ओटीटी की दुनिया में खौफ और सस्पेंस का बढ़ता दायरा
आज के दौर में मनोरंजन का माध्यम पूरी तरह बदल चुका है। सिनेमाघरों के अलावा ओटीटी प्लेटफॉर्म्स ने दर्शकों के दिलों पर कब्जा कर लिया है। खासकर क्राइम, थ्रिलर, साइकोलॉजिकल सस्पेंस और हॉरर जॉनर की सीरीज देखने वालों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है। दर्शक अब ऐसी कहानियों की तलाश में रहते हैं जो उनकी बुद्धि को चुनौती दें और रोंगटे खड़े कर दें। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स जैसे जी5 और जियोहॉटस्टार पर ऐसी कई सीरीज मौजूद हैं जिन्हें अकेले देखने पर डर का अहसास होने लगता है।
इन सीरीज की खासियत यह होती है कि इनमें हर एपिसोड के साथ एक नया और चौंकाने वाला मोड़ आता है। साउंड इफेक्ट्स और डार्क सिनेमैटोग्राफी का ऐसा इस्तेमाल किया जाता है कि दर्शक खुद को उस कहानी का हिस्सा महसूस करने लगते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह का कंटेंट दर्शकों की साइकोलॉजी को गहराई से प्रभावित करता है और लंबे समय तक याद रहता है।
इसी कड़ी में आज हम आपको कुछ ऐसी चुनिंदा और खौफनाक ओटीटी सीरीज के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें देखने से पहले आपको अपना दिल मजबूत करना होगा। ये सीरीज अपनी अनोखी कहानी और दमदार अभिनय के कारण दर्शकों के बीच काफी चर्चा में हैं।
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चेन्नई के खौफनाक अपार्टमेंट का रहस्य समेटे तमिल सीरीज 'कन्नामूची'
अगर आपको सुपरनैचुरल और साइकोलॉजिकल हॉरर का कॉम्बिनेशन पसंद है, तो तमिल सीरीज 'कन्नामूची' आपके होश उड़ाने के लिए काफी है। इस सीरीज की कहानी एक सिंगल मदर प्रिया के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपने पति की मौत के बाद अपनी गूंगी और बहरी बेटी के साथ चेन्नई के एक नए अपार्टमेंट में शिफ्ट होती है। प्रिया को लगता है कि वह अपनी बेटी के साथ एक नई शुरुआत कर रही है, लेकिन उसे इस बात का बिल्कुल अंदाजा नहीं होता कि उस इमारत में क्या भयानक राज दफन हैं।
मां-बेटी को उस घर में अजीबोगरीब घटनाओं का सामना करना पड़ता है। बाद में यह बात सामने आती है कि जिस फ्लैट में वे रह रही हैं, वहां सालों पहले एक शख्स ने आत्महत्या की थी। कहानी तब डरावना मोड़ लेती है जब घर में हाइड एंड सीक खेलते हुए प्रिया की बेटी अचानक गायब हो जाती है। अपनी बच्ची को तलाशते हुए प्रिया के सामने 20 साल पुरानी एक खौफनाक मर्डर मिस्ट्री का पर्दाफाश होता है।
इस सीरीज को अविनाश हरिहरन ने निर्देशित किया है और इसमें आराध्या, शम्मा कसिम तथा विवेक प्रसन्ना ने अहम भूमिकाएं निभाई हैं। कुल 5 एपिसोड वाली इस सीरीज का हर एपिसोड लगभग 20 से 30 मिनट का है। इसकी आईएमडीबी रेटिंग 6.3 है और इसे जी5 पर आसानी से देखा जा सकता है।
कल्कि कोचलिन की साइकोलॉजिकल थ्रिलर 'भ्रम' का खतरनाक जाल
