नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — बॉलीवुड की जानी-मानी अभिनेत्री कृति सैनन ने अपने व्यक्तित्व अधिकारों यानी पर्सनालिटी राइट्स की रक्षा के लिए सीधे दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख किया है। फिल्म जगत में इन दिनों अपनी पहचान, नाम, तस्वीर और आवाज के बिना अनुमति के हो रहे व्यावसायिक इस्तेमाल के खिलाफ कानूनी लड़ाई तेज हो गई है। कृति सैनन की ओर से दायर इस याचिका पर अदालत ने सुनवाई करते हुए संबंधित दस्तावेजों और मामलों का पूरा संकलन पेश करने को कहा है। यह कदम हाल ही में कई अन्य फिल्म कलाकारों द्वारा उठाए गए कानूनी कदमों की कड़ी का हिस्सा है।
डिजिटल युग और सोशल मीडिया के इस दौर में मशहूर हस्तियों के नाम और चेहरे का इस्तेमाल करके सामान बेचने या फर्जी विज्ञापन चलाने के मामले तेजी से बढ़े हैं। कई बार कंपनियां बिना किसी अनुमति के कलाकारों की तस्वीरों का इस्तेमाल करके अपना मुनाफा कमाती हैं। इससे न सिर्फ कलाकारों की छवि खराब होती है बल्कि उनके आर्थिक अधिकारों का भी हनन होता है। कृति सैनन ने इसी अवैध चलन पर रोक लगाने के लिए अदालत से न्याय की गुहार लगाई है ताकि कोई भी उनकी प्रसिद्धि का गलत फायदा न उठा सके।
दिल्ली हाईकोर्ट में क्यों बढ़ रहे हैं व्यक्तित्व अधिकारों के मामले?
पिछले कुछ महीनों में अमिताभ बच्चन, अनिल कपूर और जैकी श्रॉफ जैसे कई बड़े कलाकारों ने अपने व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा के लिए अदालतों का दरवाजा खटखटाया है। दिल्ली उच्च न्यायालय ने इन मामलों को बहुत गंभीरता से लिया है। अदालत का मानना है कि किसी भी सेलिब्रिटी के नाम, चेहरे या आवाज का इस्तेमाल उसकी मर्जी के बिना商業 उद्देश्यों के लिए नहीं किया जाना चाहिए। अब इस कड़ी में कृति सैनन का नाम भी जुड़ गया है, जिससे फिल्म इंडस्ट्री में एक बार फिर इस गंभीर मुद्दे पर खुलकर चर्चा शुरू हो गई है।
अदालत की पिछली कार्यवाहियों में यह बात सामने आई है कि ऐसे मामलों से निपटने के लिए एक स्पष्ट और व्यापक कानूनी समीक्षा की जरूरत है। तकनीकी तरक्की के साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई के जरिए डीपफेक वीडियो बनाने के खतरे भी बढ़ गए हैं। इन आधुनिक खतरों से निपटने के लिए पारंपरिक कानून नाकाफी साबित हो रहे हैं। यही वजह है कि उच्च न्यायालय अब इन सभी मामलों की गहराई से पड़ताल कर रहा है ताकि कलाकारों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए कड़े नियम तय किए जा सकें।
शिल्पा शेट्टी और अभिषेक-ऐश्वर्या के मामलों के बाद आया नया मोड़
कृति सैनन से पहले शिल्पा शेट्टी, अभिषेक बच्चन और ऐश्वर्या राय जैसे कलाकारों ने भी अपने अधिकारों की रक्षा के लिए कानूनी रास्ते चुने हैं। फिल्मी सितारों का मानना है कि उनकी मेहनत से कमाई गई प्रतिष्ठा और लोकप्रियता का फायदा कोई दूसरी कंपनी मुफ्त में नहीं उठा सकती। जब कोई ब्रांड बिना अनुबंध के किसी अभिनेता की तस्वीर का विज्ञापन में इस्तेमाल करता है, तो वह सीधा कानून का उल्लंघन होता है। अब कोर्ट के सख्त रुख से इन अवैध गतिविधियों पर लगाम लगने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।
आम जनता और सोशल मीडिया यूजर्स के बीच भी इस बात पर बहस छिड़ गई है कि क्या मशहूर हस्तियों की हर चीज पर उनका निजी अधिकार होता है। कानून के जानकारों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को अपनी पहचान के व्यावसायिक इस्तेमाल पर रोक लगाने का पूरा हक है। कृति सैनन की इस याचिका के बाद अब अन्य कलाकारों को भी अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने का मौका मिला है। आने वाले दिनों में इस मामले पर अदालत की तरफ से कोई बड़ा और कड़ा दिशा-निर्देश जारी किए जाने की पूरी संभावना है।
कानूनी विशेषज्ञों की राय और आगे की राह
द फ्रीलान्स की टीम द्वारा जुटाई गई जानकारी के मुताबिक, इस मामले की अगली सुनवाई में अदालत सभी पक्षों के दस्तावेजों की समीक्षा करेगी। कॉपीराइट और ट्रेडमार्क कानूनों के दायरे से बाहर जाकर व्यक्तित्व अधिकारों को सुरक्षित करने के लिए विशेष कानून की मांग जोर पकड़ रही है। फिल्म उद्योग से जुड़े संगठन भी कलाकारों के इन प्रयासों का समर्थन कर रहे हैं। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि अदालत इस संवेदनशील मामले पर क्या अंतिम फैसला सुनाती है।







