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जरूरत की खबर: मैदा, गोंद और तेल से बन रहा था जहर, गाजियाबाद में 1200 किलो नकली काली मिर्च का भंडाफोड़

द फ्रीलांस की ऑन-द-ग्राउंड पड़ताल में खुलासा हुआ है कि मसालों के राजा कहे जाने वाली काली मिर्च में मैदा और रिफाइंड तेल की खतरनाक मिलावट की जा रही है। जानिए कैसे घर पर करें असली और नकली की पहचान।
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लाइफस्टाइल एवं स्वास्थ्य डेस्क, द फ्रीलांस
स्वास्थ्य व वेलनेस डेस्क•6 अक्टूबर 2026 • अपडेटेड•33
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जरूरत की खबर: मैदा, गोंद और तेल से बन रहा था जहर, गाजियाबाद में 1200 किलो नकली काली मिर्च का भंडाफोड़
📷 जरूरत की खबर: मैदा, गोंद और तेल से बन रहा था जहर, गाजियाबाद में 1200 किलो नकली काली मिर्च का भंडाफोड़ — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • द फ्रीलांस की ऑन-द-ग्राउंड पड़ताल में खुलासा हुआ है कि मसालों के राजा कहे जाने वाली काली मिर्च में मैदा और रिफाइंड तेल की खतरनाक मिलावट की जा रही है। जानिए कैसे घर पर करें असली और नकली की पहचान।
  • इस खबर से जुड़े सभी पहलुओं की जांच और निगरानी संबंधित विभागों द्वारा की जा रही है।
  • विशेषज्ञों के अनुसार इस घटनाक्रम का आम जनता पर सीधा असर पड़ सकता है।

रसोई की शान और हर भारतीय व्यंजन की जान कही जाने वाली काली मिर्च क्या वाकई शुद्ध है? 'द फ्रीलांस' की टीम ने जब इस सवाल की तह तक जाने की कोशिश की, तो गाजियाबाद में फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट की एक बड़ी छापेमारी ने चौंकाने वाले खुलासे किए। छापेमारी के दौरान करीब 13 लाख रुपए से अधिक कीमत की 1200 किलो मिलावटी काली मिर्च और 975 किलो तैयार माल बरामद किया गया। जांच में सामने आया कि मुनाफाखोर किस तरह मैदा, गोंद, और घटिया दर्जे के रिफाइंड तेल का इस्तेमाल कर लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे थे।

मिलावट का काला कारोबार और सेहत पर प्रहार

श्री बालाजी एक्शन मेडिकल Institute, दिल्ली के डायरेक्टर (इंटरनल मेडिसिन) डॉ. अरविंद अग्रवाल और उत्तर प्रदेश के फूड एनालिस्ट डॉ. उमेश कुमार के अनुसार, काली मिर्च में मिलावट का मुख्य उद्देश्य भारी मुनाफा कमाना है। इसकी ऊंची कीमतों के कारण मिलावटखोर इसमें पपीते के सूखे बीज और हानिकारक केमिकल कोटिंग्स का इस्तेमाल करते हैं।

  • खतरनाक मिलावट: काली मिर्च को बड़ा और चमकदार दिखाने के लिए उस पर जहरीले तेल और गोंद की कोटिंग की जाती है।
  • स्वास्थ्य जोखिम: इसके सेवन से गंभीर फूड पॉइजनिंग, पेट दर्द, उल्टी, दस्त और त्वचा संबंधी एलर्जी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
  • पिसी हुई मिर्च का खतरा: साबुत की तुलना में पिसी हुई काली मिर्च में मिलावट पहचानना और भी कठिन होता है, क्योंकि उसमें सस्ते मसालों का पाउडर मिला दिया जाता है।
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घर पर ऐसे करें असली और नकली काली मिर्च की पहचान

बाजार से लाई गई काली मिर्च पर पूरी तरह आंख मूंदकर भरोसा नहीं किया जा सकता, खासकर तब जब 'ऑर्गेनिक' के नाम पर भी पैकेजिंग के दौरान मिलावट का जोखिम बना रहता है। 'द फ्रीलांस' आपको बता रहा है कुछ बेहद आसान घरेलू उपाय, जिससे आप अपनी रसोई में रखी काली मिर्च की शुद्धता परख सकते हैं:

  • पानी का टेस्ट: एक गिलास पानी में काली मिर्च के दाने डालें। असली दाने भारी होने के कारण तुरंत तली में बैठ जाएंगे, जबकि पपीते के बीज या खोखले नकली दाने पानी पर तैरने लगेंगे।
  • दबाकर देखें: असली काली मिर्च का दाना सख्त होता है और आसानी से नहीं टूटता, जबकि मिलावटी दाना नाखून से दबाने पर आसानी से पिस जाता है या उस पर तेल की चिकनाहट महसूस होती है।
  • स्वाद और महक: असली काली मिर्च तीखी और तेज महक वाली होती है, जबकि मिलावटी दानों में प्राकृतिक तीखापन और खुशबू गायब होती है।

यदि गलती से आपने मिलावटी काली मिर्च का सेवन कर लिया है और आपको गले में जलन, गैस या कोई अन्य असामान्य लक्षण महसूस हो, तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।

द फ्रीलांस पत्रकारिता नीति (Editorial Commitment):हम निष्पक्ष, सटीक और तथ्यात्मक पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न प्रमाणित समाचार एजेंसियों, आधिकारिक बयानों और स्थानीय संवाददाताओं से प्राप्त इनपुट के आधार पर तैयार की गई है।
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