सामग्री बनने से स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा मिलता है। माता-पिता भी अंग्रेजी गानों की बजाय अपनी मातृभाषा की कहानियों को बच्चों के सामने रख रहे हैं। रोकी स्नेक का यह वीडियो न केवल केरल बल्कि देश के दूसरे हिस्सों में रह रहे मलयाली परिवारों के बीच भी देखा जा रहा है। सोशल मीडिया पर अभिभावक इस वीडियो को लेकर अपनी सकारात्मक प्रतिक्रियाएं साझा कर रहे हैं।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

डिजिटल स्क्रीन पर बच्चों की सामग्री की बढ़ती मांग

इंटरनेट की पहुंच हर घर तक होने के बाद बच्चों के लिए वीडियो सामग्री का बाजार बहुत बड़ा हो गया है। बच्चों के चैनल दिन-रात नए-नए गाने और कहानियां अपलोड कर रहे हैं। वंचक सांप जैसी लोक कथाओं और आधुनिक कल्पनाओं का मेल बच्चों की कल्पना शक्ति को मजबूत करता है। शिक्षक और बाल मनोवैज्ञानिक भी मानते हैं कि इस तरह के दृश्य और श्रव्य साधन बच्चों के मानसिक विकास में मदद करते हैं। हालांकि वे यह भी सलाह देते हैं कि स्क्रीन का समय सीमित होना चाहिए।

आने वाले दिनों में इस तरह के और भी क्षेत्रीय गीत और कहानियां इंटरनेट पर आने की पूरी उम्मीद है। निर्माताओं का ध्यान अब बच्चों की रुचि के अनुसार स्थानीय पात्र गढ़ने पर है। द फ्रीलान्स की इस ग्राउंड पड़ताल से यह साफ है कि क्षेत्रीय बाल साहित्य डिजिटल दौर में एक नई पहचान बना रहा है। रोकी स्नेक की सफलता यह साबित करती है कि अच्छी और साफ-सुथरी सामग्री हमेशा दर्शकों का दिल जीतती है।

माता-पिता के लिए क्या है खास सीख?

बच्चों को मोबाइल पर कुछ भी दिखाने से पहले माता-पिता को उसकी गुणवत्ता की जांच जरूर करनी चाहिए। वंचक सांप जैसे गाने बच्चों का मनोरंजन करने के साथ-साथ उन्हें सही और गलत का फर्क भी समझाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल सामग्री बच्चों की भाषा सुधारने में मददगार साबित हो सकती है। परिवार के साथ बैठकर जब बच्चे ऐसे गीत देखते हैं तो उनका रिश्ता भी मजबूत होता है। आने वाले समय में बाल मनोरंजन उद्योग ऐसी कहानियों पर और अधिक काम करने की योजना बना रहा है।

प्रायोजित • SPONSORED
❤️
100% पाठक समर्थित मीडिया

निष्पक्ष व निडर पत्रकारिता को आपका साथ चाहिए

द फ्रीलांस बिना किसी कॉर्पोरेट या राजनीतिक दबाव के जनसरोकार की खबरें आप तक पहुँचाता है। आपका छोटा सा योगदान भी हमारी स्वतंत्रता की ताकत है।

संबंधित खबरें

बच्चों के मनोरंजन की दुनिया में छाया 'वंचकन पांप', मलयालम बाल कथाओं का नया दौर

बच्चों के मनोरंजन की दुनिया में छाया 'वंचकन पांप', मलयालम बाल कथाओं का नया दौर

अमेजन सेल की धूम के बीच छंटनी का झटका, भारत समेत कई देशों में एक हजार लोगों की नौकरियां गईं

अमेजन सेल की धूम के बीच छंटनी का झटका, भारत समेत कई देशों में एक हजार लोगों की नौकरियां गईं

फेस्टिवल सेल के बीच अमेजन में छंटनी की मार, भारत समेत दुनिया भर में एक हजार नौकरियां खतरे में

फेस्टिवल सेल के बीच अमेजन में छंटनी की मार, भारत समेत दुनिया भर में एक हजार नौकरियां खतरे में

आईपीएल 2027 के लिए टीमों के कोच फाइनल, पंजाब किंग्स और दिल्ली कैपिटल्स में बड़े बदलाव

आईपीएल 2027 के लिए टीमों के कोच फाइनल, पंजाब किंग्स और दिल्ली कैपिटल्स में बड़े बदलाव

दिवाली से पहले रेलवे और खदान कर्मचारियों के बोनस पर सोशल मीडिया में फर्जी दावों की बाढ़, जानिए क्या है सच्चाई

दिवाली से पहले रेलवे और खदान कर्मचारियों के बोनस पर सोशल मीडिया में फर्जी दावों की बाढ़, जानिए क्या है सच्चाई

