दुनियाभर में इंटरनेट क्रांति लाने वाली एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा 'स्टारलिंक' अब भू-राजनीतिक संघर्ष के केंद्र में आ गई है। ईरान ने इस तकनीक को 'युद्ध का हथियार' (Tool of War) करार देते हुए इसके खिलाफ बेहद कड़े रुख का ऐलान किया है। ईरानी प्रशासन का मानना है कि इस तकनीक का इस्तेमाल देश की आंतरिक सुरक्षा में सेंध लगाने, जासूसी करने और खुफिया जानकारी जुटाने के लिए किया जा रहा है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कड़े नियमों और मौत की सजा का प्रावधान
ईरान की सुप्रीम नेशनल साइबरस्पेस काउंसिल ने स्टारलिंक टर्मिनल्स के वितरण और इस्तेमाल को लेकर स्पष्ट और बेहद सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नए नियमों के मुताबिक, यदि कोई नागरिक ईरान में स्टारलिंक का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसे दो साल तक की जेल हो सकती है। वहीं, इसके टर्मिनल्स का आयात करने या उन्हें देश के भीतर वितरित करने वाले लोगों को पांच साल तक की सजा भुगतनी पड़ सकती है। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यदि इन उपकरणों का इस्तेमाल जासूसी या राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने के लिए किया जाता पाया गया, तो दोषियों को मौत की सजा तक सुनाई जा सकती है।
सरकार के नियंत्रण और विरोध प्रदर्शनों की कड़ी
ईरान पहले भी स्टारलिंक की सेवाओं को बाधित करने के लिए जैमर, जीपीएस सिग्नल्स में गड़बड़ी और पुलिस छापों जैसी तमाम रणनीतियां अपना चुका है। जानकारों का कहना है कि जब भी देश में सरकार विरोधी प्रदर्शन होते हैं और इंटरनेट पर पाबंदियां लगाई जाती हैं, तब प्रदर्शनकारी स्टारलिंक की मदद से दुनिया तक जानकारियां और वीडियो पहुंचाने में सफल रहते हैं। इसी डिजिटल चुनौती से निपटने के लिए अब तेहरान सरकार ने कानूनी शिकंजा और अधिक कस दिया है।
अंतरराष्ट्रीय राजनीति और यूक्रेन का संदर्भ
दूसरी ओर, वैश्विक स्तर पर भी स्टारलिंक की भूमिका पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। हाल ही में यूक्रेन को मिलने वाली स्टारलिंक सेवाओं में व्यवधान की खबरें सामने आई हैं, जिसके चलते यूक्रेनी ड्रोन्स की रफ्तार प्रभावित होने और युद्ध के मैदान में रूस को रणनीतिक बढ़त मिलने के दावे किए जा रहे हैं। इन वैश्विक हलचलों के बीच ईरान का यह सख्त कदम यह साबित करता है कि अंतरिक्ष आधारित इंटरनेट तकनीक अब केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि कूटनीति और युद्ध का एक बड़ा अखाड़ा बन चुकी है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल इस वीडियो और रिपोर्ट्स के दावों की सत्यता की 'The Freelance' स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है। यह मामला अंतरराष्ट्रीय मीडिया और सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है। साभार: संबंधित रिपोर्ट्स / सोशल मीडिया हैंडल।
नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस
सत्यापित संपादकीय डेस्कराजनीतिक, नीतिगत एवं राष्ट्रीय सरोकार रिपोर्टिंग टीम
द फ्रीलांस की राष्ट्रीय संपादकीय डेस्क देश की राजनीति, संसद, नीतिगत फैसलों, केंद्रीय योजनाओं और जनसरोकार से जुड़े बड़े मुद्दों पर 24/7 निष्पक्ष, तथ्यपरक और खोजी रिपोर्टिंग करती है। यह टीम दोहरे तथ्य-सत्यापन के कठोर सिद्धांतों का पालन करती है। हम निष्पक्ष, सटीक और तथ्यात्मक पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न प्रमाणित समाचार एजेंसियों, आधिकारिक बयानों और स्थानीय संवाददाताओं से प्राप्त इनपुट के आधार पर तैयार की जाती है।
पीएम मोदी के विरोध के बावजूद बाहरी ताकतों के दखल पर भड़के ओवैसी, एलन मस्क को लेकर बीजेपी से पूछे तीखे सवाल
अगली खबररूस के साथ डीजल समझौते पर भड़के जेलेंस्की, कहा- इससे गैस और प्रतिबंधों में ढील का खुलेगा रास्ता
संबंधित विजुअल स्टोरीज (Web Stories)

वेब सीरीज देखकर शुरू किया नकली नोट बनाने का धंधा, 500,500 के लाखों जाली नोट के साथ तीन गिरफ्तार

सस्पेंस से लेकर ड्रामा तक, 2026 की 12 शानदार वेब सीरीज, OTT पर देखना ना भूलें

आज के टॉप 5 देसी चुटकुले: दिनभर का तनाव दूर कर देंगे ये जोक्स (16 अक्टूबर 2026)

पप्पू और मास्टरजी के 5 मजेदार किस्से: क्लासरूम में ठहाके (16 अक्टूबर 2026)
‘starlink’ व देश से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें
NATIONALपीएम मोदी के विरोध के बावजूद बाहरी ताकतों के दखल पर भड़के ओवैसी, एलन मस्क को लेकर बीजेपी से पूछे तीखे सवाल
NATIONALरूस के साथ डीजल समझौते पर भड़के जेलेंस्की, कहा- इससे गैस और प्रतिबंधों में ढील का खुलेगा रास्ता
ट्रंप-पुतिन डील के तुरंत बाद यूक्रेन में बंद हुआ मस्क का स्टारलिंक, जेलेंस्की बोले- हमें धोखा मिला है
NATIONALवीडियो: सऊदी अरब जाने वाले जायरीनों के लिए भारत ने जारी की कड़ी एडवाइजरी, हूती हमलों के बीच दिए ये निर्देश
NATIONALवीडियो: अमेरिका के स्कूल में खूनी तांडव: ताबड़तोड़ फायरिंग में तीन बच्चों और टीचर समेत कई लोगों की मौत, अटैकर ढेर
NATIONAL