रायबरेली से शुरू हुई सपा की नई सियासी जंग
उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर सरगर्मी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपनी नई राजनीतिक रणनीति के तहत रायबरेली की धरती से 'पीडीए रथयात्रा' का औपचारिक रूप से शंखनाद कर दिया है। इस यात्रा के दौरान सपा कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। कार्यकर्ताओं ने अपने नेता के स्वागत के लिए एक नया ही तरीका अपनाया, जिसे देखकर हर कोई हैरान रह गया। पारंपरिक स्वागतों से इतर, इस बार अखिलेश यादव के रोड-शो में पहली बार बुलडोजर की एंट्री हुई, जिसने राजनीतिक गलियारों में खासी चर्चा छेड़ दी है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बुलडोजर की यह प्रतीकात्मक वापसी सत्ता पक्ष की शैली पर एक करारा कटाक्ष है। सपा खेमा अब इसी हथियार को अपनी सियासी ताकत बनाकर मैदान में उतरने की तैयारी कर रहा है। रायबरेली की सड़कों पर उमड़ी भीड़ और कार्यकर्ताओं का जोश इस बात का गवाही दे रहा था कि आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश का सियासी पारा और अधिक चढ़ने वाला है। अखिलेश यादव ने इस यात्रा के जरिए यह संदेश देने की पूरी कोशिश की है कि उनकी पार्टी अब पूरी आक्रामक मुद्रा में है और हर मोर्चे पर सरकार को घेरने के लिए तैयार बैठी है।
इस पूरी यात्रा के दौरान सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाओं के बीच सपा प्रमुख ने जनता के बीच जाकर सीधा संवाद स्थापित किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक फिजा में हर तरफ सिर्फ और सिर्फ पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) की बयार बह रही है। उनके मुताबिक, आने वाला समय किसी एक दल या परिवार का नहीं, बल्कि समाज के उन तमाम उपेक्षित वर्गों का है जिन्हें लंबे समय तक उनके अधिकारों से वंचित रखा गया।
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भाजपा बनाम पीडीए होगा आगामी मुकाबला
सार्वजनिक सभा को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने बहुत स्पष्ट शब्दों में घोषणा की कि राज्य का आगामी राजनीतिक संघर्ष किसी साधारण समीकरण पर आधारित नहीं होगा। उन्होंने दो टूक अंदाज में कहा कि अब यह लड़ाई पूरी तरह से 'भारतीय जनता पार्टी बनाम पीडीए' बन चुकी है। सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोग हमेशा से विभाजनकारी नीतियां अपनाते आए हैं, जबकि उनका गठबंधन समाज के हर उस शख्स को जोड़ने का काम कर रहा है जो हाशिए पर धकेल दिया गया है।
उन्होंने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि आज जनता पूरी तरह समझ चुकी है कि कौन उनके विकास के पक्ष में है और कौन सिर्फ जुमलेबाजी कर रहा है। अखिलेश ने इस बात पर जोर दिया कि पीडीए का यह कारवां अब रुकने वाला नहीं है। राज्य के कोने-कोने से मिल रहे समर्थन से यह साफ हो गया है कि जनता बदलाव का मन बना चुकी है और वह लोकतांत्रिक तरीके से अपने मत का प्रयोग कर इसका पूरा हिसाब लेगी।
"आज पूरा उत्तर प्रदेश देख रहा है कि पीडीए के इस आंदोलन से वे लोग बचने वाले नहीं हैं जो अब तक दूसरों पर बुलدोजर चलाते आए हैं। इस बार जनता के हाथों में ताकत है और हमारा 'वोट का बुलडोजर' चलेगा जो अन्याय और अहंकार को हमेशा के लिए डिमॉलिश कर देगा।" — अखिलेश यादव, राष्ट्रीय अध्यक्ष, समाजवादी पार्टी
युवाओं और बुजुर्गों के संघर्ष को सलाम
अपने संबोधन के दौरान अखिलेश यादव ने उन तमाम युवाओं और बुजुर्ग नागरिकों की जमकर तारीफ की जो हालिया राजनीतिक और प्रशासनिक संघर्षों में आगे बढ़कर खड़े हुए थे। उन्होंने विशेष तौर पर उन छात्र नेताओं और नौजवानों का आभार व्यक्त किया जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी अपनी आवाज बुलंद रखी। सपा प्रमुख ने एक बुजुर्ग कार्यकर्ता श्याम सुंदर भारती का विशेष रूप से उल्लेख किया और कहा कि इस उम्र में भी उन्होंने जिस तरह से युवाओं का मार्गदर्शन किया और प्रशासन के सामने डटे रहे, वह काबिल-ए-तारीफ है।
उन्होंने कहा कि ऐसे जांबाज लोग ही पार्टी की असली ताकत हैं। जब युवा और बुजुर्ग मिलकर किसी वैचारिक लड़ाई को आगे बढ़ाते हैं, तो उसे हराना किसी के लिए भी संभव नहीं होता। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए युवाओं के अधिकारों का दमन कर रही है, लेकिन समाजवादी पार्टी हर कदम पर अपने कार्यकर्ताओं और प्रदेश के नौजवानों के साथ चट्टान की तरह खड़ी है।
सकारात्मक राजनीति बनाम नकारात्मक एजेंडा
सपा अध्यक्ष ने विरोधी दलों पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि उनकी पार्टी हमेशा से सकारात्मक राजनीति और विकास के मुद्दों पर विश्वास करती है, जबकि दूसरी तरफ नकारात्मक और नफरत फैलाने वाला एजेंडा चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिना किसी पूर्व सूचना के गरीबों के ढाबे और ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों को गिरा देना इस बात का सबूत है कि सत्ता में बैठे लोग समाज में सद्भाव नहीं देखना चाहते। उन्होंने काशी और सहारनपुर की घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि सांस्कृतिक धरोहरों के नाम पर जिस तरह से तोड़फोड़ की गई है, उससे इनकी असलियत जनता के सामने आ चुकी है।
अखिलेश यादव ने यह भी चेताया कि उनके समाज के विधायकों और जनप्रतिनिधियों का लगातार अपमान किया जा रहा है, जिसे समाजवादी पार्टी कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अपने लोगों के सम्मान पर कोई आंच नहीं आने देंगे और हर मोर्चे पर लोकतांत्रिक तरीके से इसका मुकाबला किया जाएगा। रायबरेली से शुरू हुई यह पीडीए रथयात्रा आने वाले दिनों में प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी जाएगी और पार्टी के जनाधार को और अधिक मजबूत करने का काम करेगी।







