होम/देश/पीएम-सेतु योजना का बड़ा असर: युवाओं को मिलेगा हुनर और रोजगार, आईटीआई क्लस्टर के लिए 320 करोड़ रुपये मंजूर
देशपढ़ने में समय: 6 मिनट

पीएम-सेतु योजना का बड़ा असर: युवाओं को मिलेगा हुनर और रोजगार, आईटीआई क्लस्टर के लिए 320 करोड़ रुपये मंजूर

केंद्र सरकार ने हरियाणा के कुरुक्षेत्र आईटीआई क्लस्टर के विकास के लिए 320 करोड़ रुपये की बड़ी निवेश योजना को मंजूरी दे दी है। इसके तहत सात सरकारी आईटीआई का आधुनिकीकरण किया जाएगा, जिससे हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे।
The Freelance ब्यूरो
TheFreelance ब्यूरो
21 सितंबर 2026 • अपडेटेड
🌐Read in English →
शेयर करें:
पीएम-सेतु योजना का बड़ा असर: युवाओं को मिलेगा हुनर और रोजगार, आईटीआई क्लस्टर के लिए 320 करोड़ रुपये मंजूर
📷 पीएम-सेतु योजना का बड़ा असर: युवाओं को मिलेगा हुनर और रोजगार, आईटीआई क्लस्टर के लिए 320 करोड़ रुपये मंजूर — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • कुरुक्षेत्र आईटीआई क्लस्टर के लिए केंद्र सरकार ने 320 करोड़ रुपये की रणनीतिक निवेश योजना को दी मंजूरी।
  • राजकीय आईटीआई कुरुक्षेत्र को बनाया जाएगा हब, आसपास के छह संस्थान स्पोक के रूप में होंगे विकसित।
  • जिंदल नवीन अवसर लिमिटेड उद्योग भागीदार के रूप में हरियाणा सरकार के साथ मिलकर करेगी काम।
  • पीएम-सेतु योजना के तहत देश भर के 10 आईटीआई क्लस्टरों के लिए कुल निवेश बढ़कर हुआ 2,491 करोड़ रुपये।

कौशल विकास को नई रफ्तार: कुरुक्षेत्र आईटीआई क्लस्टर के लिए भारी-भरकम फंड मंजूर

देश के युवाओं को आधुनिक समय की औद्योगिक जरूरतों के मुताबिक ढालने और उन्हें रोजगारपरक बनाने के लिए केंद्र सरकार ने एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय संचालन समिति ने पीएम-सेतु योजना के अंतर्गत हरियाणा के कुरुक्षेत्र आईटीआई क्लस्टर के लिए 320 करोड़ रुपये की एक रणनीतिक निवेश योजना को हरी झंडी दिखा दी है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) की रूपरेखा बदलना और उन्हें आधुनिक तकनीकी शिक्षा का केंद्र बनाना है।

इस मेगा प्रोजेक्ट के तहत सात सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों का कायापलट किया जाएगा। खास बात यह है कि इस पूरी परियोजना में उद्योग जगत की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है। जिंदल नवीन अवसर लिमिटेड इस प्रोजेक्ट में हरियाणा सरकार के साथ मुख्य उद्योग भागीदार के रूप में मिलकर काम करेगी। सरकार का मानना है कि जब तक तकनीकी शिक्षा और उद्योगों की मांग के बीच का अंतर खत्म नहीं किया जाएगा, तब तक युवाओं को उनकी योग्यता के अनुसार सही नौकरियां मिलना मुश्किल होगा। इसी खाई को पाटने के लिए इस क्लस्टर आधारित मॉडल को तैयार किया गया है।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

संबंधित खबरें

घर में घुसकर युवकों की पिटाई: वायरल वीडियो ने बढ़ाई सुरक्षा पर चिंता, पुलिस जांच में जुटी

घर में घुसकर युवकों की पिटाई: वायरल वीडियो ने बढ़ाई सुरक्षा पर चिंता, पुलिस जांच में जुटी

न्याय के मंदिर में तमाशा: कचहरी परिसर में भिड़े पति-पत्नी, सरेआम हाथापाई का वीडियो हुआ वायरल

