होम/देश/एक रुपये की जेब से एक करोड़ का सफर: तंगी से जूझने वाले इस सिंगर ने खोले इंडस्ट्री के काले राज
देशपढ़ने में समय: 6 मिनट

एक रुपये की जेब से एक करोड़ का सफर: तंगी से जूझने वाले इस सिंगर ने खोले इंडस्ट्री के काले राज

देश के पहले रियलिटी सिंगिंग शो के विजेता ने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए संगीत जगत के अंदरूनी सच को उजागर किया है। उन्होंने बताया कि कैसे जेब में महज एक रुपया होने से लेकर एक करोड़ कीनामी राशि जीतने तक का उनका सफर मुश्किलों भरा रहा और आज भी उन्हें इंडस्ट्री में किस तरह के भेदभाव का सामना करना पड़ता है।
The Freelance ब्यूरो
TheFreelance ब्यूरो
25 सितंबर 2026 • अपडेटेड
🌐Read in English →
शेयर करें:
एक रुपये की जेब से एक करोड़ का सफर: तंगी से जूझने वाले इस सिंगर ने खोले इंडस्ट्री के काले राज
📷 एक रुपये की जेब से एक करोड़ का सफर: तंगी से जूझने वाले इस सिंगर ने खोले इंडस्ट्री के काले राज — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • रियलिटी शो के पहले सीजन के विजेता ने अपनी शुरुआती जिंदगी और तंगहाली के दिनों पर खुलकर बात की है।
  • उन्होंने साझा किया किशोरावस्था का वह किस्सा जब जेब में पैसे न होने पर वे बीच रास्ते में रो पड़े थे।
  • संगीत उद्योग के रवैये पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि शो जीतने वालों को अक्सर अलग नजरिए से देखा जाता है।

संगीत की दुनिया का चमकता सितारा और अनकहा संघर्ष

भारतीय टेलीविजन के इतिहास में जब सिंगिंग रियलिटी शो की शुरुआत हुई थी, तब किसी ने नहीं सोचा था कि यह मंच देश के कोने-कोने से छुपे हुए हुनर को इस कदर सामने ले आएगा। इस क्रांति के पहले प्रतीक बने कलाकार ने हाल ही में अपने शुरुआती दिनों के संघर्षों पर ऐसी बातें साझा की हैं, जिन्हें सुनकर किसी की भी आंखें नम हो सकती हैं। आज भले ही वह संगीत प्रेमियों के बीच अपनी पहचान बनाए हुए हैं और अपने सुरों का जादू बिखेर रहे हैं, लेकिन यहां तक पहुंचने का उनका रास्ता कांटों भरा था।

एक आम परिवार से ताल्लुक रखने वाले इस कलाकार के पास बचपन में वह सब सुविधाएं नहीं थीं जो आज के दौर के युवाओं को आसानी से मिल जाती हैं। पढ़ाई का खर्च उठाने और घर की माली हालत सुधारने के लिए उन्हें बेहद कम उम्र में ही मंचों पर गाना शुरू करना पड़ा था। पंडालों और छोटे-मोटे कार्यक्रमों में गाना गाकर मिलने वाले सौ-दो सौ रुपये भी उनके लिए बहुत बड़ी राहत हुआ करते थे। परिवार से आर्थिक सहयोग सीमित होने के कारण उन्हें हर कदम पर खुद ही संघर्ष करना पड़ा था।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

संबंधित खबरें

गर्ल्स हॉस्टल की देसी जुगाड़: कूलर को चोरी होने से बचाने के लिए लगाया ताला, वीडियो हुआ वायरल

गर्ल्स हॉस्टल की देसी जुगाड़: कूलर को चोरी होने से बचाने के लिए लगाया ताला, वीडियो हुआ वायरल

सप्ताहांत में बैंक खोलने के फरमान पर मचा घमासान: क्या हड़ताल से पहले आम जनता को मिलेगी राहत या बढ़ेगी मुसीबत?

