कोलकाता/नई दिल्ली — भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता और राजनेता मिथुन चक्रवर्ती एक बार फिर अपने बयानों के चलते सुर्खियों में आ गए हैं। हाल ही में उन्होंने एक विस्फोटक इंटरव्यू के दौरान पश्चिम बंगाल के राजनीतिक हालात पर खुलकर अपनी बात रखी। मिथुन ने दो टूक शब्दों में कहा कि वह अपने गृह राज्य बंगाल को पश्चिम बांग्लादेश नहीं बनने देंगे। उन्होंने अपनी राजनीतिक विचारधारा और भाजपा के साथ जुड़े रहने के अपने फैसलों को लेकर बेबाक अंदाज में बात की है। उनके इस बयान के बाद राज्य की राजनीतिक सरगर्मी काफी बढ़ गई है और विभिन्न दलों के नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
राजनीति के मैदान में अपनी आक्रामक शैली के लिए पहचाने जाने वाले मिथुन चक्रवर्ती ने पहले भी पार्टी में शामिल होने के दौरान खुद को 'कोबरा' बताया था। उनका कहना था कि वह इस राजनीतिक जंग से कभी पीछे हटने वाले नहीं हैं। अभिनेता ने हमेशा से ही अपनी बात को पूरी बेबाकी के साथ रखा है, चाहे वह सिनेमा का पर्दा हो या फिर राजनीतिक मंच। बंगाल की मौजूदा कानून व्यवस्था और राजनीतिक माहौल को लेकर उनका यह ताजा बयान ऐसे समय आया है जब राज्य में कई मुद्दों पर गहमागहमी का माहौल बना हुआ है।
कोबरा बयान और राजनीतिक जंग पर अभिनेता का रुख
मिथुन चक्रवर्ती की राजनीतिक यात्रा उतार-चढ़ाव भरी रही है, लेकिन भाजपा से जुड़ने के बाद उन्होंने अपनी एक अलग आक्रामक छवि गढ़ी है। उनका यह कहना कि वह एक पूरा कोबरा हैं और किसी भी संघर्ष से डरते नहीं हैं, उनके समर्थकों में जोश भरने का काम करता है। विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में बंगाल की राजनीति में उनके बयानों का असर और अधिक देखने को मिल सकता है। विरोधी दल उनके बयानों को लेकर लगातार हमलावर रुख अपनाए हुए हैं, जबकि भाजपा कार्यकर्ता उनके समर्थन में खड़े नजर आते हैं।
राजनीतिक बयानों के अलावा मिथुन चक्रवर्ती पिछले कुछ समय से अपनी सेहत को लेकर भी चर्चा में रहे हैं। हाल ही में उनके अस्पताल के बेड पर बेहोशी की हालत में होने की तस्वीरें सामने आने के बाद उनके चाहने वाले चिंतित हो गए थे। हालांकि, उनके बेटे ने तुरंत आगे आकर फैंस को उनके स्वास्थ्य से जुड़ा ताजा अपडेट दिया और बताया कि अब उनकी तबीयत में सुधार है। सर्जरी के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी अस्पताल जाकर उनसे मुलाकात की थी, जिसकी तस्वीरें मीडिया में काफी वायरल हुई थीं।
स्वास्थ्य से जुड़ी चिंताएं और अस्पताल का हाल
एक तरफ जहां मिथुन चक्रवर्ती अपनी राजनीतिक सक्रियता बनाए हुए हैं, वहीं उनकी बढ़ती उम्र और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां उनके परिवार और प्रशंसकों के लिए चिंता का विषय रही हैं। अस्पताल में भर्ती होने और सर्जरी के बाद उनकी सेहत को लेकर तरह-तरह की खबरें सामने आई थीं। लेकिन डॉक्टरों की देखरेख और समय पर इलाज मिलने के बाद अब वह खतरे से बाहर हैं और तेजी से रिकवर कर रहे हैं। राजनेताओं का उनसे मिलने अस्पताल पहुंचना यह भी दर्शाता है कि वैचारिक मतभेदों के बावजूद व्यक्तिगत स्तर पर किस तरह के संबंध राजनीति में बने रहते हैं।
इसके साथ ही, कोलकाता के चर्चित ट्रेनी डॉक्टर मर्डर केस पर भी मिथुन चक्रवर्ती ने अपनी गहरी नाराजगी जताई थी। उन्होंने एक साक्षात्कार में कहा था कि इस घटना के बाद वह शर्मिंदा महसूस करते हैं और सिर उठाकर नहीं चल सकते। इस संवेदनशील मामले पर उनके अलावा बॉलीवुड और टॉलीवुड के कई अन्य कलाकारों ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी थी। शत्रुघन सिन्हा समेत कई दिग्गज हस्तियों ने डॉक्टरों की सुरक्षा और न्याय की मांग को लेकर अपनी आवाज उठाई है।
कोलकाता मर्डर केस और जनता की नाराजगी
कोलकाता के एक सरकारी अस्पताल में हुई उस डरावनी घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। एक महिला डॉक्टर के साथ हुई बर्बरता के बाद से ही पूरे देश में गुस्से की लहर दौड़ गई थी। मिथुन चक्रवर्ती ने इस मामले में खुलकर राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि ऐसी घटनाओं से समाज का सिर शर्म से झुक जाता है और आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी किसी घटना को रोका जा सके।
द फ्रीलान्स की ग्राउंड पड़ताल बताती है कि मिथुन चक्रवर्ती के ये तमाम बयान और उनकी हालिया गतिविधियां बंगाल की सियासत को गहराई से प्रभावित कर रही हैं। चाहे वह राजनीतिक बयानबाजी हो, स्वास्थ्य से जुड़ा संघर्ष हो या फिर सामाजिक मुद्दों पर उनकी राय, हर बात पर जनता की पैनी नजर बनी हुई है। आने वाले समय में देखना दिलचस्प होगा कि उनके ये तेवर चुनावी मैदान में कितना असर डालते हैं और जनता उनके इन विचारों पर क्या मुहर लगाती है।





