नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रशासनिक और राजनीतिक जीवन में एक बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है। सरकार के मुखिया के तौर पर उनके कामकाज के पूरे 25 साल हो गए हैं। इस ऐतिहासिक और खास अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के वरिष्ठ और वयोवृद्ध नेता लालकृष्ण आडवाणी से मुलाकात की। दिल्ली स्थित आडवाणी के आवास पर जाकर पीएम मोदी ने उनसे मुलाकात की और उनका आशीर्वाद लिया। इस मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं के बीच गर्मजोशी भरा माहौल देखने को मिला।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस मुलाकात के दौरान लालकृष्ण आडवाणी को पुष्पगुच्छ भेंट किया। उन्होंने देश के विकास और राजनीति में आडवाणी के बड़े योगदान को याद किया। राजनीतिक गलियारों में इस मुलाकात को बहुत अहम माना जा रहा है। गुजरात के मुख्यमंत्री पद से लेकर देश के प्रधानमंत्री बनने तक का सफर पूरा करने के बाद नरेंद्र मोदी का अपने राजनीतिक गुरु और मार्गदर्शक से मिलना एक भावनात्मक पल था। सामने आई तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह पीएम मोदी ने आदर भाव के साथ वयोवृद्ध नेता का अभिवादन किया।
गुजरात से दिल्ली तक का लंबा सफर
नरेंद्र मोदी ने पहली बार 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। उस समय देश और राज्य की राजनीति में कई तरह की चुनौतियां थीं। मुख्यमंत्री के रूप में अपने लंबे कार्यकाल के बाद, साल 2014 में उन्होंने देश के प्रधानमंत्री की कमान संभाली। तब से लेकर आज तक वे लगातार देश के प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इस तरह मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री दोनों पदों को मिलाकर सरकार के मुखिया के रूप में उनके 25 साल पूरे हो गए हैं। इस लंबी पारी में कई उतार-चढ़ाव आए, लेकिन उनका राजनीतिक सफर लगातार आगे बढ़ता रहा।
लालकृष्ण आडवाणी भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक हैं। पार्टी को देश भर में खड़ा करने में आडवाणी की बहुत बड़ी भूमिका रही है। जब नरेंद्र मोदी गुजरात के संगठन में काम कर रहे थे, तब आडवाणी का मार्गदर्शन उन्हें लगातार मिलता रहा। आज जब मोदी ने शासन के 25 साल पूरे किए हैं, तो इस सफर में आडवाणी के विचारों और आशीर्वाद की अहमियत को देश ने एक बार फिर महसूस किया है। पार्टी के पुराने कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच इस मुलाकात को लेकर काफी सकारात्मक चर्चा हो रही है।
तस्वीरों में झलका पुराना रिश्ता और सम्मान
मुलाकात की जो तस्वीरें सामने आई हैं, उनमें प्रधानमंत्री मोदी बहुत ही आदर भाव से लालकृष्ण आडवाणी के पास बैठे नजर आ रहे हैं। आडवाणी भी मुस्कुराते हुए प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत कर रहे हैं। इन तस्वीरों को देखकर दोनों नेताओं के बीच के पुराने और गहरे रिश्ते की झलक साफ मिलती है। सोशल मीडिया पर आम जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं ने इन तस्वीरों को शेयर करते हुए दोनों नेताओं को बधाई दी है। लोगों ने लिखा है कि यह एक सच्चे राजनीतिक शिष्य और गुरु के बीच का सम्मान है।
देश के कई बड़े नेताओं और मंत्रियों ने भी प्रधानमंत्री मोदी को 25 साल पूरे होने पर बधाई दी है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आडवाणी जैसे वरिष्ठ नेताओं के साथ लगातार संपर्क में रहना और उनका आशीर्वाद लेना प्रधानमंत्री की संस्कृति का हिस्सा रहा है। यह मुलाकात न सिर्फ राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह दिखाती है कि कैसे वरिष्ठ नेताओं का सम्मान किया जाना चाहिए।
देशभर में चर्चा का विषय बनी यह मुलाकात
इस मुलाकात की खबर सामने आते ही यह देश भर में चर्चा का विषय बन गई। टीवी चैनलों और डिजिटल मीडिया पर इस पर लंबी खबरें दिखाई गईं। लोगों ने सोशल मीडिया पर इस पल को ऐतिहासिक बताया है। राजनीति में भले ही कई बार मतभेद होते हैं, लेकिन व्यक्तिगत संबंधों और पुराने वरिष्ठ नेताओं के प्रति आदर का भाव भारतीय राजनीति की एक पुरानी परंपरा रही है।
द फ्रीलान्स की ग्राउंड पड़ताल बताती है कि इस मुलाकात के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। लोग इस बात की चर्चा कर रहे हैं कि कैसे दो दशकों से ज्यादा समय से देश की दिशा तय करने में इन नेताओं का योगदान रहा है। आने वाले दिनों में राजनीतिक कार्यक्रमों में भी इस milestone की गूंज सुनाई देगी।