सप्ताहांत में बैंक खोलने के फरमान पर मचा घमासान: क्या हड़ताल से पहले आम जनता को मिलेगी राहत या बढ़ेगी मुसीबत?

सस्ते फोन की तलाश हुई खत्म: 6000mAh बैटरी वाला नया स्मार्टफोन इस दिन होगा लॉन्च, जानें खूबियां

सस्ते फोन की तलाश हुई खत्म: 6000mAh बैटरी वाला नया स्मार्टफोन इस दिन होगा लॉन्च, जानें खूबियां

जर्मनी में चरमपंथी राजनीति का खतरनाक उभार: आम नागरिकों के मन में क्यों बढ़ रहा है खौफ और अनिश्चितता का माहौल

जर्मनी में चरमपंथी राजनीति का खतरनाक उभार: आम नागरिकों के मन में क्यों बढ़ रहा है खौफ और अनिश्चितता का माहौल

अंतरिक्ष की गहराइयों से आया रहस्यमयी रेडियो सिग्नल: वैज्ञानिकों ने पकड़ी दूसरे ग्रह की हलचल, खुला बड़ा राज

अंतरिक्ष की गहराइयों से आया रहस्यमयी रेडियो सिग्नल: वैज्ञानिकों ने पकड़ी दूसरे ग्रह की हलचल, खुला बड़ा राज

एआई तकनीक का खतरनाक दुरुपयोग: प्रधानमंत्री के साथ आपत्तिजनक मॉर्फ्ड फोटो वायरल करने पर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई आज

एआई तकनीक का खतरनाक दुरुपयोग: प्रधानमंत्री के साथ आपत्तिजनक मॉर्फ्ड फोटो वायरल करने पर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई आज

सावधान! घरों में पाले गए कुत्ते बन रहे हैं बड़ा खतरा: बुजुर्गों और बीमारों पर हमलों के मामले आए सामने

सावधान! घरों में पाले गए कुत्ते बन रहे हैं बड़ा खतरा: बुजुर्गों और बीमारों पर हमलों के मामले आए सामने

एक बाइक पर सवार हुए 6 स्कूली छात्र: जानलेवा स्टंट का वीडियो वायरल होने पर भारी जुर्माना, वाहन सीज

एक बाइक पर सवार हुए 6 स्कूली छात्र: जानलेवा स्टंट का वीडियो वायरल होने पर भारी जुर्माना, वाहन सीज

जब जेब में बचे थे सिर्फ ग्यारह रुपये और रास्ते में खराब हो गई बस

अपने शुरुआती दिनों का एक ऐसा मार्मिक किस्सा उन्होंने साझा किया है जो किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। महज पंद्रह साल की उम्र में जब वे अपनी संगीत की जरूरतों और यात्रा के लिए घर से निकले थे, तब उनके पास पैसों की भारी कमी थी। उस वक्त उनके पास कुल मिलाकर ग्यारह रुपये थे। इसमें से दस रुपये की बस की टिकट थी और एक रुपया अतिरिक्त था।

सफर के दौरान अचानक बीच रास्ते में उनकी बस खराब हो गई। अब उनके पास न तो दूसरी बस पकड़ने के लिए पैसे बचे थे और न ही वे घर लौट सकते थे। उस एक रुपये से उन्होंने किसी तरह अपने एक परिचित को फोन करने की कोशिश की, लेकिन वह एक रुपया भी खर्च हो गया। बीच रास्ते में खुद को पूरी तरह लाचार पाकर वह किशोर सड़क पर फूट-फूटकर रोने लगा।

राहत की बात यह रही कि उस मुश्किल घड़ी में एक स्थानीय दुकानदार आगे आया और उसने उनकी मदद की। उस भले इंसान ने उन्हें सुरक्षित उनके घर तक पहुंचाया। इस घटना ने उनके जीवन को एक नया नजरिया दिया और उन्हें विश्वास दिलाया कि कठिन समय में ईश्वर किसी न किसी रूप में मदद के लिए जरूर फरिश्ते भेजते हैं।

