नई दिल्ली: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इन दिनों एक नया वीडियो तेजी से चर्चा का विषय बना हुआ है। इस वीडियो में नेशनललिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) के सांसद और पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के संबंध में तीखे बयान देते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में इस पर बहस छिड़ गई है और लोग इस पर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
वायरल हो रही क्लिप में सांसद यूसुफ पठान को कहते हुए सुना जा सकता है कि, "ऐसे समय में जब बंगाल, मुर्शिदाबाद, बहरामपुर और पूरे भारत में लोग अपने मतदान अधिकार (Right to Vote) की रक्षा के लिए अपनी आवाज उठा रहे हैं, मैं इस पर अपनी क्या प्रतिक्रिया दूं..." उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक विश्लेषकों और आम नागरिकों के बीच मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। हालांकि 'द फ्रीलान्स' स्वतंत्र रूप से इस पूरे बयान के संदर्भ और मूल समयावधि की पुष्टि नहीं करता है, लेकिन यह क्लिप इंटरनेट पर व्यापक रूप से साझा की जा रही है।
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इस वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स के बीच तीखी बहस छिड़ गई है। एक वर्ग जहां निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता और नागरिकों के मताधिकार की सुरक्षा को लेकर चिंता जता रहा है, वहीं दूसरा पक्ष नेताओं द्वारा इस तरह के मंचों से दिए जाने वाले बयानों पर सवाल खड़े कर रहा है। इंटरनेट पर इस बात पर भी चर्चा हो रही है कि लोकतांत्रिक संस्थाओं और चुनाव आयोग के कामकाज पर इस तरह की टिप्पणियों का जमीनी स्तर पर क्या असर पड़ता है।
फिलहाल चुनाव आयोग या संबंधित पार्टी की ओर से इस वायरल वीडियो पर कोई औपचारिक और विस्तृत बयान सामने नहीं आया है। समाचार लिखे जाने तक यह वीडियो विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ट्रेंड कर रहा है और राजनीतिक दलों के बीच इस पर प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है।







