दिल्ली में सियासी हलचल तेज, राहुल-प्रियंका धरने के लिए निकले
राजधानी दिल्ली में एक बार फिर सियासी पारा चढ़ गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को जंतर-मंतर पर होने वाले एक विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए जाना था। लेकिन, पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया। सुरक्षा कारणों और धारा 144 का हवाला देते हुए पुलिस ने दोनों नेताओं को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी।
इस रोक के बाद मौके पर तनाव की स्थिति बन गई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस कार्रवाई का विरोध किया और नारेबाजी शुरू कर दी। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
दो घंटे तक हिरासत में रहे कांग्रेस के दोनों बड़े नेता
पुलिस ने विरोध प्रदर्शन स्थल की ओर बढ़ रहे राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को हिरासत में ले लिया। उन्हें एक पुलिस वाहन में बिठाकर नजदीकी थाने ले जाया गया। पार्टी सूत्रों के अनुसार, दोनों नेताओं को करीब दो घंटे तक हिरासत में रखा गया। इस दौरान थाने के बाहर भी कांग्रेस समर्थकों का जमावड़ा लगा रहा।
कार्यकर्ताओं ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनका कहना था कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना हर नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन सरकार पुलिस के बल पर आवाज दबाने की कोशिश कर रही है।
पुलिस का पक्ष और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
दिल्ली पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि संबंधित इलाके में किसी भी तरह के बड़े जमावड़े या धरने की अनुमति नहीं थी। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया। पुलिस का यह भी तर्क था कि बिना अनुमति के प्रदर्शन करने से ट्रैफिक व्यवस्था और आम जनता को भारी असुविधा होती है।
घटना के बाद जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। अर्धसैनिक बलों की टुकड़ियां भी तैनात की गई हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना से निपटा जा सके।
कांग्रेस पार्टी का तीखा हमला
हिरासत से छूटने के बाद कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। पार्टी ने इसे तानाशाही रवैया करार दिया है। नेताओं का कहना है कि जनता के मुद्दों को उठाने से विपक्ष को डराया नहीं जा सकता।
"लोकतंत्र की हत्या की जा रही है। जनता की आवाज को दबाने के लिए पुलिस का दुरुपयोग हो रहा है, लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं।" — कांग्रेस पार्टी के नेता
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब देश में विभिन्न राजनीतिक मुद्दों को लेकर माहौल गरमाया हुआ है। आने वाले दिनों में कांग्रेस इस मामले को लेकर और आक्रामक रुख अपना सकती है।





