नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — देश भर में इन दिनों 'परीक्षा' शब्द चर्चा के केंद्र में है। चाहे वह देश की बड़ी प्रवेश परीक्षाएं हों, प्रशासनिक सुधार हों या फिर ग्रामीण स्तर पर खेती से जुड़ी मिट्टी की जांच, हर तरफ नई व्यवस्थाओं की बात हो रही है। आम छात्रों और उनके अभिभावकों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में परीक्षा प्रणाली कितनी पारदर्शी और आसान होगी। सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं, जिनका सीधा असर आम लोगों के जीवन पर पड़ेगा।
इसी कड़ी में राष्ट्रीय स्तर पर परीक्षा सुधारों को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा प्लान तैयार किया है। देश की प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने और छात्रों के तनाव को कम करने के लिए एक उच्चाधिकार प्राप्त टास्क फोर्स का गठन किया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस टास्क फोर्स में देश के जाने-माने विशेषज्ञ शामिल हैं जो परीक्षा प्रक्रिया की कमियों को दूर करने के लिए ठोस सुझाव देंगे। पिछले कुछ समय में पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी की खबरों के बाद सरकार की यह पहल काफी अहम मानी जा रही है।
आईआईटी दिल्ली मई 2026 में कराएगा जेईई एडवांस परीक्षा
दूसरी ओर, देश के सबसे कठिन इंजीनियरिंग प्रवेश यानी जेईई एडवांस परीक्षा को लेकर भी बड़ा अपडेट सामने आया है। इस बार परीक्षा के आयोजन की जिम्मेदारी प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी दिल्ली को सौंपी गई है। शेड्यूल के मुताबिक, साल की यह बहुप्रतीक्षित परीक्षा 16 मई को आयोजित की जाएगी। इसके लिए देश भर के लाखों छात्र अभी से अपनी तैयारी में जुट गए हैं। परीक्षा की तारीख सामने आने के बाद कोचिंग संस्थानों और छात्रों के बीच हलचल तेज हो गई है, और हर कोई अपनी रणनीति को अंतिम रूप दे रहा है.
शिक्षा के साथ-साथ कृषि क्षेत्र में भी 'परीक्षा' का दायरा अब खेतों तक पहुंच गया है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) की पहल पर ग्रामीण इलाकों में किसानों को जागरूक किया जा रहा है। तेलंगाना के मैसिरेड्डी पल्ली जैसे इलाकों में वैज्ञानिकों ने विशेष शिविर लगाकर किसानों को मिट्टी की जांच किट के इस्तेमाल का तरीका समझाया। इस पहल का मकसद यह है कि किसान अपनी जमीन की सेहत की खुद जांच कर सकें और सही खाद का इस्तेमाल करके अपनी फसल की पैदावार बढ़ा सकें।
नीट काउंसलिंग और मेडिकल प्रवेश के नए शेड्यूल जारी
चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में भी दाखिला प्रक्रिया लगातार आगे बढ़ रही है। मेडिकल काउंसिल कमेटी ने नीट यूजी काउंसलिंग के दूसरे दौर का संशोधित शेड्यूल जारी कर दिया है। इसके तहत ऑल इंडिया कोटा और राज्य कोटा की सीटों पर दाखिले की तारीखों में बदलाव किया गया है। छात्र लंबे समय से इस संशोधित कार्यक्रम का इंतजार कर रहे थे ताकि वे अपनी आगे की एडमिशन प्रक्रिया बिना किसी असमंजस के पूरी कर सकें। इन तमाम बदलावों से यह साफ है कि आने वाला समय शिक्षा और कृषि दोनों क्षेत्रों में बड़े प्रशासनिक बदलावों का गवाह बनने जा रहा है।