टीसीएस के दूसरी तिमाही के नतीजे आए सामने, मुनाफे में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी और 12 रुपये प्रति शेयर डिविडेंड का ऐलान

टीसीएस के दूसरी तिमाही के नतीजे आए सामने, मुनाफे में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी और 12 रुपये प्रति शेयर डिविडेंड का ऐलान

मोबाइल फोन बना गुड गवर्नेंस का टूल, पांच लाख करोड़ रुपये गलत हाथों में जाने से बचे

मोबाइल फोन बना गुड गवर्नेंस का टूल, पांच लाख करोड़ रुपये गलत हाथों में जाने से बचे

फेस्टिव सेल में छाई अमेजन की चमक, एप्पल वॉच से लेकर आईफोन पर मिल रही है भारी छूट

फेस्टिव सेल में छाई अमेजन की चमक, एप्पल वॉच से लेकर आईफोन पर मिल रही है भारी छूट

✍️

टेक एवं ऑटोमोबाइल डेस्क, द फ्रीलांस

सत्यापित संपादकीय डेस्क

गैजेट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा व मोबिलिटी टीम

द फ्रीलांस की टेक और ऑटो डेस्क आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा, उपभोक्ता गैजेट्स, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के नए नवाचारों पर प्रामाणिक और उपभोक्ता-केंद्रित रिव्यू व रिपोर्ट्स प्रस्तुत करती है। हम निष्पक्ष, सटीक और तथ्यात्मक पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न प्रमाणित समाचार एजेंसियों, आधिकारिक बयानों और स्थानीय संवाददाताओं से प्राप्त इनपुट के आधार पर तैयार की जाती है।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

संबंधित विजुअल स्टोरीज (Web Stories)

TAP TO VIEW

‘रोकी स्नेक’ व टेक & ऑटो से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें

बच्चों के मनोरंजन की दुनिया में छाया 'वंचकन पांप', मलयालम बाल कथाओं का नया दौरTECH-AUTO

बच्चों के मनोरंजन की दुनिया में छाया 'वंचकन पांप', मलयालम बाल कथाओं का नया दौर

8 अक्टू॰26
अमेजन सेल की धूम के बीच छंटनी का झटका, भारत समेत कई देशों में एक हजार लोगों की नौकरियां गईंTECH-AUTO

अमेजन सेल की धूम के बीच छंटनी का झटका, भारत समेत कई देशों में एक हजार लोगों की नौकरियां गईं

8 अक्टू॰30
फेस्टिवल सेल के बीच अमेजन में छंटनी की मार, भारत समेत दुनिया भर में एक हजार नौकरियां खतरे मेंTECH-AUTO

फेस्टिवल सेल के बीच अमेजन में छंटनी की मार, भारत समेत दुनिया भर में एक हजार नौकरियां खतरे में

8 अक्टू॰46
आईपीएल 2027 के लिए टीमों के कोच फाइनल, पंजाब किंग्स और दिल्ली कैपिटल्स में बड़े बदलावTECH-AUTO

आईपीएल 2027 के लिए टीमों के कोच फाइनल, पंजाब किंग्स और दिल्ली कैपिटल्स में बड़े बदलाव

8 अक्टू॰36
दिवाली से पहले रेलवे और खदान कर्मचारियों के बोनस पर सोशल मीडिया में फर्जी दावों की बाढ़, जानिए क्या है सच्चाईTECH-AUTO

दिवाली से पहले रेलवे और खदान कर्मचारियों के बोनस पर सोशल मीडिया में फर्जी दावों की बाढ़, जानिए क्या है सच्चाई

8 अक्टू॰24
टीसीएस के दूसरी तिमाही के नतीजे आए सामने, मुनाफे में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी और 12 रुपये प्रति शेयर डिविडेंड का ऐलानTECH-AUTO

टीसीएस के दूसरी तिमाही के नतीजे आए सामने, मुनाफे में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी और 12 रुपये प्रति शेयर डिविडेंड का ऐलान

8 अक्टू॰24
मोबाइल फोन बना गुड गवर्नेंस का टूल, पांच लाख करोड़ रुपये गलत हाथों में जाने से बचेTECH-AUTO

मोबाइल फोन बना गुड गवर्नेंस का टूल, पांच लाख करोड़ रुपये गलत हाथों में जाने से बचे

8 अक्टू॰43
फेस्टिव सेल में छाई अमेजन की चमक, एप्पल वॉच से लेकर आईफोन पर मिल रही है भारी छूटTECH-AUTO

फेस्टिव सेल में छाई अमेजन की चमक, एप्पल वॉच से लेकर आईफोन पर मिल रही है भारी छूट

8 अक्टू॰46
विज्ञापन • ADVERTISEMENT