न्याय के मंदिर में तमाशा: कचहरी परिसर में भिड़े पति-पत्नी, सरेआम हाथापाई का वीडियो हुआ वायरल

यूपी एमएलसी चुनाव के लिए बीजेपी का मास्टरप्लान: लोकसभा और विधानसभा की तर्ज पर उतरेगी पार्टी, कार्यकर्ताओं को मिले कड़े निर्देश

यूपी एमएलसी चुनाव के लिए बीजेपी का मास्टरप्लान: लोकसभा और विधानसभा की तर्ज पर उतरेगी पार्टी, कार्यकर्ताओं को मिले कड़े निर्देश

सफेदपोश दुनिया का काला सच: क्या वाकई आसानी से मिल जाता है भरोसा या ग्लैमर इंडस्ट्री में हर तरफ है शक का पहरा?

सफेदपोश दुनिया का काला सच: क्या वाकई आसानी से मिल जाता है भरोसा या ग्लैमर इंडस्ट्री में हर तरफ है शक का पहरा?

प्रकृति का अजब करिश्मा: जिस सांप से कांपता है मेंढक, उसी की पीठ पर बैठकर की सवारी, वीडियो वायरल

प्रकृति का अजब करिश्मा: जिस सांप से कांपता है मेंढक, उसी की पीठ पर बैठकर की सवारी, वीडियो वायरल

महज 2 करोड़ में बनी इस फिल्म ने तोड़े सारे रिकॉर्ड: लागत से 180 गुना कमाई, 100 करोड़ की OTT डील पर आया बड़ा बयान

महज 2 करोड़ में बनी इस फिल्म ने तोड़े सारे रिकॉर्ड: लागत से 180 गुना कमाई, 100 करोड़ की OTT डील पर आया बड़ा बयान

शिक्षकों की भर्ती में स्थानीय निकायों का दखल क्यों है अनुचित? विशेषज्ञों ने उठाए बड़े सवाल

शिक्षकों की भर्ती में स्थानीय निकायों का दखल क्यों है अनुचित? विशेषज्ञों ने उठाए बड़े सवाल

डिजिटल क्रॉप सर्वे का बड़ा कमाल: अब एक क्लिक पर मिलेगी खेत और फसल की पूरी जानकारी, जानें क्या है नया नियम

डिजिटल क्रॉप सर्वे का बड़ा कमाल: अब एक क्लिक पर मिलेगी खेत और फसल की पूरी जानकारी, जानें क्या है नया नियम

हब और स्पोक मॉडल: कैसे काम करेगा कुरुक्षेत्र आईटीआई क्लस्टर?

इस पूरी योजना को बेहद वैज्ञानिक और सुव्यवस्थित तरीके से डिजाइन किया गया है। इसके तहत 'हब एंड स्पोक' मॉडल अपनाया जाएगा, जिससे संसाधनों का अधिकतम और बेहतरीन उपयोग हो सके। कुरुक्षेत्र स्थित राजकीय आईटीआई को इस पूरे क्लस्टर का मुख्य 'हब संस्थान' यानी केंद्रीय केंद्र बनाया जाएगा, जहां अत्याधुनिक सुविधाएं, उच्च स्तरीय लैब्स और विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे।

हब संस्थान के अलावा इसके आसपास के छह अन्य संस्थानों को 'स्पोक संस्थानों' के रूप में विकसित किया जाएगा। इन स्पोक संस्थानों में राजकीय महिला आईटीआई कुरुक्षेत्र, राजकीय आईटीआई कैथल, राजकीय महिला आईटीआई कैथल, राजकीय आईटीआई पिहोवा, राजकीय आईटीआई पबनावा और राजकीय महिला आईटीआई अंबाला सिटी शामिल हैं। इन सभी संस्थानों को हब से जोड़ा जाएगा ताकि हर केंद्र पर आधुनिक तकनीक और बेहतरीन पाठ्यक्रम की पहुंच सुनिश्चित की जा सके।

