विज्ञापन • ADVERTISEMENT
होम/अंतर्राष्ट्रीय/पारंपरिक करियर को अलविदा: होटल मैनेजमेंट के दम पर अमेरिका तक का सफर, वायरल वीडियो ने खोली आंखें
अंतर्राष्ट्रीयपढ़ने में समय: 6 मिनट

पारंपरिक करियर को अलविदा: होटल मैनेजमेंट के दम पर अमेरिका तक का सफर, वायरल वीडियो ने खोली आंखें

भारत से अमेरिका जाकर पेस्ट्री शेफ के रूप में अपनी किस्मत आजमाने वाले कार्तिक चौहान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। उन्होंने अपने संघर्ष की कहानी साझा करते हुए बताया है कि कैसे सही करियर चुनाव और कड़ी मेहनत ने उनकी जिंदगी की दिशा बदल दी।
✍️
नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस
राष्ट्रीय संपादकीय ब्यूरो•28 सितंबर 2026 • अपडेटेड•97
🌐Read in English →
शेयर करें:
पारंपरिक करियर को अलविदा: होटल मैनेजमेंट के दम पर अमेरिका तक का सफर, वायरल वीडियो ने खोली आंखें
📷 पारंपरिक करियर को अलविदा: होटल मैनेजमेंट के दम पर अमेरिका तक का सफर, वायरल वीडियो ने खोली आंखें — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • कार्तिक चौहान ने पारंपरिक करियर से हटकर होटल मैनेजमेंट चुना और पेस्ट्री शेफ के रूप में करियर की शुरुआत की।
  • मैरियट होटल में तीन साल तक काम करने के बाद उन्हें अमेरिका जाने का शानदार अवसर मिला।
  • वायरल वीडियो में उन्होंने स्पष्ट किया कि विदेश जाने से संघर्ष कम नहीं होता, लेकिन मेहनत का आर्थिक रिटर्न बहुत बेहतर मिलता है।

पारंपरिक रास्तों से हटकर चुना नया सफर

आज के दौर में जहां अधिकांश युवा एक तयशुदा लीक पर चलना पसंद करते हैं, वहीं कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो लीक से हटकर अपने सपनों की उड़ान भरना चाहते हैं। सोशल मीडिया पर इन दिनों कार्तिक चौहान नाम के एक युवा की कहानी काफी चर्चा का विषय बनी हुई है। उन्होंने यह साबित कर दिया है कि अगर आपके भीतर कुछ अलग करने का जज्बा है और आप सही समय पर सही फैसला लेते हैं, तो सफलता जरूर मिलती है। उनका यह सफर उन तमाम युवाओं के लिए एक बड़ी मिसाल है जो अपने करियर को लेकर असमंजस की स्थिति में रहते हैं और पारंपरिक नौकरियों के दबाव में घुटन महसूस करते हैं।

कार्तिक ने अपने करियर की शुरुआत में ही यह भांप लिया था कि उन्हें अपनी रुचि के अनुसार ही आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने भीड़भाड़ वाली पारंपरिक डिग्रियों और नौकरियों के चक्कर में पड़ने के बजाय होटल इंडस्ट्री का रुख किया। होटल मैनेजमेंट के क्षेत्र में कदम रखना उनके जीवन का सबसे बड़ा और निर्णायक मोड़ साबित हुआ। इस फील्ड में उन्होंने न सिर्फ सैद्धांतिक ज्ञान प्राप्त किया, बल्कि जमीन पर उतरकर बारीकियों को भी समझा, जो आगे चलकर उनके बहुत काम आया।

उनकी यह कहानी हमें सिखाती है कि करियर में बदलाव लाने से डरना नहीं चाहिए। कई बार हम सुरक्षित रास्तों के चक्कर में अपनी असली क्षमता को दबा देते हैं। कार्तिक ने समय रहते अपनी प्राथमिकताओं को समझा और एक ऐसा रास्ता चुना जिसमें उनकी गहरी रुचि थी। यही वजह है कि आज उनका सफर सोशल मीडिया पर हजारों युवाओं के बीच प्रेरणा का स्रोत बन गया है और लोग उनके इस साहसिक कदम की सराहना कर रहे हैं。

