नई दिल्ली/बेंगलुरु ग्राउंड ब्यूरो — भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का पांचवां और अंतिम मुकाबला बेहद रोमांचक मोड़ पर आ गया है। बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में होने वाला यह मुकाबला दोनों ही टीमों के लिए करो या मरो जैसा है। सीरीज का यह निर्णायक मैच तय करेगा कि ट्रॉफी किसके हाथ लगेगी। क्रिकेट फैंस की निगाहें इस महामुकाबले पर टिकी हैं क्योंकि इस मैदान पर हमेशा से ही रनों की बरसात होती रही है।
मैच से पहले भारतीय टीम की प्लेइंग इलेवन को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कप्तान श्रेयस अय्यर और कोच गंभीर टीम संयोजन में कुछ बड़े फेरबदल करने की तैयारी में हैं। पिछले मैच की कमियों से सबक लेते हुए टीम प्रबंधन मैदान पर उतरना चाहता है। वेस्टइंडीज की टीम भी इस मैच को हल्के में नहीं ले रही है और उसने भी अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।
बेंगलुरु की पिच और रनों की भारी बरसात
चिन्नास्वामी स्टेडियम की पिच हमेशा से बल्लेबाजों की मददगार मानी जाती है। छोटी बाउंड्री और तेज आउटफील्ड के कारण यहां गेंदबाजों के लिए मुश्किलें खड़ी हो जाती हैं। पिछले आंकड़ों पर नजर डालें तो इस मैदान पर बड़े स्कोर बनते आए हैं। टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी करना पसंद कर सकती है ताकि लक्ष्य का पीछा करने में आसानी हो। ओस की भूमिका भी इस मैच में बहुत अहम रहने वाली है।
मैच के जानकारों का मानना है कि ओस के असर को रोकने के लिए टॉस की भूमिका सबसे अहम होगी। दूसरी पारी में गेंदबाजी करना किसी भी गेंदबाज के लिए आसान नहीं होता है। ऐसे में दोनों टीमों के कप्तान अपनी रणनीति में इन सभी बातों को शामिल कर रहे हैं। दर्शकों को एक हाई-स्कोरिंग थ्रिलर देखने को मिल सकता है जहां हर एक रन के लिए कड़ा मुकाबला होगा।
टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन में बड़े बदलाव के संकेत
भारतीय टीम में इस निर्णायक मुकाबले से पहले बदलाव की चर्चा जोरों पर है। तेज गेंदबाजी आक्रमण को धार देने के लिए कुछ सीनियर खिलाड़ियों की वापसी की सुगबुगाहट है। अर्शदीप सिंह की जगह टीम में अनुभवी तेज गेंदबाजों को मौका मिलने की बात कही जा रही है। वहीं स्पिन विभाग में कुलदीप यादव की वापसी पक्की मानी जा रही है जो बीच के ओवरों में विकेट निकालकर दे सकते हैं।
श्रेयस अय्यर की अगुवाई वाली टीम को अगर यह सीरीज अपने नाम करनी है तो क्षेत्ररक्षण और डेथ ओवरों की गेंदबाजी में सुधार करना होगा। पिछले मुकाबलों में डेथ ओवर्स में टीम ने काफी रन लुटाए थे। इस मैच में कप्तान को अपने गेंदबाजों से अनुशासित प्रदर्शन की उम्मीद होगी। मध्यक्रम के बल्लेबाजों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी और स्कोरबोर्ड को तेजी से चलाना होगा।
वेस्टइंडीज की चुनौती और रणनीति
दूसरी ओर, वेस्टइंडीज की टीम भी इस मुकाबले को जीतने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है। उनके पास टी20 फॉर्मेट के कई खतरनाक और विस्फोटक खिलाड़ी मौजूद हैं जो कभी भी मैच का रुख पलट सकते हैं। कैरेबियाई बल्लेबाज पावरप्ले का पूरा फायदा उठाने की कोशिश करेंगे। उनकी टीम जानती है कि बेंगलुरु की पिच उनके खेलने के अंदाज के बिल्कुल अनुकूल है।
वेस्टइंडीज के गेंदबाजों ने भी पिछले मैचों में अच्छी गेंदबाजी का मुजाहिरा किया है। वे भारतीय बल्लेबाजों को शुरुआत में ही झटके देना चाहेंगे। सीरीज का यह आखिरी मैच तय करेगा कि कौन सी टीम दबाव को बेहतर तरीके से झेल पाती है। दोनों टीमों के खिलाड़ी मैदान पर अपना सौ प्रतिशत देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।




