भारतीय क्रिकेट में इन दिनों दिग्गजों के फॉर्म को लेकर बड़ी चर्चा हो रही है। देश के महान पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने अपनी राय रखी है। उन्होंने कहा है कि रोहित शर्मा और विराट कोहली को घरेलू टूर्नामेंट्स में हिस्सा लेना चाहिए। मैदान पर लगातार रन बनाने के लिए अभ्यास बेहद जरूरी होता है। जब खिलाड़ी लंबे समय तक सिर्फ अंतरराष्ट्रीय मैच खेलते हैं तो घरेलू मैचों की कमी खलती है।
सुनील गावस्कर ने अपने एक हालिया बयान में साफ कहा कि लंबे ब्रेक के बाद लय हासिल करना कठिन होता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर ये दोनों सीनियर खिलाड़ी कुछ घरेलू मैच खेलेंगे तो उन्हें अपनी तकनीक सुधारने का पूरा मौका मिलेगा। लाल गेंद से घरेलू क्रिकेट खेलने से बल्लेबाजों का आत्मविश्वास काफी मजबूत होता है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई भी इस दिशा में विचार कर रहा है।
रोहित और विराट के सामने फॉर्म की चुनौती
पिछले कुछ महीनों में रोहित शर्मा और विराट कोहली का बल्ला उम्मीद के मुताबिक नहीं चला है। टेस्ट क्रिकेट में दोनों बल्लेबाजों का प्रदर्शन थोड़ा चिंता का विषय रहा है। विदेशी दौरों पर और घरेलू पिचों पर भी वे बड़ी पारियां खेलने में नाकाम रहे हैं। क्रिकेट पंडितों का मानना है कि तकनीक में छोटी-छोटी कमियां आ गई हैं। इन कमियों को दूर करने के लिए घरेलू पिचों पर समय बिताना बहुत जरूरी हो गया है।
फैंस और खेल प्रेमी भी सोशल मीडिया पर अपनी राय लगातार साझा कर रहे हैं। कई लोगों का मानना है कि घरेलू क्रिकेट खेलने से कोई भी खिलाड़ी छोटा नहीं होता है। महान सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ जैसे खिलाड़ी भी फॉर्म के लिए घरेलू मैच खेलते थे। सुनील गावस्कर ने इसी पुरानी परंपरा को याद दिलाया है। उनका मानना है कि मैच अभ्यास का कोई विकल्प नहीं हो सकता है।
घरेलू क्रिकेट का स्तर और खिलाड़ियों की जिम्मेदारी
रणजी ट्रॉफी और अन्य घरेलू टूर्नामेंट्स भारतीय क्रिकेट की असली रीढ़ माने जाते हैं। इन मुकाबलों में नई पीढ़ी के गेंदबाज काफी दम लगाकर गेंदबाजी करते हैं। ऐसे कड़े माहौल में खेलने से बड़े बल्लेबाजों की परीक्षा होती है। जब अनुभवी खिलाड़ी घरेलू मैदान पर उतरते हैं तो युवा खिलाड़ियों को भी बहुत कुछ सीखने को मिलता है। इससे पूरे देश के घरेलू क्रिकेट का मान बढ़ जाता है।
टीम इंडिया का अगला शेड्यूल काफी व्यस्त रहने वाला है। विदेशी दौरों से पहले खिलाड़ियों के पास अपनी गलतियां सुधारने का सीमित समय है। चयनकर्ताओं की नजर भी इस बात पर है कि खिलाड़ी खुद को कैसे तैयार करते हैं। अगर रोहित और विराट घरेलू मैचों में खेलते हैं तो यह उनके लिए फायदेमंद होगा। आने वाले हफ्तों में यह देखना दिलचस्प होगा कि खिलाड़ी इस सलाह को कैसे अपनाते हैं।
फैंस और चयनकर्ताओं की आगे की नजर
भारतीय क्रिकेट प्रेमी हमेशा अपनी टीम को जीतते देखना चाहते हैं। रोहित और विराट देश के सबसे बड़े मैच विनर खिलाड़ी हैं। उनकी वापसी से टीम की ताकत कई गुना बढ़ जाती है। हर कोई यही उम्मीद कर रहा है कि वे जल्द ही अपने पुराने रंग में लौटेंगे। सुनील गावस्कर की इस सलाह पर अब क्रिकेट जगत में लंबी बहस छिड़ गई है। खेल के जानकारों का मानना है कि दिग्गज की बात में दम है।
बीसीसीआई के अधिकारी भी घरेलू क्रिकेट को बढ़ावा देने के पक्ष में हैं। सभी सीनियर खिलाड़ियों के लिए घरेलू सर्किट से जुड़ना अनिवार्य करने की बात चल रही है। आने वाले दिनों में यह साफ हो जाएगा कि खिलाड़ी रणजी या अन्य घरेलू मैच खेलते हैं या नहीं। द फ्रीलान्स की टीम इस मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है। खेल जगत से जुड़ी हर नई जानकारी आप तक सबसे पहले पहुंचाई जाएगी।








