नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर अक्सर ऐसे वीडियो सामने आते हैं जो इंसानियत और कुदरत के बीच के अनूठे रिश्तों को बयां करते हैं। हाल ही में इंटरनेट पर एक ऐसा ही बेहद भावुक कर देने वाला वीडियो चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसमें एक विशालकाय हाथी भारी बारिश के बीच कुछ लाचार कुत्तों के लिए सुरक्षा कवच बनता नजर आ रहा है। इस वीडियो ने देखने वाले हर शख्स को अंदर से झकझोर दिया है और वन्यजीवों की संवेदनशीलता पर एक नई बहस छेड़ दी है।
यह वीडियो भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारी सुशांत नंदा (@susantananda3) द्वारा अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर साझा किया गया है। वीडियो के साथ उन्होंने कैप्शन में लिखा, 'You can chain his body, But not his compassionate soul 💕' (आप उसके शरीर को जंजीरों में बांध सकते हैं, लेकिन उसकी दयालु आत्मा को नहीं)। यह क्लिप अब इंटरनेट पर आग की तरह फैल चुकी है और लोग इस पर जमकर प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
घटना का विवरण और पृष्ठभूमि:
वायरल हो रही इस फुटेज में देखा जा सकता है कि आसमान से मूसलाधार बारिश बरस रही है और आसपास कुछ आवारा कुत्ते ठंड और पानी से बचने के लिए शरण तलाश रहे हैं। ऐसे में एक बड़ा हाथी वहां खड़ा है और उसने अपने भारी-भरकम शरीर से एक तरह की ढाल बना ली है, जिसके पीछे वे कुत्ते सुरक्षित खड़े होकर बारिश से बच रहे हैं। हाथी की यह शांत मुद्रा और बेजुबानों के प्रति उसका यह सुरक्षात्मक रवैया सोशल मीडिया यूजर्स को बेहद अचंभित कर रहा है। इंटरनेट पर इस वीडियो की पृष्ठभूमि को लेकर कई चर्चाएं चल रही हैं, जहां लोग इसे प्रकृति की करुणा का एक जीवंत उदाहरण मान रहे हैं।
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सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं का तांता:
इस वीडियो के सामने आने के बाद से ही एक्स (ट्विटर) और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कमेंट्स की बाढ़ आ गई है। यूजर्स का कहना है कि जानवर भले ही बोल नहीं सकते, लेकिन उनमें इंसानों से कहीं ज्यादा संवेदना और समझ होती है। कई लोगों ने लिखा कि इस वीडियो को देखने के बाद उन्हें अहसास हुआ कि करुणा की कोई प्रजाति नहीं होती। एक यूजर ने लिखा, 'यह इस बात का सबूत है कि इस धरती पर सबसे दयालु प्राणी भी कभी-कभी बिना किसी स्वार्थ के मदद करते हैं।' वहीं तमाम अन्य यूजर्स ने हाथी के इस स्वभाव की जमकर सराहना की है।
निष्पक्षता व आधिकारिक स्थिति:
यद्यपि यह वीडियो इंटरनेट पर बड़े पैमाने पर सराहा जा रहा है और वन्यजीव प्रेमियों के बीच साझा किया जा रहा है, लेकिन 'द फ्रीलान्स' स्वतंत्र रूप से इस बात की पुष्टि नहीं करता है कि यह वीडियो किस भौगोलिक स्थान, समय या परिस्थिति में रिकॉर्ड किया गया था। वीडियो में दिख रही परिस्थितियां पूरी तरह से प्राथमिक रूप से उपलब्ध सोशल मीडिया इनपुट और चर्चाओं पर आधारित हैं।







