नई दिल्ली के आसमान से लेकर जमीन तक इन दिनों सुरक्षा एजेंसियों की कड़ी नजर बनी हुई है। सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक सरगर्मी काफी तेज हो गई है। इसी गिरफ्तारी के विरोध में प्रस्तावित सीजेपी मार्च को देखते हुए दिल्ली पुलिस और प्रशासन ने कमर कस ली है। राजधानी के संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके।
प्रस्तावित मार्च से ठीक पहले पूरी दिल्ली को मानो एक छावनी में बदल दिया गया है। विभिन्न चौराहों, सीमाओं और मुख्य मार्गों पर बैरिकेडिंग कर दी गई है। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कुल मिलाकर करीब 25 हजार जवानों की तैनाती की गई है। इनमें दिल्ली पुलिस के अलावा केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवान भी शामिल हैं। अधिकारी लगातार हालात पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं और किसी भी बड़े जुलूस या प्रदर्शन को अनुमति न देने के आदेश दिए गए हैं।
सड़कों पर कड़ा पहरा और सीसीटीवी से निगरानी
राजधानी के चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि मार्च के दौरान शहर की शांति भंग न हो। पुलिस मुख्यालय से ड्रोन और आधुनिक सीसीटीवी कैमरों के जरिए भीड़भाड़ वाले इलाकों की निगरानी की जा रही है। नियंत्रण कक्ष में बैठकर वरिष्ठ अधिकारी हर एक गतिविधि पर सीधी नजर रख रहे हैं। संदिग्ध लोगों से पूछताछ का दौर भी लगातार जारी है और वाहनों की सघन चेकिंग की जा रही है।
मेट्रो स्टेशनों और बस अड्डों पर भी सुरक्षा बलों की संख्या बढ़ा दी गई है ताकि बाहर से आने वाले प्रदर्शनकारियों को समय पर रोका जा सके। पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि बिना अनुमति के किसी भी प्रकार के प्रदर्शन या मार्च की अनुमति नहीं दी जाएगी। नियम तोड़ने वालों के खिलाफ तुरंत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा की योजना पुलिस की इस एडवाइजरी को ध्यान में रखकर ही बनाएं।
गिरफ्तारी के बाद गर्माया राजनीतिक माहौल
सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी के बाद से ही विपक्षी दलों और कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। गिरफ्तारियों को तानाशाहीपूर्ण करार देते हुए विभिन्न संगठनों ने सड़कों पर उतरने का ऐलान किया था। इसी विरोध प्रदर्शन की श्रृंखला में इस मार्च का आयोजन किया जा रहा है जिसे लेकर खुफिया एजेंसियां भी पूरी तरह सतर्क हो चुकी हैं।
जमीनी स्तर पर स्थिति तनावपूर्ण लेकिन पूरी तरह नियंत्रण में बताई जा रही है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी खुद सड़कों पर उतरकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं। यातायात पुलिस ने भी कई रूटों पर डायवर्जन लागू किया है ताकि आम जनता को जाम का सामना न करना पड़े। 'द फ्रीलान्स' की टीम लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जैसे ही कोई नया अपडेट आता है, हम आप तक सबसे पहले पहुंचाएंगे।