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

मैरियट होटल से मिला बड़ा मौका और बदली जिंदगी

होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई पूरी करने के बाद कार्तिक चौहान ने अपनी पेशेवर यात्रा की शुरुआत एक पेस्ट्री शेफ के तौर पर की। उन्होंने देश के प्रतिष्ठित मैरियट होटल समूह में करीब तीन साल तक पूरी निष्ठा और लगन के साथ काम किया। इस दौरान उन्होंने पेस्ट्री और बेकिंग की बारीकियों को बेहद करीब से सीखा। एक प्रोफेशनल किचन में काम करना आसान नहीं होता, वहां लंबे घंटे, भारी दबाव और शारीरिक श्रम की जरूरत होती है। कार्तिक ने इन चुनौतियों का डटकर सामना किया और अपने काम से अपनी एक अलग पहचान बनाई।

मैरियट होटल में उनके द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्य और उनकी कार्यकुशलता ही थी जिसने उनके लिए विदेशों के रास्ते खोले। होटल इंडस्ट्री में काम करने के दौरान ही उन्हें अमेरिका जाने का सुनहरा अवसर प्राप्त हुआ। एक भारतीय युवा के लिए विदेश जाकर अपने हुनर का लोहा मनवाना किसी बड़े सपने के सच होने जैसा था। उन्होंने इस मौके को बिना किसी संकोच के स्वीकार किया और इसे अपनी जिंदगी की एक नई और शानदार शुरुआत के रूप में देखा।

उनके इस अनुभव से यह स्पष्ट होता है कि आपका हुनर कभी बेकार नहीं जाता। अगर आप अपने काम में पूरी तरह समर्पित हैं और लगातार कुछ नया सीख रहे हैं, तो अवसर खुद-ब-खुद आपके दरवाजे पर दस्तक देते हैं। कार्तिक का पेस्ट्री शेफ के रूप में सफर इस बात का प्रमाण है कि छोटी शुरुआत भी अगर सही दिशा में हो, तो वह आपको दुनिया के किसी भी कोने तक पहुंचा सकती है।

अमेरिका में संघर्ष और हकीकत का कड़वा सच

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे अपने वीडियो में कार्तिक ने बहुत ही व्यावहारिक बातें साझा की हैं। उन्होंने उन लोगों की सोच को आईना दिखाया है जो यह मानते हैं कि देश बदलते ही इंसान की सारी मुश्किलें रातों-रात खत्म हो जाती हैं। कार्तिक का स्पष्ट कहना है कि अमेरिका या किसी भी अन्य विकसित देश में जाने से जीवन की चुनौतियां खत्म नहीं होतीं। वहां भी उतनी ही कड़ी मेहनत, भारी जिम्मेदारियां और काम का जबर्दस्त मानसिक व शारीरिक दबाव बना रहता है।

विदेश जाने के बाद शुरुआती दौर में हर किसी को एक नए माहौल में खुद को ढालना पड़ता है। भाषा, रहन-सहन, संस्कृति और काम करने के तौर-तरीकों में तालमेल बिठाना आसान नहीं होता। कार्तिक ने भी इन तमाम मुश्किलों का सामना किया और अपनी मेहनत के दम पर वहां टिके रहे। उनका यह संदेश उन युवाओं के लिए बेहद जरूरी है जो विदेश जाने को सभी समस्याओं का जादुई समाधान मान लेते हैं।

"देश बदलने से मुश्किलें पूरी तरह खत्म नहीं हो जातीं। अमेरिका में भी मेहनत, जिम्मेदारियां और काम का दबाव बना रहता है, लेकिन फर्क मेहनत के बदले मिलने वाले आर्थिक फायदे में साफ महसूस होता है।" — कार्तिक चौहान, पेस्ट्री शेफ एवं कंटेंट क्रिएटर

कार्तिक के अनुसार, संघर्ष दोनों ही जगहों पर करना पड़ता है, चाहे वह भारत हो या अमेरिका। फर्क सिर्फ इस बात का है कि विकसित देशों में आपके द्वारा की गई कड़ी मेहनत और पसीने का उचित आर्थिक रिवॉर्ड मिलता है। वहां का सिस्टम आपके काम की सही कीमत चुकाता है, जिससे जीवन स्तर में सुधार लाना थोड़ा आसान हो जाता है। यही कारण है कि उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर बहस का एक बड़ा मुद्दा बन गया है।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस और करियर की नई परिभाषा