उद्योगों की जरूरत के हिसाब से तैयार होंगे नए पाठ्यक्रम

आज के दौर में ऑटोमोबाइल, मैन्युफैक्चरिंग, आईटी और डिजिटल सेक्टर में लगातार नए बदलाव आ रहे हैं। ऐसे में पुरानी किताबों और पुराने उपकरणों के सहारे पढ़ाई करने वाले छात्र इंडस्ट्री की रेस में पिछड़ जाते हैं। इस समस्या का समाधान करते हुए 320 करोड़ रुपये के इस निवेश से कुरुक्षेत्र क्लस्टर के प्रशिक्षण ढांचे को पूरी तरह मजबूत किया जाएगा।

परियोजना के तहत संस्थानों में आधुनिक प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी, नए युग की तकनीकों से जुड़ी मशीनें लाई जाएंगी और उद्योगों की मौजूदा मांग के आधार पर नए पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इससे न केवल छात्रों का थ्योरी का ज्ञान मजबूत होगा, बल्कि उन्हें वास्तविक कार्यस्थलों जैसा व्यावहारिक अनुभव भी मिलेगा। मंत्रालय का मानना है कि इससे प्रशिक्षुओं की रोजगार पाने की क्षमता (एम्प्लॉयबिलिटी) में जबरदस्त इजाफा होगा।

केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी का बयान और सरकार का विजन

इस महत्वपूर्ण फैसले पर बात करते हुए केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी ने कहा कि शिक्षा और उद्योग का मेल ही देश के युवाओं का भविष्य सुरक्षित कर सकता है। उद्योगों को सीधे आईटीआई संस्थानों के साथ जोड़ने से युवाओं के लिए रोजगार के नए और बेहतर अवसर तैयार होंगे।

"उद्योगों को आईटीआई के साथ जोड़ने से युवाओं के लिए रोजगार के बेहतर अवसर तैयार होंगे। इस मंजूरी से कौशल विकास कार्यक्रमों को उद्योगों की जरूरतों के अधिक अनुरूप बनाया जा सकेगा और युवाओं को व्यावहारिक प्रशिक्षण, अनुभव तथा रोजगार के अवसर मिलेंगे।" — जयंत चौधरी, केंद्रीय कौशल विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)

उन्होंने आगे कहा कि सरकार का यह कदम देश के तकनीकी शिक्षा ढांचे में एक मील का पत्थर साबित होगा। जब हमारे युवा आधुनिक तकनीक में पारंगत होंगे, तो वे न केवल देश के भीतर बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकेंगे।

पीएम-सेतु योजना और निजी क्षेत्र का बढ़ता हुआ विश्वास

पीएम-सेतु योजना केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका कुल वित्तीय आकार 60,000 करोड़ रुपये है। इस व्यापक योजना के तहत पूरे देश में कुल 1,000 सरकारी आईटीआई का चरणबद्ध तरीके से उन्नयन किया जाना है। इसमें 200 हब संस्थान और 800 स्पोक संस्थान शामिल हैं। इस योजना के माध्यम से राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों (NSTI) की क्षमता को भी बढ़ाया जा रहा है और विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में उत्कृष्टता केंद्र (Centres of Excellence) स्थापित किए जा रहे हैं।

कुरुक्षेत्र क्लस्टर से जुड़ने वाली जिंदल नवीन अवसर लिमिटेड इससे पहले ओडिशा के बारबिल आईटीआई क्लस्टर से भी जुड़ी हुई है, जहां 240 करोड़ रुपये की रणनीतिक निवेश योजना को मंजूरी मिल चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि निजी कंपनियों का इस तरह आगे आना इस बात का प्रमाण है कि पीएम-सेतु योजना की रूपरेखा बहुत मजबूत है और इसमें देश का कॉरपोरेट सेक्टर पूरा भरोसा जता रहा है।

निष्कर्ष: हरियाणा के युवाओं के लिए सुनहरा भविष्य

हरियाणा का कुरुक्षेत्र क्षेत्र पहले से ही ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से देश-दुनिया में प्रसिद्ध है, लेकिन अब यह क्षेत्र तकनीकी कौशल और आधुनिक शिक्षा के एक बड़े केंद्र के रूप में भी अपनी नई पहचान बनाने की ओर अग्रसर है। 320 करोड़ रुपये के इस रणनीतिक निवेश से न केवल बुनियादी ढांचे का विकास होगा, बल्कि हरियाणा के दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों और छोटे कस्बों से आने वाले युवाओं को भी बड़े पैमाने पर तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण का लाभ मिलेगा। आने वाले समय में यह क्लस्टर देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक रोल मॉडल साबित हो सकता है, जहां उद्योग और सरकार मिलकर देश की युवा शक्ति को संवारने का काम कर रहे हैं।

