मैदान पर उतरी हिटमैन की आक्रामक पारी और नया रिकॉर्ड
भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी खिलाड़ी और कप्तान रोहित शर्मा ने खेल के मैदान पर एक बार फिर से अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया है। वेस्टइंडीज के खिलाफ खेली जा रही श्रृंखला के पहले मुकाबले के दौरान उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक और अद्भुत उपलब्धि अपने नाम दर्ज कर ली। हालांकि वह अपनी इस पारी को बड़े स्कोर में तब्दील करने से मामूली अंतर से चूक गए, लेकिन उन्होंने जितने भी समय बल्लेबाजी की, खेल प्रेमियों का दिल जीत लिया। मैदान पर उतरते ही उन्होंने अपनी चिर-परिचित शैली में गेंदबाजों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया था।
मुकाबले के दौरान उन्होंने शानदार शॉट्स खेलते हुए यह साबित कर दिया कि क्यों उन्हें दुनिया के सबसे खतरनाक सलामी बल्लेबाजों में गिना जाता है। विरोधी टीम के गेंदबाजों के पास उनकी आक्रामक बल्लेबाजी का कोई ठोस जवाब नहीं था। हालांकि, एक बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में वह बाउंड्री के पास अपना कैच थमा बैठे और अर्धशतक जमाने से कुछ रन दूर रह गए। इसके बावजूद, उनकी यह छोटी सी पारी इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए दर्ज हो गई है, क्योंकि इसी मैच के दौरान उन्होंने रन मशीन सचिन तेंदुलकर का एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।
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सचिन तेंदुलकर को पछाड़कर शीर्ष पर पहुंचे रोहित शर्मा
क्रिकेट के इतिहास में जब भी महान ओपनर्स की बात होती है, तो सचिन तेंदुलकर का नाम सबसे पहले लिया जाता है। लेकिन अब इस मामले में रोहित शर्मा ने मास्टर ब्लास्टर को पीछे छोड़ दिया है। अंतरराष्ट्रीय वनडे क्रिकेट में पारी की शुरुआत करते हुए 200 पारियों के बाद सबसे अधिक रन बनाने के मामले में रोहित अब दुनिया के नंबर एक बल्लेबाज बन चुके हैं। उन्होंने इस मुकाम तक पहुंचते हुए सचिन तेंदुलकर को काफी पीछे छोड़ दिया है।
आंकड़ों के मुताबिक, जब सचिन तेंदुलकर ने बतौर ओपनर अपनी शुरुआती 200 पारियां पूरी की थीं, तब उनके नाम 9217 रन दर्ज थे। वहीं, रोहित शर्मा ने अपनी 200वीं पारी का सफर पूरा करने के बाद कुल 9897 रन अपने खाते में जोड़ लिए हैं। इस प्रकार रोहित ने सचिन से लगभग 680 रन ज्यादा बनाते हुए नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। इस प्रतिष्ठित सूची में भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली 7870 रनों के साथ तीसरे पायदान पर मौजूद हैं, जबकि वेस्टइंडीज के विस्फोटक बल्लेबाज क्रिस गेल 7669 रनों के साथ चौथे स्थान पर काबिज हैं।
साल 2013 का वो ऐतिहासिक फैसला जिसने बदल दी तकदीर
रोहित शर्मा का शुरुआती करियर एक मिडिल-ऑर्डर बल्लेबाज के रूप में गुजरा था, जहां उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने के कई मौके मिले लेकिन निरंतरता की कमी के कारण वह खुद को स्थापित नहीं कर पा रहे थे। साल 2011 में दक्षिण अफ्रीका दौरे के दौरान उन्हें पहली बार वनडे मैचों में पारी का आगाज करने का अवसर मिला था। हालांकि उस सीरीज में वह बतौर ओपनर कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाए थे और लंबे समय तक टीम के अंदर-बाहर होने का सिलसिला चलता रहा।
असली बदलाव तब आया जब टीम प्रबंधन ने जनवरी 2013 में उन्हें स्थायी रूप से पारी की शुरुआत करने की जिम्मेदारी सौंपने का साहसिक फैसला लिया। इस एक निर्णय ने रोहित शर्मा के करियर को पूरी तरह से पलट कर रख दिया। इसके बाद 'हिटमैन' ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और दुनिया के हर कोने में जाकर गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाईं। सीमित ओवरों के क्रिकेट में उन्होंने कई दोहरे शतक और यादगार पारियां खेलकर अपनी अलग ही पहचान बनाई।
सफेद गेंद के खेल में रोहित का बेजोड़ और स्वर्णिम सफर
अपने लंबे और शानदार करियर के दौरान रोहित शर्मा ने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं, लेकिन सफेद गेंद के क्रिकेट में उनका दबदबा हमेशा कायम रहा है। टी20 अंतरराष्ट्रीय और टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह चुके रोहित अब पूरी तरह से केवल वनडे फॉर्मेट पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। इस फॉर्मेट में उन्होंने अब तक सैकड़ों मुकाबले खेले हैं और रनों का अंबार लगाया है। उनके बल्ले से निकले ढेरों शतक और अर्धशतक इस बात की गवाही देते हैं कि वह मौजूदा दौर के सबसे बेहतरीन बल्लेबाजों में से एक हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि रोहित की तकनीक, टाइमिंग और क्रीज पर टिकने की क्षमता उन्हें दूसरे खिलाड़ियों से अलग बनाती है। जब वह अपनी लय में होते हैं, तो दुनिया का कोई भी गेंदबाजी आक्रमण उनके सामने बेबस नजर आता है। यही वजह है कि खेल जगत में उनकी गिनती आधुनिक युग के महानतम खिलाड़ियों में की जाती है।
खेल विश्लेषकों और दिग्गजों की खास प्रतिक्रियाएं
रोहित शर्मा की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर देश और दुनिया के तमाम क्रिकेट दिग्गजों ने अपनी खुशी जाहिर की है। खेल पत्रकारों और विशेषज्ञों का मानना है कि 200 पारियों के बाद इस तरह का आंकड़े तक पहुंचना किसी चमत्कार से कम नहीं है। यह उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और खेल के प्रति समर्पण का परिणाम है।
"रोहित शर्मा ने जिस तरह से अपने करियर के मध्य में अपनी बल्लेबाजी की भूमिका को बदला और खुद को दुनिया का सबसे खतरनाक ओपनर बनाया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मिसाल है। सचिन तेंदुलकर जैसे महान खिलाड़ी को पछाड़ना कोई आम बात नहीं है।"— खेल विशेषज्ञ एवं वरिष्ठ पत्रकार
आने वाले समय में जब भी वनडे क्रिकेट के इतिहास पर नजर डाली जाएगी, रोहित शर्मा का नाम सुनहरे अक्षरों में लिखा मिलेगा। उनके इस रिकॉर्ड को तोड़ना भविष्य के किसी भी युवा बल्लेबाज के लिए बेहद कठिन चुनौती साबित होने वाला है। खेल प्रेमियों को उम्मीद है कि रोहित अपने इस बेहतरीन फॉर्म को आगे भी जारी रखेंगे और देश के लिए कई और ऐतिहासिक मैच जिताऊ पारियां खेलेंगे।