जब से कार्तिक चौहान का यह वीडियो इंटरनेट पर सामने आया है, तब से इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं। लोग केवल अमेरिका और भारत की जीवनशैली या कमाई की तुलना करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे इस बात पर भी गंभीरता से विचार कर रहे हैं कि आज के युवाओं को अपने करियर का चुनाव कैसे करना चाहिए। कई यूजर्स का मानना है कि पारंपरिक इंजीनियरिंग या मेडिकल की दौड़ से बाहर निकलकर अपनी पसंद के क्षेत्रों में हाथ आजमाना आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत बन गया है।

हालांकि, इस तरह की तुलना को हर व्यक्ति के जीवन पर हूबहू लागू नहीं किया जा सकता। जानकारों का यह भी कहना है कि विदेश में होने वाली कमाई और वहां के खर्चे, टैक्स, जीवनशैली और काम के घंटे बहुत अलग होते हैं। एक व्यक्ति का अनुभव दूसरे के लिए पैमाना नहीं बन सकता। हर किसी की अपनी परिस्थितियां और संघर्ष होते हैं। इसके बावजूद, यह वीडियो लोगों को पारंपरिक सोच से बाहर निकलने और अपनी काबिलियत पर भरोसा करने की एक नई दृष्टि जरूर दे रहा है।

प्रायोजित • SPONSORED
❤️
100% पाठक समर्थित मीडिया

निष्पक्ष व निडर पत्रकारिता को आपका साथ चाहिए

द फ्रीलांस बिना किसी कॉर्पोरेट या राजनीतिक दबाव के जनसरोकार की खबरें आप तक पहुँचाता है। आपका छोटा सा योगदान भी हमारी स्वतंत्रता की ताकत है।

संबंधित खबरें

अवैध रूप से भारत आए 18 बांग्लादेशी गुवाहाटी में पकड़े गए, असम पुलिस ने होटल में छापेमारी कर दबोचा

अवैध रूप से भारत आए 18 बांग्लादेशी गुवाहाटी में पकड़े गए, असम पुलिस ने होटल में छापेमारी कर दबोचा

मैं डींग नहीं मार रहा, किसी..., नोबेल के लिए भारत-पाकिस्तान का ट्रंप ने फिर लिया नाम

मैं डींग नहीं मार रहा, किसी..., नोबेल के लिए भारत-पाकिस्तान का ट्रंप ने फिर लिया नाम

ट्रंप ने नहीं लिया भारत का नाम, पर नोबेल तो मांग ही लिया; कमेटी को खूब सुनाया

ट्रंप ने नहीं लिया भारत का नाम, पर नोबेल तो मांग ही लिया; कमेटी को खूब सुनाया

वैज्ञानिक फ्रांसिस हाल्जेन को दिया गया फिजिक्स में नोबेल पुरस्कार, न्यूट्रिनो की खोज के लिए मिला सम्मान

वैज्ञानिक फ्रांसिस हाल्जेन को दिया गया फिजिक्स में नोबेल पुरस्कार, न्यूट्रिनो की खोज के लिए मिला सम्मान

ईरान पर बड़े हमले की तैयारी में ट्रंप, अमेरिकी सेना को तैयार रहने का आदेश, नेतन्याहू से की फोन पर बात

ईरान पर बड़े हमले की तैयारी में ट्रंप, अमेरिकी सेना को तैयार रहने का आदेश, नेतन्याहू से की फोन पर बात

जब इस्लामाबाद के आसमान में भारतीय जेट ने धमाके किए: ढाका, श्रीलंका से मालदीव तक; भारतीय वायुसेना की बहादुरी...

जब इस्लामाबाद के आसमान में भारतीय जेट ने धमाके किए: ढाका, श्रीलंका से मालदीव तक; भारतीय वायुसेना की बहादुरी...

जर्मनी के खुफिया एजेंसी के पूर्व प्रमुख देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार, गुप्त दस्तावेज के लिए दिए थे पैसे

जर्मनी के खुफिया एजेंसी के पूर्व प्रमुख देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार, गुप्त दस्तावेज के लिए दिए थे पैसे

यूक्रेन पर रूस का भीषण मिसाइल और ड्रोन हमला, राष्ट्रपति पुतिन के जन्मदिन पर हुए हमलों में 4 बच्चों समेत 19 की मौत

यूक्रेन पर रूस का भीषण मिसाइल और ड्रोन हमला, राष्ट्रपति पुतिन के जन्मदिन पर हुए हमलों में 4 बच्चों समेत 19 की मौत