द फ्रीलांस पत्रकारिता नीति (Editorial Commitment):हम निष्पक्ष, सटीक और तथ्यात्मक पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न प्रमाणित समाचार एजेंसियों, आधिकारिक बयानों और स्थानीय संवाददाताओं से प्राप्त इनपुट के आधार पर तैयार की गई है।
विज्ञापन एवं अनुशंसित सामग्री • RECOMMENDED

संबंधित खबरें (Related Articles)

घर में घुसकर युवकों की पिटाई: वायरल वीडियो ने बढ़ाई सुरक्षा पर चिंता, पुलिस जांच में जुटीNATIONAL

घर में घुसकर युवकों की पिटाई: वायरल वीडियो ने बढ़ाई सुरक्षा पर चिंता, पुलिस जांच में जुटी

25 सित॰
न्याय के मंदिर में तमाशा: कचहरी परिसर में भिड़े पति-पत्नी, सरेआम हाथापाई का वीडियो हुआ वायरलNATIONAL

न्याय के मंदिर में तमाशा: कचहरी परिसर में भिड़े पति-पत्नी, सरेआम हाथापाई का वीडियो हुआ वायरल

25 सित॰
यूपी एमएलसी चुनाव के लिए बीजेपी का मास्टरप्लान: लोकसभा और विधानसभा की तर्ज पर उतरेगी पार्टी, कार्यकर्ताओं को मिले कड़े निर्देशNATIONAL

यूपी एमएलसी चुनाव के लिए बीजेपी का मास्टरप्लान: लोकसभा और विधानसभा की तर्ज पर उतरेगी पार्टी, कार्यकर्ताओं को मिले कड़े निर्देश

25 सित॰
सफेदपोश दुनिया का काला सच: क्या वाकई आसानी से मिल जाता है भरोसा या ग्लैमर इंडस्ट्री में हर तरफ है शक का पहरा?NATIONAL

सफेदपोश दुनिया का काला सच: क्या वाकई आसानी से मिल जाता है भरोसा या ग्लैमर इंडस्ट्री में हर तरफ है शक का पहरा?

25 सित॰
प्रकृति का अजब करिश्मा: जिस सांप से कांपता है मेंढक, उसी की पीठ पर बैठकर की सवारी, वीडियो वायरलNATIONAL

प्रकृति का अजब करिश्मा: जिस सांप से कांपता है मेंढक, उसी की पीठ पर बैठकर की सवारी, वीडियो वायरल

25 सित॰
महज 2 करोड़ में बनी इस फिल्म ने तोड़े सारे रिकॉर्ड: लागत से 180 गुना कमाई, 100 करोड़ की OTT डील पर आया बड़ा बयानNATIONAL

महज 2 करोड़ में बनी इस फिल्म ने तोड़े सारे रिकॉर्ड: लागत से 180 गुना कमाई, 100 करोड़ की OTT डील पर आया बड़ा बयान

25 सित॰
शिक्षकों की भर्ती में स्थानीय निकायों का दखल क्यों है अनुचित? विशेषज्ञों ने उठाए बड़े सवालNATIONAL

शिक्षकों की भर्ती में स्थानीय निकायों का दखल क्यों है अनुचित? विशेषज्ञों ने उठाए बड़े सवाल

25 सित॰
डिजिटल क्रॉप सर्वे का बड़ा कमाल: अब एक क्लिक पर मिलेगी खेत और फसल की पूरी जानकारी, जानें क्या है नया नियमNATIONAL

डिजिटल क्रॉप सर्वे का बड़ा कमाल: अब एक क्लिक पर मिलेगी खेत और फसल की पूरी जानकारी, जानें क्या है नया नियम

25 सित॰