नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सियासी सफर को आज पूरे पच्चीस साल हो गए हैं। इस खास मौके पर देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया से उन्हें बधाइयां मिल रही हैं। साल 2001 में उन्होंने पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर जिम्मेदारी संभाली थी। तब से लेकर आज तक उनका सफर लगातार आगे बढ़ रहा है और राजनीतिक गलियारों में इस पर गहरी चर्चा हो रही है।
इन पच्चीस सालों के सफर पर दुनिया भर के बड़े नेताओं ने अपनी बात रखी है। सर्बिया के पूर्व राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुसिक ने पीएम मोदी की जमकर तारीफ की है। उन्होंने दावा किया है कि वैश्विक मंच पर पीएम मोदी को कमजोर करने की कोशिशें की जा रही हैं। इसके बावजूद भारत उनके नेतृत्व में लगातार आगे बढ़ रहा है और स्वर्ग जैसी ऊंचाइयों को छू रहा है। दुनिया के कई अन्य देशों से भी उनके नेतृत्व कौशल की सराहना की गई है।
वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी से मिले प्रधानमंत्री
अपने सियासी जीवन के इस बड़े पड़ाव पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर अपने पुराने सहयोगियों को याद किया है। इसी कड़ी में आज उन्होंने देश के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी से मुलाकात की। इस मुलाकात की तस्वीरें भी सामने आई हैं जिनमें दोनों नेताओं के बीच पुराना और गहरा नाता साफ नजर आ रहा है। प्रधानमंत्री ने आडवाणी से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और राजनीतिक जीवन के इन पच्चीस सालों पर चर्चा की।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी का यह सफर भारतीय राजनीति की दिशा बदलने वाला रहा है। गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर देश के प्रधानमंत्री बनने तक का उनका यह सफर कई उतार-चढ़ाव से होकर गुजरा है। इस दौरान उन्होंने देश की आर्थिक और विदेश नीति में कई बड़े बदलाव किए हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का कद बढ़ाने में इन फैसलों की अहम भूमिका मानी जाती है।
वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती ताकत और कूटनीति
पिछले पच्चीस वर्षों में भारत की वैश्विक छवि में बड़ा बदलाव आया है। दुनिया के तमाम देश आज भारत के साथ मजबूत रिश्ते बनाने के लिए आगे आ रहे हैं। सर्बिया के पूर्व राष्ट्रपति का यह बयान भी इसी कूटनीतिक सफलता का एक हिस्सा माना जा रहा है। विदेशी मेहमान और नेता अक्सर भारतीय अर्थव्यवस्था और नेतृत्व की स्थिरता की मिसाल देते नजर आते हैं।
आम जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच भी इस मौके पर उत्साह का माहौल है। देश के अलग-अलग हिस्सों में लोग इस राजनीतिक सफर के पूरे होने पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। आने वाले दिनों में राजनीतिक दल इस milestone को लेकर कई और आयोजनों की रूपरेखा तैयार कर रहे हैं।
द फ्रीलान्स की ग्राउंड पड़ताल और निष्कर्ष
द फ्रीलान्स की टीम ने जब इस पूरे घटनाक्रम की पड़ताल की तो यह साफ हुआ कि प्रधानमंत्री मोदी का यह सियासी सफर सिर्फ एक आंकड़े तक सीमित नहीं है। यह भारतीय जनता पार्टी और देश की राजनीति की एक पूरी पीढ़ी के बदलाव को दिखाता है। आने वाले समय में इन पच्चीस सालों के अनुभवों का असर देश की नीतियों पर साफ दिखाई देता रहेगा।




