सिनेमाघरों में गूंजेगा डर का साया, पर्दे पर आ रही है अनोखी खौफनाक कहानी
बॉलीवुड गलियारों में इन दिनों एक नई मिस्ट्री थ्रिलर फिल्म को लेकर जबरदस्त चर्चाएं चल रही हैं। अभिनेता सिद्धार्थ मल्होत्रा और अभिनेत्री तमन्ना भाटिया की फ्रेश जोड़ी पहली बार बड़े पर्दे पर एक साथ जलवा बिखेरने जा रही है। दोनों की यह साझा फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज होने के बिल्कुल मुहाने पर है। सिनेप्रेमियों के बीच इस बात को लेकर भारी उत्सुकता बनी हुई है कि यह खौफनाक और रोमांच से भरपूर कहानी बॉक्स ऑफिस पर पहले दिन क्या करिश्मा दिखाने में कामयाब होती है। ट्रेड पंडितों और बॉक्स ऑफिस जानकारों की मानें तो फिल्म की ओपनिंग को लेकर काफी सकारात्मक आंकड़े सामने आ रहे हैं।
इस प्रोजेक्ट की सबसे खास बात यह है कि इसमें हॉरर और मिस्ट्री का एक ऐसा अनूठा मिश्रण परोसा गया है जो हिंदी सिनेमा के दर्शकों को कम ही देखने को मिलता है। सिद्धार्थ मल्होत्रा ने अपने फिल्मी करियर में कई तरह के एक्शन और रोमांटिक किरदार निभाए हैं, लेकिन सुपरनेचुरल जॉनर में उनका यह पहला कदम है। वहीं, तमन्ना भाटिया इस तरह की शैली में पहले भी अपने अभिनय का हुनर दिखा चुकी हैं। दोनों कलाकारों के फैंस इस अनोखे सफर को देखने के लिए बेहद बेताब हैं और सिनेमाघरों के बाहर टिकट खिड़कियों पर शुरुआती रुझान अच्छे रहने की उम्मीद की जा रही है।
फिल्म के निर्देशन की कमान दीपक मिश्रा ने संभाली है, जबकि इसकी पटकथा को अरुणभ कुमार ने बेहद बारीकी से गढ़ा है। बालाजी मोशन पिक्चर्स जैसे बड़े बैनर तले बनी इस फिल्म में मुख्य जोड़ी के अलावा श्वेता तिवारी, मनीष पॉल और अनूप सोनी जैसे मंझे हुए कलाकार भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। कलाकारों की यह फौज इस सस्पेंस थ्रिलर को और भी ज्यादा मजबूत और दमदार बनाती है, जिससे दर्शकों को हर पल एक नया रोमांच मिलने की पूरी उम्मीद है।
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बिहार के 400 साल पुराने रहस्यमयी मंदिर से जुड़ी है पटकथा
किसी भी फिल्म की सफलता में उसकी कहानी सबसे बड़ा हथियार होती है। 'द वन' के मामले में यह बात पूरी तरह सच साबित होती दिखती है क्योंकि इसकी जड़ें भारत की जमीन से जुड़े एक बेहद गहरे और पुराने रहस्य में समाई हुई हैं। फिल्म निर्माताओं ने खुद इस बात का खुलासा किया था कि इस पूरी कहानी का ताना-बाना बिहार के एक प्राचीन और ऐतिहासिक मंदिर के इर्द-गिर्द बुना गया है। यह मंदिर लगभग साढ़े तीन से चार सौ साल पुराना 'वन देवी' का मंदिर है, जिसके बारे में स्थानीय लोगों के बीच कई तरह की दंतकथाएं और डरावने किस्से मशहूर हैं।
पटना के पास स्थित इस मंदिर का इतिहास बेहद चौंकाने वाला है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, सूर्यास्त होने के बाद इस मंदिर के कपाट हमेशा के लिए बंद कर दिए जाते हैं और उसके बाद वहां किसी भी आम इंसान का जाना पूरी तरह वर्जित माना जाता है। आलम यह है कि मंदिर के मुख्य पुजारी भी रात होने के बाद उस परिसर में रुकने का साहस नहीं जुटा पाते। ऐसी लोकमान्यता है कि सूरज ढलने के बाद वन देवी खुद उस पूरे इलाके में विचरण करती हैं। इसी सच्ची और खौफनाक पृष्ठभूमि को फिल्म निर्माताओं ने अपनी कहानी का मुख्य आधार बनाया है, जो पर्दे पर दर्शकों के रोंगटे खड़े करने के लिए काफी है।