रियलिटी शो की जीत और बैंक खाते में जमा हुई पुरस्कार राशि

समय का पहिया घूमा और उनकी मेहनत रंग लाई। देश के सबसे बड़े सिंगिंग रियलिटी शो के पहले सीजन में उन्होंने अपनी आवाज के दम पर ट्रॉफी अपने नाम कर ली। इस जीत के साथ ही उन्हें एक करोड़ रुपये की भारी-भरकम पुरस्कार राशि मिली। उस दौर में इतनी बड़ी रकम मिलना किसी चमत्कार से कम नहीं था। उन्होंने समझदारी दिखाते हुए इस पूरी राशि को बैंक में सुरक्षित जमा कर दिया ताकि भविष्य की अनिश्चितताओं से निपटा जा सके।

लेकिन यह जीत उनके लिए सिर्फ खुशियां ही नहीं लाई, बल्कि इसके साथ एक नया दौर शुरू हुआ जिसे उन्होंने संगीत जगत का कड़वा सच बताया है। शो जीतने के बाद उन्हें लगा था कि उनके लिए प्लेबैक सिंगिंग के रास्ते हमेशा के लिए खुल जाएंगे, लेकिन वास्तविकता इसके बिल्कुल विपरीत थी।

"ईगो मसाज इंडस्ट्री की सबसे गलत चीज है। रियलिटी शो के विनर्स को लोग एक तरह का श्राप मानते हैं। वे सोचते हैं कि इसे तो फेम मिल गया, अब इसे क्यों गाने दें? आपके टैलेंट का जजमेंट आपके काम से नहीं बल्कि आपके व्यवहार और सामने वाले के अहंकार से तय होता है।" — अभिजीत सावंत, प्रसिद्ध गायक

संगीत उद्योग की कड़वी सच्चाई और 'ईगो मसाज' का खेल

इंडस्ट्री के अंदरूनी समीकरणों पर खुलकर बोलते हुए उन्होंने बताया कि किस तरह शो जीतने वाले कलाकारों के साथ भेदभाव किया जाता है। संगीत जगत के कई लोग रियलिटी शो के विजेताओं को लेकर पूर्वाग्रह से ग्रसित होते हैं। उन्हें लगता है कि विजेता बनने के बाद कलाकार के पास पर्याप्त पैसा और शोहरत आ चुकी है, इसलिए उसे रियायत या विशेष अवसरों की जरूरत नहीं है।

उन्होंने यह भी खुलासा किया कि आज भी उन्हें काम के लिए खुद पहल करनी पड़ती है, हालांकि अब उन्होंने इसमें कमी कर दी है। फिल्म इंडस्ट्री में काम पाने के लिए केवल अच्छी गायकी काफी नहीं होती, बल्कि वहां के नियमों और समीकरणों में फिट बैठना जरूरी माना जाता है, जो कई बार प्रतिभाशाली कलाकारों के लिए मानसिक रूप से थका देने वाला होता है।

बदलते दौर में सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की ताकत

परंपरागत फिल्म संगीत और प्लेबैक सिंगिंग के एकाधिकार पर वार करते हुए इस दिग्गज कलाकार ने आज की नई पीढ़ी को एक नया रास्ता दिखाया है। उनका मानना है कि अब कलाकारों को सिर्फ फिल्मों के भरोसे बैठने की कोई जरूरत नहीं है। आज के डिजिटल युग में कई ऐसे मंच मौजूद हैं जहां आप अपनी प्रतिभा को सीधे दुनिया के सामने रख सकते हैं।

यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया माध्यमों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सिंगर्स ने प्लेबैक सिंगिंग को बहुत बड़ा हवा बना दिया है, जबकि असलियत में ऐसा कुछ नहीं है। आप खुद अपनी धुनें तैयार कर सकते हैं, अपनी रचनाधर्मिता दिखा सकते हैं और सीधे अपने श्रोताओं से जुड़ सकते हैं। उनका यह सफर इस बात की मिसाल है कि चाहे परिस्थितियां कितनी भी प्रतिकूल क्यों न हों, यदि आपके अंदर सच्ची लगन है, तो आप हर बाधा को पार कर अपनी मंजिल पा सकते हैं।

