चेन्नई में ली अंतिम सांस, दक्षिण भारतीय संगीत जगत को एक बड़ा झटका
दक्षिण भारतीय सिनेमा के जाने-माने और लोकप्रिय संगीतकार देवा अब हमारे बीच नहीं रहे। 75 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया है। स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के चलते उन्हें चेन्नई के सूर्या अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने सुबह करीब 8:30 बजे अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर सामने आते ही पूरी फिल्म इंडस्ट्री और उनके चाहने वालों में शोक की लहर दौड़ गई।
देवा का मूल नाम देवनेसन चोकलिंगम था, लेकिन वे अपनी कला की दुनिया में 'देवा' नाम से ही अमर हो गए। चेन्नई के मायलापुर में जन्मे इस महान संगीतकार ने तमिल सिनेमा में 'गाना' (Gaana) संगीत को मुख्यधारा में लाने और उसे लोकप्रिय बनाने में सबसे बड़ा योगदान दिया था। उनके जाने से एक ऐसा शून्य पैदा हो गया है जिसे भर पाना बेहद कठिन है।
400 से अधिक फिल्मों में दिया था यादगार और सदाबहार संगीत
अपने तीन दशक से अधिक लंबे शानदार करियर के दौरान देवा ने तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम भाषा की 400 से अधिक फिल्मों के लिए संगीत तैयार किया। अस्सी के दशक के अंत और नब्बे के दौर में उनकी धुनों का जादू सिर चढ़कर बोलता था। उन्होंने कई बड़े फिल्म निर्माताओं और दिग्गज अभिनेताओं के साथ काम करके एक से बढ़कर एक सुपरहिट साउंडट्रैक दिए।
सुपरस्टार रजनीकांत की ब्लॉकबस्टर फिल्मों जैसे 'अन्नामलाई' और 'बाशा' के गानों ने बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रच दिया था। इसके अलावा 'आसई', 'कधल कोट्टई', 'नेरुक्कू नेर', 'निनैथेन वंधई', 'प्रियमुदन', 'वाली' और 'कुशी' जैसी फिल्मों में उनके द्वारा रचे गए गीत आज भी लोगों की जुबान पर हैं। उनकी बहुमुखी प्रतिभा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने रोमांटिक गानों के साथ-साथ कई लोकप्रिय भक्ति गीत भी बनाए।
रजनीकांत और कमल हासन ने जताया गहरा दुख, सीएम विजय ने दी श्रद्धांजलि
देवा के निधन पर सिनेमा जगत के तमाम दिग्गजों ने सोशल मीडिया और व्यक्तिगत रूप से पहुंचकर गहरा शोक व्यक्त किया है। सुपरस्टार रजनीकांत उनके घर पहुंचे और उनके पार्थिव दर्शन किए। रजनीकांत ने कहा कि देवा का दिल सोने जैसा साफ था। वहीं, कमल हासन ने अपने करीबी मित्र के जाने पर दुख जताते हुए एक पुराना संस्मरण साझा किया और कहा कि उनके साथ बिताए गए पल हमेशा याद रहेंगे।
"मेरे भाई देवा का अचानक चले जाना एक बड़ा झटका है। वो हमेशा जोश और हंसी-मजाक से भरे रहते थे। 'अव्वई षणमुगी' और 'पंचतंत्रम' जैसी फिल्मों में उनके साथ बिताए गए खुशी के पल आज भी मेरी यादों में ताजा हैं।" — कमल हासन, अभिनेता
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय भी तुरंत दिवंगत संगीतकार के आवास पर पहुंचे और उनके बेटे श्रीकांत देवा को ढांढस बंधाया। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि इस महान कलाकार का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और उप मुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने भी उनके आवास पर जाकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
संगीत जगत में हमेशा अमर रहेगा उनका अनमोल योगदान
देवा को मुख्य रूप से चेन्नई के पारंपरिक 'गाना' संगीत को आधुनिक फिल्मों की रिदम में पिरोने का श्रेय दिया जाता है। उनके ऊर्जावान लोक-संगीत आधारित गाने हर वर्ग के लोगों की पहली पसंद बन गए थे। उन्होंने जिस तरह से अपनी धुनों से लोगों के दिलों पर राज किया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत रहेगा।
भले ही आज देवा हमारे बीच शारीरिक रूप से मौजूद नहीं हैं, लेकिन उनका संगीत और उनकी अनमोल धुनें हमेशा जीवित रहेंगी। उनके चाहने वाले और संगीत प्रेमी उन्हें एक महान कंपोजर के रूप में हमेशा याद रखेंगे, जिन्होंने दक्षिण भारतीय सिनेमा के संगीत इतिहास को एक नई दिशा और पहचान दी।












