सिनेमाघरों में चमत्कार कर रही 'हनुमान अंश' की अनोखी कहानी
भारतीय सिनेमा जगत में अक्सर बड़े बजट और भारी-भरकम स्टारकास्ट वाली फिल्मों के हिट होने की चर्चा होती है, लेकिन कई बार छोटे बजट की फिल्में अपनी दमदार कहानी के दम पर ऐसा इतिहास रच देती हैं, जिस पर यकीन करना मुश्किल हो जाता है। इन दिनों बॉक्स ऑफिस पर कुछ ऐसा ही करिश्मा कर रही है फिल्म 'हनुमान अंश'। इस फिल्म ने अपनी साधारण शुरुआत के बावजूद कमाई के मामले में बड़े-बड़े दिग्गजों की नींद उड़ा दी है। फिल्म की सबसे बड़ी खूबी इसका बेहद सीमित बजट और इसकी गहरी आध्यात्मिक कहानी है, जो सीधे दर्शकों के दिलों को छू रही है।
लगभग पांच दशक पहले भौतिक दुनिया को अलविदा कह चुके एक संत और उत्तराखंड की शांत पहाड़ियों में स्थित उनके आश्रम के इर्द-गिर्द बुनी गई यह कहानी सिनेमाप्रेमियों को बेहद पसंद आ रही है। फिल्म के मेकर्स ने जब इसे रिलीज किया था, तब शायद ही किसी ने यह कल्पना की होगी कि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर नए मील के पत्थर स्थापित कर देगी। उद्योग विश्लेषकों के अनुसार, फिल्म ने अपनी लागत से कई गुना अधिक मुनाफा कमाकर एक नया व्यावसायिक रिकॉर्ड कायम किया है।
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कमाई के मामले में बड़े बजट की फिल्मों को पछाड़ा
बॉक्स ऑफिस के आंकड़े गवाही दे रहे हैं कि 'हनुमान अंश' ने सफलता के मामले में कई स्थापित फिल्मों को पीछे छोड़ दिया है। ट्रेड रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म ने दुनियाभर के बॉक्स ऑफिस पर 400 करोड़ रुपये का जादुई आंकड़ा पार कर लिया है। सामान्यतः रिलीज के कुछ हफ्तों बाद फिल्मों की रफ्तार धीमी पड़ जाती है, लेकिन इस फिल्म के मामले में बिल्कुल उलट ट्रेंड देखने को मिला है। सप्ताहांत के दिनों में सिनेमाघरों में दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ रही है, जिससे इसके कलेक्शन में लगातार जबरदस्त उछाल आ रहा है।
प्रसिद्ध फिल्म समीक्षकों और ट्रेड पंडितों का मानना है कि फिल्म का यह सफर अभी थमता हुआ नजर नहीं आ रहा है। घरेलू बाजार के साथ-साथ विदेशों में भी इस फिल्म को देखने के लिए दर्शकों की लंबी कतारें लग रही हैं। निर्माता अनुप्रिया नागर ने मीडिया से बातचीत के दौरान साझा किया था कि फिल्म को बनाने में दो करोड़ रुपये से भी कम की लागत आई थी, जिसके बाद इस पर मिलने वाला रिटर्न ऐतिहासिक और अभूतपूर्व माना जा रहा है।
नीब करौरी बाबा के जीवन दर्शन से जुड़ी है पटकथा
इस फिल्म की पटकथा बाबा नीम करोली (नीब करौरी बाबा) के जीवन और उनके अमूल्य उपदेशों से प्रेरित है। कहानी की शुरुआत भोसले नाम के एक किरदार से होती है, जो अपने पोते को महान संत से हुई अपनी पुरानी मुलाकात के संस्मरण सुनाता है। इसके बाद कथा का ताना-बाना बाबा के शुरुआती जीवन और उनके संघर्षों की ओर मुड़ता है। फिल्म में दर्शाया गया है कि किस प्रकार लक्ष्मी नारायण नामक एक बालक अपनी माता के निधन के बाद घर का त्याग कर देता है और ईश्वर की तलाश में निकल पड़ता है।
यह आध्यात्मिक तलाश आगे चलकर मानव सेवा, जरूरतमंदों को भोजन कराने और समाज कल्याण के कार्यों में बदल जाती है। फिल्म में नीब करौरी बाबा के मुख्य किरदार को अभिनेता शोभिनव सत्या ने बेहद संवेदनशीलता और गहराई के साथ निभाया है। दर्शकों का कहना है कि पर्दे पर इस तरह के चरित्र को देखना अपने आप में एक अनूठा और शांतिपूर्ण अनुभव है, जो लोगों को भीतर से झकझोर देता है।
बॉलीवुड कलाकारों और फिल्म जगत की प्रतिक्रियाएं
'हनुमान अंश' की इस अभूतपूर्व सफलता पर हिंदी सिनेमा के तमाम कलाकारों और फिल्म निर्माताओं की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। हाल ही में अपनी आगामी फिल्मों को लेकर चर्चा में रहने वाले अभिनेता आयुष्मान खुराना ने इस फिल्म की जमकर तारीफ की है। उनका कहना है कि आज के दौर में ऐसी मूल और सच्ची कहानियों पर आधारित फिल्मों का बनना बेहद जरूरी है, जो भारी-भरकम बजट के मोहताज न होकर केवल अच्छी पटकथा के दम पर चलती हैं।
"इस तरह की कम बजट की फिल्में जब बॉक्स ऑफिस पर इतना शानदार प्रदर्शन करती हैं, तो यह पूरी इंडस्ट्री के लिए एक सकारात्मक संदेश होता है कि दर्शकों को अच्छी और प्रामाणिक कहानियां चाहिए।" — आयुष्मान खुराना, अभिनेता
आयुष्मान के अलावा कई अन्य फिल्मकारों ने भी माना है कि इस तरह के प्रयोग सिनेमा को नया जीवन देते हैं और युवा निर्देशकों को लीक से हटकर कुछ नया करने की प्रेरणा प्रदान करते हैं।
राज्य सरकारों द्वारा टैक्स फ्री और आगे की राह
फिल्म की लोकप्रियता और इसके सामाजिक संदेश को देखते हुए कई राज्य सरकारों ने इसे कर मुक्त (Tax Free) करने का निर्णय लिया है। उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में इस फिल्म को टैक्स फ्री कर दिया गया है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खुद यह फिल्म देखने के बाद इसके सामाजिक और आध्यात्मिक महत्व को सराहा और राज्य में इसे कर मुक्त करने की घोषणा की। इसके अलावा, फिल्म की टीम ने देश के कई प्रमुख नेताओं और हस्तियों से मुलाकात कर अपनी इस अनूठी सफलता के सफर को साझा किया है।
निष्कर्ष के तौर पर यह कहा जा सकता है कि 'हनुमान अंश' ने यह साबित कर दिया है कि सिनेमा में सफलता के लिए बड़े स्टार्स या करोड़ों के विज्ञापनों की अनिवार्यता नहीं होती। यदि नीयत साफ हो, कहानी में दम हो और दर्शकों की भावनाओं से जुड़ाव हो, तो एक साधारण सी कहानी भी बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रच सकती है। आने वाले दिनों में यह फिल्म और कौन-कौन से रिकॉर्ड तोड़ती है, इस पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं।








