नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — सोशल मीडिया की दुनिया में कब कौन सी फर्जी खबर सच बनकर फैल जाए, इसका अंदाजा लगाना बहुत मुश्किल है। पिछले कुछ घंटों से इंटरनेट पर एक अनोखी प्रेम कहानी ने तहलका मचा रखा था। दावा किया जा रहा था कि रूस की एक खूबसूरत लड़की बिहार के एक लड़के के प्यार में दीवानी हो गई है। यह भी कहा गया कि वह लड़की रूस छोड़कर सीधे बिहार के एक छोटे से गांव में अपने प्रेमी के साथ रहने पहुंच गई है। इस खबर ने देखते ही देखते इंटरनेट पर खूब सुर्खियां बटोरीं और लोग इसे तेजी से शेयर करने लगे।
लेकिन जब हमारी टीम ने इस वायरल वीडियो और दावों की जमीनी हकीकत खंगालनी शुरू की, तो एक के बाद एक चौंकाने वाले खुलासे सामने आए। शुरुआती जांच में पता चला कि सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे ये दावे पूरी तरह हवा हवाई हैं। ना तो भागलपुर का कोई राहुल इस कहानी का सच निकला और ना ही वीडियो में दिखने वाली विदेशी लड़की कोई रूसी नागरिक है। यह पूरा मामला सिर्फ लाइक्स, व्यूज और सोशल मीडिया पर सनसनी फैलाने के लिए गढ़ा गया एक झूठ साबित हुआ है।
पूर्णिया में शूट हुआ था विदेशी पर्यटक का वह वीडियो
हमारी पड़ताल में यह साफ हुआ कि जिस वीडियो को रूस और बिहार के प्यार का नाम दिया जा रहा था, दरअसल वह बिहार के ही पूर्णिया जिले का है। वीडियो में नजर आने वाली विदेशी युवती रूस की नहीं बल्कि इंग्लैंड की रहने वाली एक सैलानी है। वह अपने किसी निजी दौरे पर पूर्णिया पहुंची थी और वहां के स्थानीय माहौल का आनंद ले रही थी। किसी ने उसके इस सामान्य वीडियो को रिकॉर्ड किया और उस पर मनगढ़ंत कहानियां गढ़कर इंटरनेट पर अपलोड कर दिया। धीरे-धीरे यह झूठी कहानी मुख्यधारा की कुछ सोशल मीडिया साइट्स पर ट्रेंड करने लगी।
स्थानीय स्तर पर जब हमने इस तथाकथित प्रेम कहानी के बारे में लोगों से पूछताछ की, तो किसी ने भी ऐसी किसी घटना की पुष्टि नहीं की। गांव के लोगों ने साफ कहा कि उनके इलाके में ऐसा कोई राहुल नहीं रहता है और ना ही ऐसी कोई विदेशी बहू गांव में आई है। यह सब कुछ सिर्फ इंटरनेट पर वायरल होने के लिए फैलाए गए मनगढ़ंत किस्से हैं जिनका वास्तविकता से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं है। ऐसे मामलों में बिना सोचे-समझे किसी भी वीडियो पर भरोसा कर लेना गलत साबित हो जाता है।
रूस से कच्चे तेल की खरीद पर भारत का कड़ा रुख
एक तरफ जहां सोशल मीडिया पर ऐसी फर्जी और मनगढ़ंत प्रेम कहानियां वायरल हो रही हैं, वहीं दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर भारत से जुड़े कुछ गंभीर और वास्तविक मुद्दे ट्रेंड कर रहे हैं। वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारत के फैसले इस समय पूरी दुनिया का ध्यान खींच रहे हैं। अमेरिका और पश्चिमी देशों के भारी दबाव के बावजूद भारत सरकार ने रूस से कच्चा तेल खरीदने की अपनी नीति पर पूरी तरह कायम रहने का फैसला किया है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर महीने में भी भारत ने रूस से भारी मात्रा में प्रतिदिन कच्चे तेल का आयात किया है।
अमेरिकी धमकियों और पाबंदियों का भारतीय ऊर्जा आयात पर कोई असर नहीं पड़ता दिख रहा है। देश के नीति निर्माताओं का साफ कहना है कि भारत के लिए अपने नागरिकों की ऊर्जा जरूरतें सबसे पहले आती हैं। जहां एक ओर सोशल मीडिया पर फर्जी वीडियो लोगों का ध्यान भटकाते हैं, वहीं दूसरी ओर देश की असल कूटनीति और अर्थव्यवस्था मजबूती के साथ आगे बढ़ रही है। 'द फ्रीलान्स' की यह पड़ताल पाठकों को यह याद दिलाती है कि किसी भी वायरल खबर पर आंख मूंदकर भरोसा करने से पहले उसकी सच्चाई जान लेना बहुत जरूरी है।
सीमा पार अंतरराष्ट्रीय संघर्ष और तकनीकी पाबंदियां
रूस से जुड़े अन्य बड़े घटनाक्रमों में यूक्रेन युद्ध का मैदान भी इस समय सुर्खियों में बना हुआ है। हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यूक्रेन युद्ध में अब तकनीक और हथियारों को लेकर नए पेंच फंसने लगे हैं। स्टारलिंक जैसी आधुनिक संचार सेवाओं पर लगी पाबंदियों के कारण वहां इस्तेमाल होने वाले ड्रोन की रफ्तार पर असर पड़ा है। रूसी हमलों के बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की के सामने अब रणनीतिक संकट गहराता जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे इन बड़े घटनाक्रमों के बीच सोशल मीडिया पर आने वाली फर्जी प्रेम कहानियां केवल भ्रामक सूचनाएं फैलाने का काम करती हैं।
हमारी ग्राउंड रिपोर्ट का मकसद पाठकों के सामने दूध का दूध और पानी का पानी करना है। चाहे वह रूस और यूक्रेन का युद्ध हो, भारत की स्वतंत्र विदेश नीति हो या फिर सोशल मीडिया पर वायरल होने वाला कोई फर्जी वीडियो हो, 'द फ्रीलान्स' हमेशा सच को आपके सामने लाता है। अगली बार जब भी आप इंटरनेट पर ऐसी कोई सनसनीखेज खबर देखें, तो उसे आगे बढ़ाने से पहले उसकी सत्यता की जांच जरूर करें। सतर्क रहें और फर्जी खबरों के झांसे में आने से बचें।







