रांची और रामगढ़ से ग्राउंड रिपोर्ट — झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मुख्यमंत्री की माता रूपी सोरेन का निधन हो गया है। उनके निधन की खबर मिलते ही पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ गई है। देश के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री समेत कई बड़े नेताओं ने इस दुखद घड़ी में अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री आवास और उनके पैतृक गांव में मातम का माहौल है और लगातार सांत्वना देने वालों का तांता लगा हुआ है।
स्वर्गीय रूपी सोरेन का पार्थिव शरीर कड़ी सुरक्षा और सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव नेमरा लाया गया है। नेमरा पहुंचते ही उनके घर पर श्रद्धांजलि देने वालों की भारी भीड़ जुट गई। झारखंड के मंत्रियों, विधायकों, और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने नेमरा पहुंचकर रूपी सोरेन के पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित किए और उन्हें अपनी अंतिम श्रद्धांजलि दी। गांव के लोग भी अपनी प्रिय अम्मा को आखिरी बार देखने के लिए बड़ी संख्या में पहुंचे हैं।
नेमरा गांव में गमगीन माहौल में होगा अंतिम संस्कार
रामगढ़ जिले के नेमरा गांव में आज रूपी सोरेन का अंतिम संस्कार किया जाएगा। स्थानीय प्रशासन ने अंतिम संस्कार की सभी तैयारियों को पूरा कर लिया है। भारी जनसैलाब को देखते हुए गांव में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि किसी भी तरह की असुविधा न हो। परिवार के सदस्यों और करीबियों की मौजूदगी में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ अंतिम यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें हजारों की संख्या में लोग शामिल होने के लिए पहुंच रहे हैं।
खास बात यह है कि नेमरा में जहां मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पिता और झारखंड आंदोलनकारी दिशोम गुरु शिबू सोरेन के बड़े भाई यानी गुरुजू पंचतत्व में विलीन हुए थे, ठीक उसी के बगल में रूपी सोरेन का भी अंतिम संस्कार किया जाएगा। इस जगह पर परिवार के सदस्यों का अंतिम संस्कार होने के कारण स्थानीय लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं की भावनाएं बहुत जुड़ी हुई हैं। गांव के हर शख्स की आंखें नम हैं और सभी इस मुश्किल वक्त में सोरेन परिवार के साथ खड़े हैं।
शीर्ष नेताओं और गणमान्य लोगों द्वारा शोक व्यक्त
रूपी सोरेन के निधन पर देश भर से राजनीतिक दिग्गजों के शोक संदेश आ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने ट्वीट कर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और हेमंत सोरेन के पूरे परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति देने की बात कही। इसके अलावा झारखंड के राज्यपाल, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केंद्रीय मंत्रियों ने भी फोन और संदेश के जरिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से बात कर अपनी संवेदनाएं प्रकट की हैं।
नेमरा गांव में इस समय सिर्फ नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों का ही नहीं, बल्कि आम ग्रामीणों का भी भारी जमावड़ा लगा हुआ है। रूपी सोरेन को क्षेत्र में हमेशा से एक सरल और मिलनसार महिला के रूप में याद किया जाता रहा है। अंतिम यात्रा शुरू होने से पहले उनके घर के बाहर लोगों की लंबी कतारें लगी हैं, जो अपनी नेकदिल मां को अंतिम विदाई देने के लिए बेताब हैं। पुलिस और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं ताकि अंतिम संस्कार का कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।
अंतिम यात्रा और सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम
प्रशासन ने नेमरा गांव और आसपास के रास्तों पर ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए विशेष बैरिकेडिंग की है। अंतिम यात्रा में शामिल होने वाले वीवीआईपी और आम जनता के वाहनों के लिए अलग-अलग पार्किंग की व्यवस्था की गई है। मेडिकल टीमों को भी आपात स्थिति के लिए तैनात किया गया है ताकि भारी भीड़ के बीच किसी को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर तुरंत मदद मिल सके।
द फ्रीलान्स की ग्राउंड टीम स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। जैसे ही अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू होगी, हमारे रिपोर्टर नेमरा से और अपडेट साझा करेंगे। फिलहाल पूरे इलाके में गमगीन सन्नाटा पसरा हुआ है और हर कोई रूपी सोरेन को नम आंखों से याद कर रहा है।






