मध्य रात्रि का सन्नाटा टूटा, जब वायरल हुआ रहस्यमयी वीडियो
देश के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में शुमार एक निजी विश्वविद्यालय में उस समय अफरातफरी का माहौल बन गया, जब रात के अंधेरे में एक कथित 'भूतिया' वीडियो तेजी से वायरल होने लगा। इस वीडियो के सामने आते ही हॉस्टल में रहने वाले सैकड़ों छात्र अपनी चारदीवारी छोड़कर बाहर निकल आए। छात्रों के बीच यह चर्चा आग की तरह फैल गई कि परिसर के अंदर कोई अदृश्य ताकत या साया घूम रहा है, जो कमरों के दरवाजे खटखटा रहा है। देखते ही देखते सन्नाटे में डूबा हुआ कैंपस नारेबाजी और भारी हंगामे का केंद्र बन गया।
छात्रों का यह भी दावा था कि अतीत में इस तरह के परिसरों में दुखद घटनाएं घट चुकी हैं, और उनकी आत्माएं अभी भी भटक रही हैं। हालांकि, इस तरह के दावों का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं होता, लेकिन सोशल मीडिया के दौर में अफवाहें बहुत तेजी से फैलती हैं और छात्रों के बीच डर का माहौल पैदा कर देती हैं। इसी डर और आशंका ने देखते ही देखते उग्र प्रदर्शन का रूप ले लिया, जिससे विश्वविद्यालय प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए।
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छात्रों का फूटा गुस्सा और सुरक्षा कर्मियों से तीखी नोकझोंक
जैसे-जैसे रात गहरी होती गई, प्रदर्शनकारी छात्रों की भीड़ बढ़ती गई। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मांग की कि इस तथाकथित रहस्यमयी घटना की सच्चाई सामने लाई जाए। विश्वविद्यालय के सुरक्षा कर्मियों ने छात्रों को शांत कराने की भरपूर कोशिश की और उन्हें समझाने का प्रयास किया कि परिसर में ऐसी कोई असाधारण या डरावनी घटना नहीं हुई है। अधिकारियों ने छात्रों को बताया कि कुछ शरारती तत्व जानबूझकर माहौल खराब करने के लिए कमरों के दरवाजे खटखटाकर भाग रहे हैं, ताकि अनावश्यक डर पैदा किया जा सके।
लेकिन आक्रोशित छात्रों के सिर पर डर और गुस्से का भूत सवार था। वे किसी भी अधिकारी की बात सुनने को तैयार नहीं थे। उनका कहना था कि प्रबंधन सुरक्षा के नाम पर केवल खानापूर्ति कर रहा है और हॉस्टल में रहने वाले युवाओं की सुरक्षा दांव पर लगी है। इस दौरान कैंपस के भीतर माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया और दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक का सिलसिला लगातार जारी रहा।
पुलिस का प्रवेश और उग्र भीड़ के साथ सीधी झड़प
मामला जब विश्वविद्यालय के सुरक्षा तंत्र के नियंत्रण से बाहर हो गया, तो स्थानीय पुलिस थानों को तुरंत इसकी सूचना दी गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कई थानों की भारी पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने जब उग्र हो चुके छात्रों को खदेड़ने और शांत करने का प्रयास किया, तो स्थिति और अधिक बिगड़ गई। पुलिस बल और छात्रों के बीच तीखी झड़प शुरू हो गई, जिससे परिसर रणक्षेत्र में बदल गया।
गुस्से में भरे कुछ छात्रों ने कानून को अपने हाथ में लेते हुए पुलिस की एक सरकारी गाड़ी पर हमला बोल दिया और उसमें तोड़फोड़ की। इस दौरान एक स्थानीय चौकी इंचार्ज के साथ भी धक्का-मुक्की और बदसलूकी की खबरें सामने आईं। छात्रों ने आरोप लगाया कि अधिकारी ने अपनी ड्यूटी के दौरान नियमों का पालन नहीं किया, जिसके बाद मौके पर ही उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया ताकि सच्चाई सामने आ सके।
"विश्वविद्यालय परिसर में कानून व्यवस्था बिगाड़ने और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। हमने छात्रों को आश्वस्त किया है कि वायरल वीडियो और रात में दरवाजे खटखटाने की घटना की पूरी तकनीकी और सीसीटीवी जांच कराई जाएगी। जो भी शरारती तत्व दोषी पाया जाएगा, उस पर सख्त कार्रवाई होगी।" — स्थानीय पुलिस प्रशासन
प्रशासनिक आश्वासन के बाद शांत हुआ माहौल
रातभर चले इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद जब वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और विश्वविद्यालय प्रबंधन ने संयुक्त रूप से हस्तक्षेप किया, तब जाकर स्थिति पर काबू पाया जा सका। अधिकारियों ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि इस पूरी घटना की तह तक जाया जाएगा। यह भी सुनिश्चित किया गया कि हॉस्टल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता किया जाएगा ताकि भविष्य में इस तरह की अफवाहें न फैल सकें।
जांच का आश्वासन मिलने के बाद धीरे-धीरे छात्रों का गुस्सा शांत हुआ और वे प्रशासनिक चेतावनी के बाद अपने-अपने कमरों की तरफ लौटे। इस पूरी घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि सोशल मीडिया पर बिना जांचे-परखे फैलाए जाने वाले वीडियो और अफवाहें कितनी खतरनाक साबित हो सकती हैं। पुलिस अब उस व्यक्ति की तलाश कर रही है जिसने सबसे पहले इस भ्रामक वीडियो को शूट करके सर्कुलेट किया था।






