ब्यूनस आयर्स/नई दिल्ली — 'द फ्रीलान्स' की विशेष ग्राउंड रिपोर्ट। दुनिया भर के फुटबॉल प्रेमियों की निगाहें आज अर्जेंटीना के मैदान पर टिकी हैं, जहां खेल जगत के सबसे बड़े सितारे लियोनेल मेसी अपने शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर का एक और अहम पड़ाव पूरा करने जा रहे हैं। आज रात अर्जेंटीना की जर्सी पहनकर मेसी आखिरी बार मैदान पर उतरेंगे। पिछले बीस सालों से अपनी जादुई ड्रिबलिंग और बेजोड़ गोल स्कोरिंग से फुटबॉल प्रेमियों के दिलों पर राज करने वाले मेसी के इस आखिरी सफर ने हरफनमौला खेल प्रेमियों को भावुक कर दिया है। अर्जेंटीना की राष्ट्रीय टीम के साथ उनका यह दो दशक लंबा सफर उतार-चढ़ाव, संघर्ष और अंततः विश्व कप की ऐतिहासिक जीत से भरा रहा है, जिसे दुनिया कभी नहीं भूल पाएगी।
इस विदाई मैच से पहले खेल जगत में पैसों के खेल और फेयरवेल मैच के आयोजन को लेकर भी कई सवाल उठे हैं, जिन पर खुद मेसी ने खुलकर बात की है। खिलाड़ी और खेल विश्लेषकों का मानना है कि मेसी जैसे दिग्गज खिलाड़ी सिर्फ एक खेल हस्ती नहीं, बल्कि आने वाली कई पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा स्रोत हैं। वियतनाम के जाने-माने खिलाड़ी हाई लॉन्ग समेत कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों ने मेसी के योगदान को याद करते हुए कहा है कि खेल के मैदान पर उनका अनुशासन और समर्पण अद्वितीय रहा है। मैदान पर केवल जीत हासिल करने से ज्यादा आज दीवानगी इस बात की है कि कैसे हर कोई मेसी की इस 'आखिरी जर्सी' को अपने पास सुरक्षित रखना चाहता है। मैच के टिकटों से लेकर जर्सी की नीलामी तक, हर जगह बस मेसी का ही नाम गूंज रहा है।
भारत में कब और कहां देख सकेंगे मैच का लाइव प्रसारण
भारतीय समयानुसार इस महामुकाबले को लेकर देश के फुटबॉल फैंस में गजब का उत्साह देखने को मिल रहा है। केरल, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों से लेकर देश के महानगरों तक, हर जगह मेसी के इस आखिरी मैच को देखने के लिए विशेष स्क्रीन और नाइट शोज की तैयारी की गई है। भारत में खेल प्रेमी इस मैच का सीधा प्रसारण विभिन्न स्पोर्ट्स चैनलों और डिजिटल ऐप्स पर लाइव देख सकेंगे। युवाओं और खेल प्रेमियों के बीच सुबह से ही सोशल मीडिया पर मेसी के पुराने गोल और उनकी जीत के जश्न के वीडियो ट्रेंड कर रहे हैं। फैंस अपने घरों और स्थानीय कैफे में इकट्ठा होकर इस ऐतिहासिक पल के गवाह बनने की तैयारी में जुटे हैं, जो साबित करता है कि फुटबॉल के इस जादूगर की दीवानगी भौगोलिक सीमाओं से परे है।
खेल विश्लेषकों का मानना है कि मेसी के जाने के बाद अर्जेंटीना की टीम में एक बड़ा खालीपन आ जाएगा जिसे भरना आसान नहीं होगा। पिछले दो दशकों में मेसी ने अकेले दम पर अपनी टीम को कई मुश्किल मैचों में जीत दिलाई है और 2022 का कतर विश्व कप जिताकर उन्होंने अपने करियर के सबसे बड़े सपने को पूरा किया था। आज का यह मुकाबला सिर्फ एक खेल नहीं है, बल्कि एक युग का समापन है जिसने खेल की परिभाषा को बदलकर रख दिया है। टीम के साथी खिलाड़ी और कोच भी इस बात को स्वीकार करते हैं कि ड्रेसिंग रूम में मेसी की मौजूदगी ही पूरी टीम के लिए ऊर्जा का सबसे बड़ा स्रोत हुआ करती थी।
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मैदान पर जीत से ज्यादा 'आखिरी जर्सी' हासिल करने की मची होड़
मैच शुरू होने से पहले ही खेल के गलियारों में इस बात की चर्चा है कि मुकाबला जीतने से ज्यादा खिलाड़ियों और अधिकारियों के बीच मेसी की 'आखिरी जर्सी' को पाने की होड़ मची हुई है। विपक्षी टीमों के खिलाड़ी भी मैच के बाद मेसी की जर्सी हासिल करने के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। यह इस बात का प्रमाण है कि मैदान पर विरोधी होने के बावजूद हर कोई मेसी के खेल और उनके व्यक्तित्व का कितना सम्मान करता है। खेल प्रशासन से जुड़े सूत्रों का कहना है कि इस मैच के बाद मेसी की जर्सी को फुटबॉल इतिहास के सबसे अनमोल धरोहरों में गिना जाएगा, जिसकी कीमत आंकी नहीं जा सकती।
स्थानीय खेलप्रेमियों और युवा खिलाड़ियों का कहना है कि उन्होंने फुटबॉल खेलना सिर्फ मेसी को देखकर शुरू किया था। ऐसे में उनका मैदान से इस तरह विदा होना एक युग के अंत जैसा है। हालांकि मेसी ने क्लब फुटबॉल खेलने की अभी पूरी घोषणा नहीं की है, लेकिन देश की जर्सी पहनकर खेलना उनके लिए हमेशा से सबसे ऊपर रहा है। 'द फ्रीलान्स' की इस जमीनी पड़ताल से साफ है कि मेसी का यह आखिरी मैच केवल एक खेल का मैदान नहीं, बल्कि भावनाओं का एक ऐसा समंदर है जिसमें पूरी दुनिया का फुटबॉल प्रेमी गोता लगा रहा है।
आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बने रहेंगे लियोनेल मेसी
लियोनेल मेसी का यह सफर सिर्फ ट्रॉफियों और रिकॉर्ड्स की कहानी नहीं है, बल्कि यह संघर्ष से उठकर शिखर तक पहुंचने की एक जीवंत मिसाल है। बचपन में शारीरिक ग्रोथ से जुड़ी परेशानियों से जूझने वाले एक साधारण लड़के से लेकर दुनिया के सबसे महान फुटबॉलर बनने तक का उनका सफर हर उस युवा को प्रेरित करता है जो बड़े सपने देखता है। आज जब वे अर्जेंटीना की जर्सी को अलविदा कह रहे हैं, तो खेल की दुनिया उन्हें एक खिलाड़ी से बढ़कर एक मसीहा के रूप में याद कर रही है। 'द फ्रीलान्स' की टीम ने पाया कि खेल अकादमियों में छोटे बच्चों को अब भी मेसी के वीडियो दिखाकर मेहनत और लगन का पाठ पढ़ाया जा रहा है।