जी5 पर उपलब्ध एक और खौफनाक सीरीज 'भ्रम' है, जो दर्शकों को वास्तविकता और भ्रम के बीच उलझा कर रख देती है। इस सीरीज की मुख्य किरदार अलीशा खन्ना हैं, जिसे मशहूर अभिनेत्री कल्कि कोचलिन ने निभाया है। अलीशा पेशे से एक नोवलिस्ट है और वह एक भयानक सड़क हादसे के बाद पोस्ट ट्रॉमैटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर से जूझ रही होती है। इस एक्सीडेंट में उसने अपना मिसकैरेज झेलने के साथ अपने पति को भी खो दिया था।
हादसे के सदमे से उबरने के लिए वह अपनी बहन अंकिता और जीजा पीटर के घर रहने जाती है, जहां उसे लगातार हेलुसिनेशन होने लगते हैं। इसी दौरान वह एक लोकल टीनेज लड़की के गायब होने के मामले को सुलझाने निकलती है। अलीशा के मन के भीतर चल रहे द्वंद और बाहर की दुनिया के रहस्यों के बीच की रेखा इतनी धुंधली हो जाती है कि दर्शक भी भ्रमित हो जाते हैं।
"ओटीटी पर सस्पेंस थ्रिलर और हॉरर कंटेंट का निर्माण करते समय यह ध्यान रखना पड़ता है कि हर सीन दर्शक के मानसिक स्तर को झकझोर दे और वे कहानी के अंत तक बंधे रहें।" — मनोरंजन समीक्षक
यह सीरीज प्रसिद्ध उपन्यास 'द अदर साइड ऑफ हर' पर आधारित है, जिसे के. हरि कुमार ने लिखा है। संगीत सिवान के निर्देशन में बनी इस सीरीज में भूमिका चावला, संजय सूरी और एजाज खान जैसे बेहतरीन कलाकार भी नजर आते हैं। इसके कुल 8 एपिसोड हैं।
राजकुमार हिरानी की 'प्रीतम एंड पेड्रो' ने तोड़े व्यूअरशिप के सभी रिकॉर्ड
क्राइम, कॉमेडी और सस्पेंस का बेहतरीन मिश्रण पेश करने वाली सीरीज 'प्रीतम एंड पेड्रो' ने ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर सफलता के नए आयाम गढ़े हैं। जियोहॉटस्टार पर रिलीज हुई इस सीरीज को दर्शकों का अभूतपूर्व प्यार मिला है। गोवा के एक पुलिस अधिकारी पेड्रो और टेक-सैवी प्रीतम की जोड़ी ने बच्चों की किडनैपिंग जैसे गंभीर मामले को जिस अंदाज में सुलझाया है, वह वाकई काबिल-ए-तारीफ है।
इस सीरीज की कहानी जैसे-जैसे आगे बढ़ती है, वैसे-वैसे साइबर क्राइम, ऑनलाइन गेमिंग के काले सच और पुराने रिश्तों के कई गहरे राज सामने आते हैं। सीरीज में अरशद वारसी, विक्रांत मैسي, बोमन ईरानी, मोना सिंह और वीर हिरानी जैसे दिग्गज कलाकारों ने अपनी अदाकारी से जान फूंक दी है। यह मशहूर फिल्ममेकर राजकुमार हिरानी का ओटीटी डेब्यू प्रोजेक्ट है, जिसे अविनाश अरुण ने निर्देशित किया है।
इस सीरीज ने रिलीज के साथ ही करोड़ों व्यूज और वॉच आवर्स दर्ज कर व्यूअरशिप के पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। हिंदी के अलावा कई अन्य भारतीय भाषाओं में भी इसे खूब पसंद किया गया है।
निष्कर्ष: क्यों जरूरी है इस तरह का थ्रिलर कंटेंट?
कुल मिलाकर देखा जाए तो ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध ये सस्पेंस और हॉरर थ्रिलर सीरीज दर्शकों के मनोरंजन की परिभाषा को पूरी तरह बदल रही हैं। 'कन्नामूची' का खौफनाक अपार्टमेंट हो, 'भ्रम' की मानसिक उथल-पुथल हो या 'प्रीतम एंड पेड्रो' का जासूसी ड्रामा — हर कहानी दर्शकों को एक अलग ही दुनिया में ले जाती है। यदि आप भी कमजोर दिल वाले नहीं हैं और सस्पेंस भरे रोमांच का लुत्फ उठाना चाहते हैं, तो इन सीरीज को अपनी वॉचलिस्ट में जरूर शामिल करें। हालांकि, इन्हें अकेले देखने से बचने की सलाह दी जाती है क्योंकि इनका प्रभाव रात की नींद उड़ाने के लिए काफी है।







