नई दिल्ली/रियाद — पश्चिम एशिया के आसमान में एक बार फिर युद्ध के बादल मंडराने लगे हैं। सऊदी अरब की राजधानी रियाद और देश के दूसरे महत्वपूर्ण हवाई अड्डों पर हूती विद्रोहियों ने अचानक ड्रोन और मिसाइल से हमले कर दिए। इन खतरनाक हमलों में तीन विदेशी नागरिकों की दर्दनाक मौत हो गई है। इस बड़ी घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हड़कंप मच गया है। खाड़ी देशों में काम करने वाले और सफर करने वाले लोगों के बीच दहशत का माहौल पैदा हो गया है। हालात की गंभीरता को देखते हुए कई देशों की सरकारों ने अपने नागरिकों के लिए नई एडवाइजरी जारी की है।
इस पूरे मामले पर भारत सरकार ने बहुत सख्त रुख अपनाया है। भारत ने रियाद एयरपोर्ट पर हुए इन हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने साफ कहा है कि इस तरह के हिंसक हमले किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किए जा सकते। भारत हमेशा से शांति के पक्ष में रहा है और आम नागरिकों को निशाना बनाना सरासर गलत है। भारत सरकार रियाद में मौजूद अपने नागरिकों की सुरक्षा पर लगातार नजर बनाए हुए है। भारतीय दूतावास वहां के स्थानीय प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में है ताकि किसी भी भारतीय नागरिक को कोई असुविधा न हो।
रियाद एयरपोर्ट पर हमले के बाद उड़ानों का संचालन ठप
हूती विद्रोहियों के इस अचानक हुए मिसाइल और ड्रोन हमले से रियाद एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी मच गई। सुरक्षा के मद्देनजर एयरपोर्ट पर विमानों की आवाजाही काफी देर तक पूरी तरह बाधित रही। कई उड़ानों को बीच रास्ते में ही डायवर्ट करना पड़ा या फिर उन्हें होल्ड पर रख दिया गया। एयरपोर्ट प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को सबसे पहले रखते हुए सभी रनवे की सघन जांच शुरू की। इस हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भी बुरा असर पड़ा है। सऊदी अरब आने-जाने वाले यात्रियों को अपनी यात्रा रद्द करनी पड़ रही है या फिर लंबी देरी का सामना करना पड़ रहा है।
इस बड़े सुरक्षा संकट को देखते हुए देश की प्रमुख एयरलाइंस कंपनियों ने बहुत बड़ा कदम उठाया है। एयर इंडिया और इंडिगो जैसी बड़ी भारतीय विमानन कंपनियों ने रियाद के लिए अपनी सभी उड़ानें फिलहाल रद्द कर दी हैं। कंपनियों ने एयरपोर्ट पर हुए इस खतरनाक अटैक के बाद यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया है। एयरलाइंस कंपनियों का कहना है कि जब तक हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाते और स्थानीय प्रशासन से हरी झंडी नहीं मिलती, तब तक उड़ानें शुरू नहीं की जाएंगी। जिन यात्रियों ने टिकट बुक कराए थे, उनके पैसे वापस किए जा रहे हैं या फिर उन्हें दूसरी तारीख का विकल्प दिया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश और रियाद के बीच नई फ्लाइट्स की योजनाओं पर असर
एक तरफ जहां सऊदी अरब के एयरपोर्ट्स पर हमलों का दौर चल रहा है, वहीं दूसरी तरफ भारत के उत्तर प्रदेश से रियाद के लिए नई लो-बजट फ्लाइट्स शुरू करने की योजनाएं चल रही थीं। इन नई उड़ानों का मुख्य उद्देश्य अरब देशों के साथ भारत की कनेक्टिविटी को और ज्यादा मजबूत करना था। उत्तर प्रदेश के यात्रियों और कामगारों के लिए यह सेवा बहुत फायदेमंद होने वाली थी। लेकिन इन हमलों के अचानक सामने आने के बाद अब इन नई विमान सेवाओं की शुरुआत पर भी असमंजस के बादल छा गए हैं। विमानन विशेषज्ञ मान रहे हैं कि जब तक पश्चिम एशिया का यह पूरा इलाका पूरी तरह सुरक्षित नहीं घोषित होता, तब तक नई उड़ानों के पहिए थमे रह सकते हैं।
सऊदी अरब और यमन के बीच चल रहा यह पुराना संघर्ष अब आम नागरिकों और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को अपनी चपेट में ले चुका है। हूती विद्रोहियों द्वारा लगातार किए जा रहे इस तरह के ड्रोन और मिसाइल हमले मध्य पूर्व की शांति के लिए बहुत बड़ा खतरा बन गए हैं। भारत समेत दुनिया के कई ताकतवर देशों ने इन हमलों की निंदा करते हुए संयम बरतने की अपील की है। रियाद एयरपोर्ट पर हुए इस हमले ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि वैश्विक विमानन सुरक्षा के सामने कितनी बड़ी चुनौतियां खड़ी हैं। द फ्रीलान्स की टीम इस पूरे मामले पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए है और आगे के अपडेट लगातार आप तक पहुंचाती रहेगी।
यात्रियों के लिए जरूरी निर्देश और जमीनी हालात
रियाद और आसपास के इलाकों में यात्रा करने वाले सभी यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे घर से निकलने से पहले अपनी एयरलाइन कंपनी से फ्लाइट की स्थिति जरूर जांच लें। एयरपोर्ट पर बेवजह की भीड़ से बचने के लिए आधिकारिक सूचना का ही इंतजार करें। भारतीय दूतावास ने भी रियाद में रहने वाले सभी भारतीयों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और स्थानीय नियमों का पालन करने की हिदायत दी है। आपात स्थिति के लिए दूतावास ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं जिन पर संपर्क किया जा सकता है। जमीनी स्तर पर सुरक्षा बलों ने गश्त बढ़ा दी है और किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह चौकसी बरती जा रही है।




