जापान के पूर्व प्रधानमंत्री योशिहिको नोडा का एक बेहद साधारण और दिल छू लेने वाला वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में देश के सर्वोच्च राजनीतिक पद पर रह चुके नोडा को किसी आम नागरिक की तरह रेलवे स्टेशन के बाहर खड़े होकर यात्रियों को पर्चे बांटते हुए देखा जा सकता है। उनकी इस सादगी और विनम्रता ने न केवल जापानी नागरिकों का बल्कि दुनिया भर के सोशल मीडिया यूजर्स का दिल जीत लिया है।
यह पूरा नजारा जापान के चिबा प्रांत में स्थित मिनामी-फुनाबाशी रेलवे स्टेशन का है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 69 वर्षीय पूर्व प्रधानमंत्री योशिहिको नोडा शुक्रवार सुबह करीब 6:30 बजे ही स्टेशन के टिकट गेट के पास पहुंच गए थे। वहां उन्होंने लगातार दो घंटे यानी सुबह 8:30 बजे तक खड़े रहकर दफ्तर जाने वाले नौकरीपेशा लोगों और अन्य यात्रियों को राजनीतिक व सामाजिक मुद्दों से जुड़े पर्चे बांटे। इस दौरान उनके साथ न तो कोई सुरक्षा घेरा था और न ही कोई बड़ा राजनीतिक अमला।
40 साल पुरानी परंपरा, जिसे प्रधानमंत्री बनने के बाद भी नहीं छोड़ा
योशिहिको नोडा का यह अंदाज उनके समर्थकों और स्थानीय लोगों के लिए नया नहीं है। नोडा करीब चार दशकों से इस परंपरा का पालन कर रहे हैं। उन्होंने साल 1986 में पहली बार रेलवे स्टेशनों के बाहर खड़े होकर सीधे जनता से संपर्क साधने और अपनी नीतियों के पर्चे बांटने की शुरुआत की थी। उस समय वे कोई बड़े राष्ट्रीय नेता नहीं थे। राजनीति में लगातार आगे बढ़ने और देश के शीर्ष पद तक पहुंचने के बावजूद उन्होंने कभी जनसंपर्क के इस पारंपरिक और जमीनी तरीके को नहीं छोड़ा।
जानकार बताते हैं कि जब योशिहिको नोडा जापान के प्रधानमंत्री थे, तब भी वे सुरक्षा नियमों के दायरे में रहते हुए इस तरह से लोगों के बीच पहुंचने का प्रयास करते थे। लगभग हर सप्ताह के कामकाजी दिनों में उनका यह अभियान आज भी जारी है। उनके बांटे गए इन पर्चों (न्यूजलेटर) में स्थानीय मुद्दे जैसे- आपदा प्रबंधन, बच्चों की शिक्षा के लिए सरकारी सहायता और क्षेत्रीय प्रशासनिक सुधारों से जुड़ी अहम जानकारियां शामिल होती हैं।
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साल 2011 से 2012 तक रहे थे देश के प्रधानमंत्री
योशिहिको नोडा ने सितंबर 2011 से दिसंबर 2012 तक जापान के प्रधानमंत्री के रूप में देश का नेतृत्व किया था। उनके नेतृत्व में जापान ने कई महत्वपूर्ण फैसले लिए। आज के इस डिजिटल युग में, जहां राजनेता और दल जनता तक पहुंचने के लिए सोशल मीडिया, महंगे पीआर कैंपेन और डिजिटल विज्ञापनों पर करोड़ों रुपये खर्च करते हैं, वहां नोडा का यह पुराना और जमीनी तरीका एक मिसाल की तरह देखा जा रहा है। स्टेशन पर मौजूद कई लोगों ने उन्हें पहचान कर झुककर उनका अभिवादन किया, जबकि कई लोग बिना जाने ही उनके हाथ से पर्चे लेकर आगे बढ़ गए।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल इस वीडियो के दावों की सत्यता की 'The Freelance' स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है। वीडियो साभार: संबंधित सोशल मीडिया हैंडल / क्रिएटर।





