मुंबई की चकाचौंध भरी दुनिया में हरलीन सेठी एक ऐसा नाम है, जो किसी पारंपरिक सांचे में फिट नहीं बैठता। विज्ञापन की दुनिया में टॉप-5 में रहने वाली एक मेधावी छात्रा से लेकर परफ़ॉर्मिंग आर्ट्स के फलक पर अपनी एक अलग लकीर खींचने वाली हरलीन का सफर बताता है कि कला केवल प्रशिक्षण से नहीं, बल्कि भीतर की छटपटाहट से उपजती है। ‘द फ्रीलांस’ की टीम के साथ एक अंतरंग बातचीत में हरलीन ने अपनी जिंदगी के उन पन्नों को पलटा, जो कैमरे के पीछे अनकहे रह गए थे। बचपन की मस्तमौला हरलीन को तब यह बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि एक दिन वह स्क्रीन पर किरदारों की ऐसी जान फूंक देंगी, जिससे लाखों दर्शक खुद को जुड़ा हुआ महसूस करेंगे।
विज्ञापन की दुनिया से अभिनय के आसमान तक
हरलीन का सफर किसी फिल्मी पटकथा से कम दिलचस्प नहीं है। विज्ञापन में अपनी मास्टर्स की पढ़ाई के दौरान वे मुंबई में टॉप-5 में शामिल थीं। अध्यापकों और परिजनों को उम्मीद थी कि वह कॉर्पोरेट जगत में नाम कमाएंगी, लेकिन उनका मन कहीं और अटका था।
- संगीत से जुड़ाव: बचपन में ‘कल हो न हो’ की कैसेट को दिनभर बजाने वाली हरलीन को दादाजी की वह बात आज भी याद है जब उन्होंने मजाक में कहा था कि वह पूरे घर को एक ही गाने से बोर कर देंगी।
- पहला विज्ञापन अनुभव: आधे दिन के विज्ञापन शूट के बदले मिले 17 हजार रुपए उनके लिए एक टर्निंग पॉइंट थे। उस क्षण ने उनके भीतर अभिनय को लेकर एक अघोषित विश्वास जगाया।
- बहुमुखी प्रतिभा: विज्ञापन एजेंसियों में असिस्टेंट डायरेक्टर और प्रोड्यूसर के तौर पर काम करने के बाद उन्होंने आखिरकार अपने भीतर के कलाकार को पहचान लिया।
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‘ब्रोकन बट ब्यूटीफुल’ और आत्म-स्वीकार्यता की लंबी यात्रा
हरलीन के करियर का सबसे बड़ा मोड़ वेब सीरीज ‘ब्रोकन बट ब्यूटीफुल’ साबित हुई। समीरा के उनके किरदार ने दर्शकों के दिलों पर जो छाप छोड़ी, वह आज भी अनूठी है। लेकिन इस सफलता के पीछे एक बेहद निजी और भावनात्मक संघर्ष भी था। बातचीत के दौरान हरलीन ने स्वीकार किया कि वह लंबे समय तक खुद को खूबसूरत नहीं मानती थीं।
उनका यह सोचना स्वाभाविक भी था क्योंकि उनकी मां और भाई के नैन-नक्श उन्हें अधिक आकर्षक लगते थे। लेकिन जब ‘ब्रोकन’ रिलीज हुई और दर्शकों ने उनकी आवाज और खूबसूरती की तारीफ की, तो हरलीन का नजरिया पूरी तरह बदल गया। यह उनके लिए सिर्फ पेशेवर जीत नहीं थी, बल्कि खुद को मुकम्मल तौर पर स्वीकार करने की एक लंबी और खूबसूरत यात्रा थी। आज जब दर्शक इस सीरीज के किरदारों के टैटू बनवाते हैं और यह कहते हैं कि समीरा ने उन्हें खुद से प्यार करना सिखाया, तो हरलीन मानती हैं कि एक कलाकार के रूप में उनकी असली पूंजी यही है। विक्रांत मैसी जैसे सह-कलाकार का साथ पाकर उन्होंने शुरुआती दौर में जो सहजता महसूस की, उसने उनके आत्मविश्वास को और भी पुख्ता कर दिया।




