नई दिल्ली के सीमापुरी इलाके से एक बड़ी और दुखद खबर सामने आ रही है। यहां मंगलवार को एक पांच मंजिला जर्जर इमारत अचानक भरभरा कर नीचे गिर गई। इस भयानक हादसे के बाद पूरे इलाके में कोहराम मच गया और चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस और दमकल विभाग को दी, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आ गया। इमारत के गिरने से भारी मात्रा में मलबा सड़क और आसपास के रास्तों पर फैल गया है।
शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मलबे के नीचे करीब आठ से दस लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। इमारत गिरने की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग तुरंत अपने घरों से बाहर निकल आए। घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने अपने स्तर पर लोगों को बचाने की कोशिश शुरू कर दी थी। लेकिन मलबा बहुत ज्यादा होने के कारण आम लोगों के लिए राहत कार्य चलाना बहुत मुश्किल साबित हुआ। घटना की गंभीरता को देखते हुए तुरंत भारी पुलिस बल को तैनात कर दिया गया है।
राहत और बचाव कार्य में जुटी टीमें
हादसे की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग की कई गाड़ियां और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल यानी एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंच गईं। राहत बचाव दल ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया है और मलबे को हटाने का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया है। मलबे के नीचे दबे लोगों की सही संख्या का अभी आधिकारिक तौर पर पता नहीं चल पाया है। बचाव कर्मियों के पास भारी मशीनों और कटर का इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि मलबे को धीरे-धीरे सुरक्षित तरीके से हटाया जा सके।
प्रशासन का सबसे पहला फोकस मलबे में दबे जीवित लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना और उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाना है। घटनास्थल पर एम्बुलेंस की कई गाड़ियां लगातार तैनात रखी गई हैं ताकि घायलों को बिना एक भी पल गंवाए नजदीकी अस्पताल ले जाया जा सके। स्थानीय लोग भी प्रशासन की इस मुहिम में पूरा सहयोग कर रहे हैं। हालांकि, भीड़ ज्यादा होने के कारण पुलिस को रास्ता खाली कराने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है ताकि बचाव गाड़ियों को आने-जाने में कोई दिक्कत न हो।
प्रशासन की लापरवाही और जर्जर इमारतें
सीमापुरी का यह इलाका काफी घना बसा हुआ है और यहां कई पुरानी तथा कमजोर इमारतें मौजूद हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इलाके में कई ऐसी जर्जर इमारतें हैं जो कभी भी किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकती हैं। लोगों ने कई बार प्रशासन को इन अवैध और कमजोर निर्माण कार्यों के बारे में शिकायत भी की थी। इसके बावजूद समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिसका नतीजा इस दर्दनाक हादसे के रूप में सामने आया है।
घटनास्थल पर पहुंचे वरिष्ठ अधिकारियों ने हालात का जायजा लिया है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का भरोसा दिया है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि यह इमारत कितनी पुरानी थी और इसे बनाने में किन नियमों की अनदेखी की गई थी। क्या इस इमारत का निर्माण अवैध तरीके से किया गया था, इस सवाल का जवाब भी तलाशा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि राहत और बचाव कार्य पूरा होने के बाद ही हादसे के असल कारणों की विस्तृत जांच शुरू की जाएगी।
अस्पतालों में आपातकाल और घायलों का हाल
इस हादसे के बाद दिल्ली के नजदीकी अस्पतालों को भी पूरी तरह अलर्ट कर दिया गया है। डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की विशेष टीमों को आपातकालीन वार्ड में तैनात किया गया है ताकि घायलों के पहुंचते ही उन्हें तुरंत बेहतर इलाज मिल सके। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और राहत कार्यों में बाधा न डालें। 'द फ्रीलान्स' की टीम मौके पर मौजूद है और इस बड़ी घटना से जुड़ा हर ताजा अपडेट आप तक लगातार पहुंचाती रहेगी।



