नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — सोशल मीडिया की दुनिया में अक्सर कंटेंट क्रिएटर्स लाइमलाइट में रहने के लिए कुछ ऐसा कर जाते हैं जो बाद में उनके लिए जी का जंजाल बन जाता है। देश के सबसे बड़े यूट्यूबर्स में शुमार सौरव जोशी इन दिनों एक नए विवाद के केंद्र में आ गए हैं। सौरव जोशी ने हाल ही में अपने व्लॉग या वीडियो में एक ऐसा डेयर पूरा किया, जिससे इंटरनेट पर बवाल मच गया है। उन्होंने अपनी पत्नी अवंतिका को घर के पालतू कुत्ते के कटोरे में पानी पिला दिया। यह वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया यूजर्स का गुस्सा फूट पड़ा और लोग लगातार यूट्यूबर की इस हरकत पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई जब सौरव जोशी ने अपने वीडियो के दौरान एक डेयर गेम खेला। इस खेल के तहत उनकी पत्नी अवंतिका को कुत्ते के खाने और पानी वाले बर्तन से पानी पीने के लिए कहा गया। अवंतिका ने खेल-खेल में वह पानी पी भी लिया, लेकिन जैसे ही यह क्लिप सोशल मीडिया के दूसरे प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हुई, लोगों ने इसे बेहद अपमानजनक और शर्मनाक करार दिया। इंस्टाग्राम, एक्स और यूट्यूब के कमेंट सेक्शन में लोगों ने सौरव जोशी और उनके परिवार की इस सोच पर सवाल उठाए। कई यूजर्स ने लिखा कि यूट्यूब पर व्यूज और लाइक्स पाने के लिए लोग किसी भी हद तक गिर सकते हैं और इस तरह की हरकतों को मनोरंजन नहीं कहा जा सकता है।
सोशल मीडिया पर भड़के लोग और ट्रोलर्स का हमला
जैसे ही यह वीडियो इंटरनेट पर फैला, वैसे ही ट्रोलर्स ने सौरव जोशी को घेरना शुरू कर दिया। ट्विटर और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लोग लगातार अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। आम जनता का कहना है कि एक सार्वजनिक मंच पर इस तरह की चीजें परोसना गलत संदेश देता है। लोगों ने यह भी तर्क दिया कि घर के पालतू जानवरों के बर्तनों में स्वच्छता का ध्यान रखना पड़ता है और इस तरह से मजाक के नाम पर किसी इंसान को उसमें से पानी पिलाना सरासर गलत और घटिया हरकत है। हजारों लोगों ने वीडियो पर तीखी प्रतिक्रिया दी और यूट्यूबर से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।
विवाद बढ़ता देख और चारों तरफ से आलोचनाएं मिलने के बाद सौरव जोशी ने इस पूरे मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। यूट्यूबर ने अपनी सफाई में कहा है कि डेयर तो कुछ भी हो सकता है और यह सब सिर्फ एक फन यानी मस्ती के मूड में किया गया था। सौरव ने यह भी दावा किया कि उन्होंने खुद भी कई बार अपने डॉगी के साथ ऐसी मस्ती की है और इसमें कोई बुरी बात नहीं है। उन्होंने अपने ऊपर लग रहे तमाम आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि लोग इस बात को बेवजह तूल दे रहे हैं और इसे गलत तरीके से पेश कर रहे हैं।
कंटेंट क्रिएशन की सीमाएं और जनता की नाराजगी
यह कोई पहला मौका नहीं है जब किसी बड़े सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर या यूट्यूबर को अपने किसी वीडियो के कारण जनता के गुस्से का सामना करना पड़ा हो। आज के समय में जब लाखों लोग, विशेषकर युवा और बच्चे इन क्रिएटर्स को फॉलो करते हैं, तब उनकी जिम्मेदारी और भी ज्यादा बढ़ जाती है। वीडियो के व्यूज बढ़ाने और ट्रेंडिंग में बने रहने के लिए इस तरह के प्रयोग अक्सर भारी पड़ जाते हैं। सौरव जोशी के करोड़ों सब्सक्राइबर्स हैं और उनके वीडियो का असर समाज के एक बड़े वर्ग पर पड़ता है, यही वजह है कि लोग उनकी इस हरकत से ज्यादा आहत दिखे।
मैदानी पड़ताल और इंटरनेट पर चल रही बहसों से यह साफ है कि जनता अब सेलिब्रिटीज और कंटेंट क्रिएटर्स के हर मजाक को आसानी से स्वीकार करने के मूड में नहीं है। भले ही सौरव जोशी इसे एक सामान्य डेयर और खेल बता रहे हों, लेकिन दर्शकों का एक बड़ा वर्ग इसे नैतिकता के दायरे से बाहर मान रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस विवाद के बाद सौरव जोशी अपने कंटेंट को लेकर कितने सतर्क रहते हैं और क्या वे इस तरह की वीडियो पर आगे से रोक लगाते हैं या नहीं।
डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर नैतिकता का बढ़ता सवाल
आज के डिजिटल दौर में हर छोटी बात बहुत तेजी से वायरल होती है और उसका असर सीधा यूट्यूबर के करियर पर पड़ता है। सौरव जोशी के इस वीडियो ने एक बार फिर से यह बहस छेड़ दी है कि क्या मनोरंजन के नाम पर कुछ भी परोसा जाना सही है। देश के विभिन्न मीडिया घरानों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इस मुद्दे पर लंबी चर्चाएं चल रही हैं। द फ्रीलान्स की टीम इस मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और यह समझने की कोशिश कर रही है कि डिजिटल क्रिएटर्स और दर्शकों के बीच की यह सीमा आखिर कहां जाकर तय होगी।