"मैंने अपने लंबे करियर में बहुत कम ऐसी स्क्रिप्ट्स पढ़ी हैं, जिन्हें पढ़ते ही दिल में एक अलग सी सिहरन दौड़ जाए और आत्मा तक वह बात उतर जाए। इस फिल्म की कहानी बिल्कुल अलग और असाधारण है।" — तमन्ना भाटिया, अभिनेत्री
अनंत चतुर्दशी की छुट्टियों और त्योहारी माहौल का मिलेगा पूरा फायदा
किसी भी फिल्म के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन को तय करने में उसकी रिलीज का दिन और उस दौरान चल रहे त्योहार या छुट्टियां बहुत बड़ा रोल अदा करती हैं। इस फिल्म के मेकर्स ने बहुत ही सोची-समझी रणनीति के तहत इसे ऐसे वक्त पर सिनेमाघरों में उतारा है जब देश के कई हिस्सों में खास उत्सव का माहौल है। शुक्रवार यानी रिलीज के दिन अनंत चतुर्दशी का पावन पर्व है, जिसके चलते महाराष्ट्र, गुजरात और बिहार जैसे प्रमुख राज्यों में सार्वजनिक अवकाश जैसी स्थिति है। इस सरकारी और सामाजिक छुट्टी का सीधा फायदा फिल्म की ओपनिंग पर पड़ेगा क्योंकि दर्शक बड़ी संख्या में परिवार समेत सिनेमाघरों का रुख कर सकते हैं।
फिल्म कारोबार के जानकारों और ट्रेड एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि शुरुआती दिन यह फिल्म भारतीय बाजार में लगभग 6 से 9 करोड़ रुपये के बीच का कारोबार कर सकती है। यदि वीकेंड के शुरुआती आंकड़े इस अनुमान पर खरे उतरते हैं, तो आने वाले दिनों में वर्ड ऑफ माउथ पब्लिसिटी के जरिए यह आंकड़ा और भी ज्यादा ऊपर जा सकता है। हालांकि, फिल्म की असली परीक्षा सिनेमाघरों में आने वाले दर्शकों के रिव्यू और माउथ पब्लिसिटी के बाद ही शुरू होगी, जो इसके लंबे टिकने का रास्ता तय करेंगे।
इसके अलावा, फिल्म का एक और पहलू जो सोशल मीडिया पर अभी से सुर्खियां बटोर रहा है, वह है इसका विशेष संगीत और एक खास सीक्वेंस। फिल्म में लोक संस्कृति से जुड़े महापर्व छठ को बेहद खूबसूरती और भव्यता के साथ पर्दे पर उतारा गया है। रिलीज से पहले ही इस विशेष सेगमेंट और इसके गानों की लोग जमकर तारीफ कर रहे हैं। यह सांस्कृतिक जुड़ाव भी दर्शकों को अपनी ओर खींचने में एक बड़ा तुरुप का इक्का साबित हो सकता है।
दर्शकों की उम्मीदें और सितारों का अनुभव
सिद्धार्थ मल्होत्रा के साथ काम करने को लेकर तमन्ना भाटिया ने अपने अनुभव साझा करते हुए कई बार अपनी खुशी जाहिर की है। उनका कहना है कि सिद्धार्थ के साथ स्क्रीन शेयर करना उनके पुराने सपनों में से एक था और उनके साथ काम करने का अनुभव बेहद शानदार रहा। तमन्ना का मानना है कि सिद्धार्थ एक बहुत ही मंजे हुए और नेचुरल अभिनेता हैं, जो हर किरदार में अपनी एक अलग जान फूंक देते हैं।
अब देखना बेहद दिलचस्प होगा कि दर्शकों का यह नया समीकरण और इस रहस्यमयी लोककथा पर बनी यह फिल्म बॉक्स ऑफिस की कसौटी पर कितना खरा उतरती है। क्या यह मिस्ट्री थ्रिलर दर्शकों के दिलों में अपनी खास जगह बना पाएगी या नहीं, इसका फैसला तो आने वाले कुछ दिनों के भीतर बॉक्स ऑफिस के नंबर खुद-ब-खुद बयां कर देंगे। फिलहाल, फिल्म के मेकर्स और फैंस दोनों की नजरें पहले दिन आने वाले कलेक्शन रिपोर्ट्स पर टिकी हुई हैं।






