सत्य निकेतन हादसे के बाद जागा निगम, ताबड़तोड़ चल रहा बुलडोजर
राजधानी दिल्ली में अवैध निर्माण और लापरवाही से चल रहे पीजी (Paying Guest) संचालकों पर नगर निगम की टेढ़ी नजर पड़ गई है। सत्य निकेतन इलाके में हाल ही में हुए एक दर्दनाक हादसे के बाद से MCD ने पूरे शहर में ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू कर दी है। इस हादसे में पांच छात्रों समेत कुल सात बेकसूर लोगों की जान चली गई थी, जिसके बाद से लगातार निगम पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे थे।
इस भीषण हादसे के बाद मेयर और कमिश्नर के आदेश पर MCD ने एक्शन का दायरा काफी बढ़ा दिया है। अनधिकृत और असुरक्षित इमारतों को चिन्हित कर उन पर तुरंत बुलडोजर चलाया जा रहा है। विरोधियों के हमलों और जनता के आक्रोश के बीच निगम प्रशासन यह दिखाने की कोशिश कर रहा है कि अवैध निर्माण के खिलाफ अब कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
संबंधित खबरें
दो हफ्तों के भीतर 397 इमारतों पर चला MCD का हथौड़ा
MCD के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 6 सितंबर से 18 सितंबर के बीच निगम ने भारी मात्रा में अवैध निर्माण के खिलाफ विध्वंस अभियान चलाया। इस दौरान कुल 397 प्रॉपर्टीज को जमींदोज कर दिया गया, जबकि सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाली 152 इमारतों पर ताले जड़ दिए गए।
सिर्फ इतना ही नहीं, इस दो हफ्ते के अभियान में 310 लोगों को अवैध निर्माण के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। इसके अलावा 178 सीलिंग नोटिस और 80 डिमोलिशन ऑर्डर भी पास किए गए। अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान अभी थमेगा नहीं और शहर के हर कोने में अवैध निर्माण करने वालों पर शिकंजा कसा जाएगा।
महज एक दिन में 41 संपत्तियों पर हुई बड़ी कार्रवाई
कार्रवाई की तेजी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि केवल 18 सितंबर को ही MCD ने एक दिन में 41 प्रॉपर्टीज पर तोड़फोड़ की कार्रवाई की। इसके साथ ही उसी दिन 10 इमारतों को सील किया गया और 42 नए नोटिस जारी किए गए।
साकेत और मालवीय नगर के बाद सत्य निकेतन की घटना ने स्थानीय प्रशासन की नींद उड़ा दी है। जोनवार अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने इलाकों में चल रहे अवैध निर्माण और पीजी सेंटर्स की तुरंत जांच करें। लापरवाही मिलने पर सीधे तौर पर फील्ड स्टाफ और इंजीनियरों के खिलाफ भी निलंबन की कार्रवाई की जा रही है।
"दिल्ली में अवैध और असुरक्षित निर्माण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। जनता की सुरक्षा हमारे लिए सबसे ऊपर है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।" — वरिष्ठ एमसीडी अधिकारी, दिल्ली नगर निगम
रिहायशी इलाकों में चल रही कमर्शियल गतिविधियों पर भी शिकंजा
सिर्फ इमारतों की तोड़फोड़ ही नहीं, बल्कि MCD ने पिछले तीन महीनों में रिहायशी इलाकों का बड़ा सर्वे भी पूरा किया है। इस दौरान करीब 404 कॉलोनियों और 168 वार्डों की लगभग तीन लाख संपत्तियों का सर्वे किया गया है।
इस बड़े सर्वे में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं और 8,000 से ज्यादा ऐसी जगहों की पहचान की गई है जहां रिहायशी इलाकों में अवैध रूप से कमर्शियल गतिविधियां चलाई जा रही थीं। मास्टर प्लान के नियमों के खिलाफ चल रही इन गतिविधियों में से कई पर सीलिंग की कार्रवाई शुरू कर दी गई है और बाकी पर भी जल्द ही हथौड़ा चलने वाला है।
