रियलिटी शो में जाने से पहले स्वरा भास्कर ने तोड़ी चुप्पी
बॉलीवुड एक्ट्रेस स्वरा भास्कर इन दिनों अपने बयानों और एक नए रियलिटी शो 'राइज एंड फॉल 2' को लेकर चर्चा में बनी हुई हैं। कुछ वक्त पहले उनके द्वारा फिल्म 'पद्मावत' के एक विवादास्पद सीन पर दिए गए बयान ने सोशल मीडिया पर काफी तूल पकड़ा था। इस मामले में एक्ट्रेस को भारी विरोध और आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। अब शो के टॉवर में प्रवेश करने से पहले दिए गए एक इंटरव्यू में स्वरा ने इस पूरे घटनाक्रम पर विस्तार से बात की है और कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
स्वरा का कहना है कि उनके पुराने बयानों को पूरी तरह से संदर्भ से बाहर निकालकर पेश किया गया। उनका मानना है कि इस तरह के विवादों को अचानक हवा देना किसी सामान्य दर्शक की प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि सुनियोजित तरीके से चलाया गया अभियान है। एक्ट्रेस ने खुलकर राजनीतिक दलों और उनके सोशल मीडिया तंत्र पर निशाना साधा है, जिससे यह बहस एक बार फिर से सुर्खियों में आ गई है।
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'पद्मावत' के जौहर सीन पर क्या था पूरा मामला
यह पूरा विवाद संजय लीला भंसाली की बहुचर्चित फिल्म 'पद्मावत' के उस दृश्य से जुड़ा है जिसमें ऐतिहासिक जौहर को दिखाया गया है। साल 2018 में जब यह फिल्म आई थी, तब स्वरा भास्कर ने एक खुला खत लिखकर इस सीन पर कड़े सवाल खड़े किए थे। उन्होंने यह जानना चाहा था कि इस तरह के दृश्यों का समाज और खासकर उन महिलाओं पर क्या असर पड़ता है जिन्होंने जीवन में किसी बड़े आघात या हिंसा का सामना किया है।
हाल ही में जब उन्होंने दिल्ली के एक कार्यक्रम में अपनी उसी पुरानी बात को दोहराया, तो इंटरनेट पर एक बार फिर से बवाल मच गया। लोगों का एक वर्ग उनके इस बयान से बेहद नाराज हो गया और उन पर ऐतिहासिक परंपराओं का अनादर करने का आरोप लगाने लगा। स्वरा के मुताबिक, उनके इस बयान को लोगों ने बिना समझे ही उनके खिलाफ हथियार बना लिया।
मेरे बयान को जानबूझकर गलत रंग दिया गया: स्वरा भास्कर
मीडिया इंटरव्यू के दौरान अपनी बात रखते हुए स्वरा भास्कर ने स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी भी किसी प्रथा या महिलाओं का अपमान नहीं किया था। उन्होंने कहा कि उन्होंने केवल अपनी व्यक्तिगत भावना व्यक्त की थी। एक्ट्रेस ने कहा कि उन्होंने अंग्रेजी में कहा था कि अगर वह खुद उस परिस्थिति में होतीं, तो उन्हें अपनी असमर्थता पर कायरता महसूस होती, न कि उन्होंने किसी अन्य महिला को कायर कहा था।
"मैंने बस इतना कहा था कि अगर मैं रेप सर्वाइवर होती और उस तरह का महिमामंडन देखती, तो मैं खुद को कायर समझती। लेकिन मीडिया और सोशल मीडिया पर यह रिपोर्ट किया गया कि मैंने जौहर करने वाली महिलाओं को कायर कहा है। यह पूरी तरह से झूठ और दुर्भावनापूर्ण प्रचार था।" — स्वरा भास्कर, अभिनेत्री
उन्होंने आगे कहा कि जब उन्होंने अपनी बात को हिंदी में भी साफ-साफ समझाया, तब भी ट्रोल्स और आलोचकों ने उनके शब्दों के मायने बदल दिए। स्वरा का कहना है कि लोग उनके बयान की तह तक जाने की बजाय सिर्फ विवाद पैदा करने में रुचि रखते हैं ताकि माहौल गर्माया रहे।
राजनीतिक आईटी सेल और ट्रोल्स पर तीखा हमला
स्वरा भास्कर ने इस पूरे विवाद के पीछे किसी बड़े राजनीतिक षड्यंत्र की आशंका जताई है। उनका आरोप है कि विभिन्न राजनीतिक दलों के पास अपने आईटी सेल और सोशल मीडिया विंग्स हैं जिनका मुख्य काम ही कुछ चुनिंदा हस्तियों को निशाना बनाना है। उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ एक सुनियोजित एजेंडा चलाया जाता है जिसके तहत उनके हर बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया जाता है।
एक्ट्रेस ने तंज कसते हुए यह भी कहा कि कुछ लोगों की रोजी-रोटी ही उन्हें ट्रोल करने और उनके नाम पर हेडलाइंस बनाने से चलती है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि यदि उनके विरोध से किसी का घर चल रहा है, तो उन्हें त्योहारी सीजन में कम से कम उपहार जरूर भेजना चाहिए। स्वरा का यह बयान अब सोशल मीडिया पर एक नई बहस को जन्म दे चुका है, जहां उनके समर्थक और आलोचक आमने-सामने आ गए हैं।
निष्कर्ष और आगे की स्थिति
फिल्मों से लेकर सोशल मीडिया तक, स्वरा भास्कर हमेशा से अपने बेबाक बयानों के लिए जानी जाती रही हैं। 'पद्मावत' के जौहर सीन पर उनका यह स्पष्टीकरण बताता है कि वह अपने विचारों को लेकर कितनी दृढ़ हैं, भले ही इसके लिए उन्हें लगातार विरोध का सामना क्यों न करना पड़े। यह देखना दिलचस्प होगा कि उनके इस ताजा खुलासे के बाद सोशल मीडिया पर चल रही बहसों का रुख किस दिशा में जाता है।






