मंगलुरु, कर्नाटक: शांत तटीय शहर मंगलुरु के पास उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब देश की प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र की रिफाइनरी 'मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड' (MRPL) के परिसर के भीतर एक भीषण धमाका हुआ। 'द फ्रीलान्स' की टीम जब मौके पर पहुंची, तो हवा में धुएं के गुबार और आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल साफ महसूस किया जा सकता था। धमाका इतना जोरदार था कि इसकी गूंज न केवल रिफाइनरी के भीतर बल्कि कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी, जिससे एयरपोर्ट और जोकट्टे इलाके तक की इमारतें हिल गईं।
भूकंप जैसे झटके और घरों के टूटे शीशे
स्थानीय निवासियों के अनुसार, धमाका गुरुवार को अचानक हुआ, जिसे शुरुआती पलों में लोगों ने भूकंप के झटके समझा। जोकट्टे और रिफाइनरी के पास स्थित आवासीय बस्तियों में कई घरों की खिड़कियों के कांच टूट गए। लोगों ने बताया कि धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि उनके पैरों के नीचे की जमीन हिल गई। घटना के तुरंत बाद रिफाइनरी के भीतर आग की लपटें उठने लगीं, जिस पर दमकल विभाग की गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद काबू पाया।
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घायलों की स्थिति और राहत एवं बचाव कार्य
इस भीषण हादसे में कुल 8 लोगों के घायल होने की आधिकारिक पुष्टि हुई है। इनमें से एक कर्मचारी गंभीर रूप से झुलस गया है, जिसे तुरंत नजदीकी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है। बाकी 7 घायलों का इलाज भी विशेष चिकित्सा इकाइयों में चल रहा है। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। रिफाइनरी प्रबंधन ने भी घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।
रणनीतिक रूप से अहम MRPL और सुरक्षा के सवाल
एमआरपीएल (MRPL) भारत की एक नवरत्न कंपनी है और ओएनजीसी (ONGC) की सहायक इकाई है। यह रिफाइनरी देश के पेट्रोलियम और डीजल की आपूर्ति में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ऐसे उच्च सुरक्षा और संवेदनशील औद्योगिक परिसर के भीतर इस तरह की बड़ी दुर्घटना होना देश के तमाम औद्योगिक सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। क्या रूटीन मेंटेनेंस में कोई चूक हुई थी या इसके पीछे कोई तकनीकी विफलता थी, यह जांच का विषय है।
आगे की प्रशासनिक और तकनीकी जांच
घटना के बाद पेट्रोलियम मंत्रालय और सुरक्षा एजेंसियों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। फोरेंसिक टीमों ने मौके से नमूने एकत्र करना शुरू कर दिया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आखिर धमाके का मूल स्रोत क्या था। 'द फ्रीलान्स' इस पूरी जांच पर अपनी पैनी नजर बनाए रखेगा और जनता के सामने सच्चाई लाने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।








