नई दिल्ली और देश के विभिन्न सर्राफा बाजारों में इस हफ्ते सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। पिछले कुछ महीनों के रिकॉर्ड उच्च स्तर के बाद अब दामों में आई इस नरमी से आम ग्राहकों को बड़ी राहत मिली है। भारतीय मुद्रा की स्थिति मजबूत होने और वैश्विक बाजार के रुख के कारण लगातार दूसरे दिन कीमती धातुओं के भाव नीचे आए हैं। जानकारों का मानना है कि कीमतों में आई यह गिरावट उन परिवारों के लिए बहुत मददगार साबित हो रही है, जिनके घरों में अगले कुछ महीनों में शादियां और अन्य बड़े कार्यक्रम तय हैं।
राजधानी दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश के कानपुर और बिहार के भागलपुर जैसे प्रमुख व्यापारिक केंद्रों तक बाजार की स्थिति में बदलाव साफ नजर आ रहा है। जहां एक तरफ कानपुर और आसपास के इलाकों में स्थानीय मंडियों और सराफा दुकानों पर खरीदारों की भीड़ जुटने लगी है, वहीं कुछ स्थानीय खबरों में कीमतों में क्षेत्रीय अंतर भी सामने आया है। कुछ जगहों पर सोने के दाम डेढ़ लाख रुपये प्रति दस ग्राम के आंकड़े के आसपास बने हुए हैं, जबकि अन्य खुदरा बाजारों में चांदी की कीमतों में अचानक बड़ी गिरावट दर्ज की गई है जिससे छोटे खरीदारों की जेब पर बोझ कम हुआ है।
शादियों की एडवांस बुकिंग और खरीदारी में अचानक तेजी
दैनिक भास्कर और अन्य मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक पिछले सात महीनों में सोने और चांदी के भाव में जो उतार-चढ़ाव आया था, उसने खरीदारों को थोड़ा असमंजस में डाल रखा था। लेकिन अब कीमतें कम होते ही लोगों ने शादियों के लिए गहनों की एडवांस बुकिंग शुरू कर दी है। सर्राफा कारोबारियों का कहना है कि अगले दो महीनों तक बाजार में खरीदारों की भारी भीड़ रहने की उम्मीद है क्योंकि देवउठनी एकादशी और आगामी लगनों के लिए लोग अभी से खरीदारी में जुट गए हैं। दुकानदारों के चेहरों पर भी इस बात को लेकर खुशी है कि सुस्त पड़े बाजार में अब रौनक लौट रही है।
दूसरी ओर, बाजारों में बढ़ती हलचल के साथ ही सुरक्षा और चोरी जैसी घटनाओं को लेकर भी चिंताएं सामने आई हैं। चंदौली और अन्य जिलों से हाल ही में ऐसी खबरें आई हैं जहां चोरों ने घरों को निशाना बनाकर नकदी और सोने-चांदी के आभूषणों पर हाथ साफ किया है। पुलिस प्रशासन ने ऐसे मामलों में सतर्कता बढ़ा दी है और दुकानदारों के साथ-साथ आम नागरिकों को भी भारी मात्रा में कीमती सामान घर में सुरक्षित रखने के बजाय बैंक लॉकर या अन्य सुरक्षित विकल्पों का उपयोग करने की सलाह दी है। त्योहारों और लगन के इस सीजन में सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।
स्थानीय बाजारों में भाव का हाल और आगे का रुख
देश के अलग-अलग हिस्सों में स्थानीय टैक्स, ढुलाई और सर्राफा संघों के नियमों के आधार पर सोने और चांदी के भाव में थोड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। भागलपुर और कानपुर जैसी मंडियों में खाद्य तेलों और गल्ला बाजार के साथ-साथ सर्राफा बाजार के भाव रोजाना अपडेट किए जा रहे हैं ताकि ग्राहकों को सही जानकारी मिल सके। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक अर्थव्यवस्था और डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल तय करेगी कि सोने-चांदी के ये घटे हुए दाम टिके रहते हैं या फिर इनमें फिर से तेजी आएगी।
फिलहाल आम जनता और खासकर मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए यह समय खरीदारी करने का सबसे सही मौका माना जा रहा है। सोने-चांदी के व्यापारियों का भी यही कहना है कि यदि ग्राहक इस गिरावट के दौर में अपनी जरूरत का सामान खरीद लेते हैं, तो आने वाले महंगे समय से बचा जा सकता है। द फ्रीलान्स की जमीनी पड़ताल में यह बात सामने आई है कि बाजार का रुख पूरी तरह से ग्राहकों के पक्ष में झुका हुआ है, बशर्ते लोग अपनी खरीदारी करते समय पक्का बिल लें और शुद्धता की पूरी जांच परख जरूर करें।
सुरक्षा और खरीदारी से जुड़े जरूरी एहतियात
बाजार में रौनक लौटने के साथ ही पुलिस और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बड़ी मात्रा में सोना और चांदी घर में न रखें। असामाजिक तत्व इस सीजन में सक्रिय हो जाते हैं इसलिए गहनों की आवाजाही के दौरान पूरी सावधानी बरतें। दुकानदारों और ग्राहकों दोनों को डिजिटल भुगतान और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की जरूरत है। 'द फ्रीलान्स' की यह ग्राउंड रिपोर्ट यही संदेश देती है कि सतर्क रहकर और बाजार के सही भाव की जानकारी लेकर ही अपनी गाढ़ी कमाई का निवेश करें।









