मलयालम सिनेमा के गलियारों से एक नई और दमदार थ्रिलर फिल्म सामने आई है। इस फिल्म का नाम 'प्रथमा दृष्ट्या कुत्तक्कर' है। फिल्म की रिलीज के बाद से ही दर्शकों के बीच इसकी चर्चा तेज हो गई है। हिंदुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक, इस फिल्म की कहानी 'दृश्यम' से भी ज्यादा खतरनाक और उलझी हुई बताई जा रही है। फिल्म को आईएमडीबी पर 8 की शानदार रेटिंग मिली है, जो इसकी लोकप्रियता को साफ दिखाती है।
फिल्म की मुख्य खासियत इसकी अनोखी कहानी है। यह पूरी कहानी चार पुलिसवालों और दो लाशों के इर्द-गिर्द घूमती है। जब एक साथ दो शव मिलते हैं, तो महकमे में हड़कंप मच जाता है। इसके बाद शुरू होता है सच को खोजने का एक ऐसा खेल जो हर मोड़ पर दर्शकों को चौंका देता है। लेंसमैन रिव्यूज ने इसे एक बेहतरीन इंट्रा-पुलिस थ्रिलर बताया है, जहां पुलिस विभाग के अंदर का तनाव और शक साफ झलकता है।
पार्वती थिरुवोथु का नया और सख्त अवतार
इस फिल्म में साउथ की जानी-मानी अभिनेत्री पार्वती थिरुवोथु ने मुख्य भूमिका निभाई है। ज़ूम टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, फिल्म में उनका पहला लुक सामने आने के बाद से ही फैंस में उत्साह बढ़ गया था। इसमें वह एक कड़क पुलिस अफसर के रूप में नजर आ रही हैं। उनका यह सख्त और गंभीर अंदाज दर्शकों को बहुत भा रहा है। पार्वती ने अपने अभिनय से एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे किसी भी तरह के किरदार में आसानी से ढल सकती हैं।
फिल्म के निर्देशन और पटकथा पर भी काफी काम किया गया है। कहानी का हर एक सीन दर्शकों को कुर्सी से बांधकर रखता है। पुलिस महकमे के अंदर की खींचतान और आपसी अविश्वास को बहुत ही बारीकी से पर्दे पर उतारा गया है। यही वजह है कि समीक्षक भी इस फिल्म की तारीफ करने से खुद को रोक नहीं पा रहे हैं।
ओटीटी प्लेटफॉर्म पर देखने के लिए उपलब्ध
वीकेंड पर कुछ नया और रोमांचक देखने के शौकीन लोगों के लिए यह फिल्म एक अच्छा विकल्प है। मलयालम सिनेमा में इन दिनों थ्रिलर फिल्मों का दौर चल रहा है और 'प्रथमा दृष्ट्या कुत्तक्कर' इस फेरबहित में एक और मजबूत नाम जुड़ गया है। फिल्म की स्टार कास्ट और मजबूत कहानी इसे देखने लायक बनाती है।
दर्शकों की प्रतिक्रिया और आगे की उम्मीदें
सोशल मीडिया पर इस फिल्म को लेकर मिली-जुली लेकिन ज्यादातर सकारात्मक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। हालांकि कुछ लोगों का मानना है कि इसका दूसरा हिस्सा थोड़ा और बेहतर हो सकता था, फिर भी कुल मिलाकर इसे एक पैसा वसूल थ्रिलर माना जा रहा है। आईएमडीबी पर 8 की रेटिंग मिलना इस बात का सबूत है कि सामान्य दर्शकों ने इसे हाथों-हाथ लिया है।
द फ्रीलान्स की ग्राउंड पड़ताल बताती है कि दक्षिण भारतीय सिनेमा अब केवल क्षेत्रीय सीमाओं तक सीमित नहीं रहा है। ओटीटी के आने से ऐसी बेहतरीन फिल्में देश के हर कोने तक पहुंच रही हैं। 'प्रथमा दृष्ट्या कुत्तक्कर' ने साबित कर दिया है कि अगर कहानी में दम हो, तो भाषा की दीवारें स्वतः ही गिर जाती हैं। आने वाले दिनों में इस फिल्म के व्यूअर्स की संख्या में और इजाफा होने की पूरी उम्मीद है।