द फ्रीलांस पत्रकारिता नीति (Editorial Commitment):हम निष्पक्ष, सटीक और तथ्यात्मक पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न प्रमाणित समाचार एजेंसियों, आधिकारिक बयानों और स्थानीय संवाददाताओं से प्राप्त इनपुट के आधार पर तैयार की गई है।
विज्ञापन एवं अनुशंसित सामग्री • RECOMMENDED

संबंधित खबरें (Related Articles)

गर्ल्स हॉस्टल की देसी जुगाड़: कूलर को चोरी होने से बचाने के लिए लगाया ताला, वीडियो हुआ वायरलNATIONAL

गर्ल्स हॉस्टल की देसी जुगाड़: कूलर को चोरी होने से बचाने के लिए लगाया ताला, वीडियो हुआ वायरल

25 सित॰
सप्ताहांत में बैंक खोलने के फरमान पर मचा घमासान: क्या हड़ताल से पहले आम जनता को मिलेगी राहत या बढ़ेगी मुसीबत?NATIONAL

सप्ताहांत में बैंक खोलने के फरमान पर मचा घमासान: क्या हड़ताल से पहले आम जनता को मिलेगी राहत या बढ़ेगी मुसीबत?

25 सित॰
सस्ते फोन की तलाश हुई खत्म: 6000mAh बैटरी वाला नया स्मार्टफोन इस दिन होगा लॉन्च, जानें खूबियांNATIONAL

सस्ते फोन की तलाश हुई खत्म: 6000mAh बैटरी वाला नया स्मार्टफोन इस दिन होगा लॉन्च, जानें खूबियां

25 सित॰
जर्मनी में चरमपंथी राजनीति का खतरनाक उभार: आम नागरिकों के मन में क्यों बढ़ रहा है खौफ और अनिश्चितता का माहौलNATIONAL

जर्मनी में चरमपंथी राजनीति का खतरनाक उभार: आम नागरिकों के मन में क्यों बढ़ रहा है खौफ और अनिश्चितता का माहौल

25 सित॰
अंतरिक्ष की गहराइयों से आया रहस्यमयी रेडियो सिग्नल: वैज्ञानिकों ने पकड़ी दूसरे ग्रह की हलचल, खुला बड़ा राजNATIONAL

अंतरिक्ष की गहराइयों से आया रहस्यमयी रेडियो सिग्नल: वैज्ञानिकों ने पकड़ी दूसरे ग्रह की हलचल, खुला बड़ा राज

25 सित॰
एआई तकनीक का खतरनाक दुरुपयोग: प्रधानमंत्री के साथ आपत्तिजनक मॉर्फ्ड फोटो वायरल करने पर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई आजNATIONAL

एआई तकनीक का खतरनाक दुरुपयोग: प्रधानमंत्री के साथ आपत्तिजनक मॉर्फ्ड फोटो वायरल करने पर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई आज

25 सित॰
सावधान! घरों में पाले गए कुत्ते बन रहे हैं बड़ा खतरा: बुजुर्गों और बीमारों पर हमलों के मामले आए सामनेNATIONAL

सावधान! घरों में पाले गए कुत्ते बन रहे हैं बड़ा खतरा: बुजुर्गों और बीमारों पर हमलों के मामले आए सामने

25 सित॰
एक बाइक पर सवार हुए 6 स्कूली छात्र: जानलेवा स्टंट का वीडियो वायरल होने पर भारी जुर्माना, वाहन सीजNATIONAL

एक बाइक पर सवार हुए 6 स्कूली छात्र: जानलेवा स्टंट का वीडियो वायरल होने पर भारी जुर्माना, वाहन सीज

25 सित॰