नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — केंद्र सरकार के करोड़ों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग का गठन एक बड़ा मुद्दा बन गया है। हर कोई यह जानना चाहता है कि उनकी सैलरी और पेंशन में कब बड़ा उछाल आएगा। लेकिन ताजा जानकारी के मुताबिक, 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट आने के बाद भी कर्मचारियों की सैलरी तुरंत नहीं बढ़ेगी। फाइल प्रक्रिया और मंजूरियों के बीच एक लंबा समय लग सकता है।
नियमों के मुताबिक, जब भी कोई नया वेतन आयोग बनता है, तो उसे अपनी रिपोर्ट तैयार करने में महीनों का समय लगता है। इसके बाद सरकार इस रिपोर्ट का अध्ययन करती है। कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद ही नई सिफारिशें लागू होती हैं। इस पूरी प्रशासनिक प्रक्रिया में कई महीने और कभी-कभी पूरा एक साल तक का वक्त भी लग जाता है। ऐसे में कर्मचारियों को अपनी बढ़ी हुई सैलरी के लिए थोड़ा सब्र रखना होगा।
देरी होने पर केंद्रीय कर्मचारियों को कितना मिलेगा एरियर
कर्मचारियों के मन में यह सवाल सबसे बड़ा है कि यदि वेतन आयोग लागू होने में देरी होती है, तो क्या उन्हें पुराना पैसा मिलेगा। जानकारों के अनुसार, जब भी नया वेतन आयोग लागू होता है, तो वह एक तय तारीख से प्रभावी माना जाता है। अगर रिपोर्ट आने के बाद इसे लागू करने में वक्त लगता है, तो सरकार कर्मचारियों को उस तय तारीख से जोड़कर पूरा एरियर देती है।
एरियर की यह रकम लाखों रुपये तक हो सकती है क्योंकि यह बकाया महीनों का कुल जोड़ होता है। चपरासी से लेकर बड़े अधिकारियों तक, हर वर्ग के कर्मचारियों को उनकी बेसिक सैलरी के हिसाब से यह बकाया पैसा मिलेगा। हालांकि, यह पैसा एक साथ मिलेगा या किस्तों में, यह उस समय की सरकारी घोषणा पर निर्भर करेगा। लेकिन एरियर का लाभ मिलना लगभग तय माना जा रहा है।
किसकी कितनी बढ़ेगी सैलरी और पेंशन
8वें वेतन आयोग के आने से देश के सभी सरकारी कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। फिटमेंट फैक्टर के आधार पर चपरासी, शिक्षक और बड़े प्रशासनिक अधिकारियों के वेतन में भारी बढ़ोतरी होगी। शुरुआती स्तर के कर्मचारियों से लेकर शीर्ष अधिकारियों तक सभी का न्यूनतम वेतन बढ़ने का अनुमान लगाया जा रहा है।
पेंशन भोगियों को भी इस आयोग से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। हर बार की तरह इस बार भी महंगाई भत्ते और अन्य भत्तों को नए वेतन ढांचे में जोड़ा जाएगा। इससे सरकारी खजाने पर बड़ा असर पड़ेगा, जिस पर वित्त मंत्रालय बारीकी से नजर बनाए हुए है। यही वजह है कि सरकार हर पहलू की जांच के बाद ही इसे अमलीजामा पहनाएगी।
रीचार्ज और इंतजार के बीच कर्मचारियों की उम्मीदें
देशभर के कर्मचारी संगठनों ने सरकार से मांग की है कि 8वें वेतन आयोग का गठन जल्द से जल्द किया जाए। महंगाई लगातार बढ़ रही है, और ऐसे में पुरानी सैलरी से घर चलाना मुश्किल होता जा रहा है। कर्मचारी यह उम्मीद कर रहे हैं कि सरकार प्रक्रिया को तेज करेगी ताकि उन्हें लंबा इंतजार न करना पड़े।
द फ्रीलान्स की ग्राउंड पड़ताल बताती है कि भले ही रिपोर्ट आने के बाद कागजी कार्रवाई में कुछ हफ्ते या महीने लग जाएं, लेकिन कर्मचारियों को वित्तीय लाभ पूरा मिलेगा। जब तक नई व्यवस्था लागू नहीं होती, तब तक मौजूदा महंगाई भत्ते के जरिए कर्मचारियों को राहत देने का सिलसिला जारी रहेगा। कर्मचारियों को सलाह दी जाती है कि वे केवल आधिकारिक बयानों पर ही भरोसा करें।