✍️

नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस

सत्यापित संपादकीय डेस्क

राजनीतिक, नीतिगत एवं राष्ट्रीय सरोकार रिपोर्टिंग टीम

द फ्रीलांस की राष्ट्रीय संपादकीय डेस्क देश की राजनीति, संसद, नीतिगत फैसलों, केंद्रीय योजनाओं और जनसरोकार से जुड़े बड़े मुद्दों पर 24/7 निष्पक्ष, तथ्यपरक और खोजी रिपोर्टिंग करती है। यह टीम दोहरे तथ्य-सत्यापन के कठोर सिद्धांतों का पालन करती है। हम निष्पक्ष, सटीक और तथ्यात्मक पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न प्रमाणित समाचार एजेंसियों, आधिकारिक बयानों और स्थानीय संवाददाताओं से प्राप्त इनपुट के आधार पर तैयार की जाती है।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

संबंधित विजुअल स्टोरीज (Web Stories)

TAP TO VIEW

‘#careertips’ व अंतर्राष्ट्रीय से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें

अवैध रूप से भारत आए 18 बांग्लादेशी गुवाहाटी में पकड़े गए, असम पुलिस ने होटल में छापेमारी कर दबोचाINTERNATIONAL

अवैध रूप से भारत आए 18 बांग्लादेशी गुवाहाटी में पकड़े गए, असम पुलिस ने होटल में छापेमारी कर दबोचा

8 अक्टू॰46
मैं डींग नहीं मार रहा, किसी..., नोबेल के लिए भारत-पाकिस्तान का ट्रंप ने फिर लिया नामINTERNATIONAL

मैं डींग नहीं मार रहा, किसी..., नोबेल के लिए भारत-पाकिस्तान का ट्रंप ने फिर लिया नाम

8 अक्टू॰38
ट्रंप ने नहीं लिया भारत का नाम, पर नोबेल तो मांग ही लिया; कमेटी को खूब सुनायाINTERNATIONAL

ट्रंप ने नहीं लिया भारत का नाम, पर नोबेल तो मांग ही लिया; कमेटी को खूब सुनाया

8 अक्टू॰38
वैज्ञानिक फ्रांसिस हाल्जेन को दिया गया फिजिक्स में नोबेल पुरस्कार, न्यूट्रिनो की खोज के लिए मिला सम्मानINTERNATIONAL

वैज्ञानिक फ्रांसिस हाल्जेन को दिया गया फिजिक्स में नोबेल पुरस्कार, न्यूट्रिनो की खोज के लिए मिला सम्मान

8 अक्टू॰47
ईरान पर बड़े हमले की तैयारी में ट्रंप, अमेरिकी सेना को तैयार रहने का आदेश, नेतन्याहू से की फोन पर बातINTERNATIONAL

ईरान पर बड़े हमले की तैयारी में ट्रंप, अमेरिकी सेना को तैयार रहने का आदेश, नेतन्याहू से की फोन पर बात

8 अक्टू॰40
जब इस्लामाबाद के आसमान में भारतीय जेट ने धमाके किए: ढाका, श्रीलंका से मालदीव तक; भारतीय वायुसेना की बहादुरी...INTERNATIONAL

जब इस्लामाबाद के आसमान में भारतीय जेट ने धमाके किए: ढाका, श्रीलंका से मालदीव तक; भारतीय वायुसेना की बहादुरी...

8 अक्टू॰38
जर्मनी के खुफिया एजेंसी के पूर्व प्रमुख देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार, गुप्त दस्तावेज के लिए दिए थे पैसेINTERNATIONAL

जर्मनी के खुफिया एजेंसी के पूर्व प्रमुख देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार, गुप्त दस्तावेज के लिए दिए थे पैसे

8 अक्टू॰29
यूक्रेन पर रूस का भीषण मिसाइल और ड्रोन हमला, राष्ट्रपति पुतिन के जन्मदिन पर हुए हमलों में 4 बच्चों समेत 19 की मौतINTERNATIONAL

यूक्रेन पर रूस का भीषण मिसाइल और ड्रोन हमला, राष्ट्रपति पुतिन के जन्मदिन पर हुए हमलों में 4 बच्चों समेत 19 की मौत

7 अक्टू॰20
विज्ञापन • ADVERTISEMENT