नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — पश्चिम एशिया से एक बड़ी और डरावनी खबर सामने आ रही है। सऊदी अरब की राजधानी रियाद के अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर हूती विद्रोहियों ने एक तगड़ा मिसाइल हमला किया है। इस खतरनाक हमले में अब तक 12 लोगों के मारे जाने की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है। इसके अलावा, इस घटना में करीब 309 लोग बुरी तरह घायल हुए हैं। राहत की बात यह है कि घायलों को तुरंत पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। मरने वाले लोगों में आठ अलग-अलग देशों के नागरिक शामिल हैं, जिससे इस हमले का दायरा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर बन गया है।
इस बड़े हमले के बाद पूरे मिडिल ईस्ट में खलबली मच गई है। सऊदी अरब के आसमान में धमाकों की गूंज सुनाई दी है और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि हूती विद्रोहियों ने बेहद सुनियोजित तरीके से इस मिसाइल को दागा था। एयरपोर्ट के नागरिक इलाकों को निशाना बनाए जाने से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों और यात्रियों की सुरक्षा पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। यमन की ओर से लगातार हो रही इन कार्रवाइयों ने खाड़ी देशों की नींद उड़ा दी है।
रियाद एयरपोर्ट पर मिसाइल हमले के बाद गहराया संकट
इस ताजा हमले के बाद सऊदी अरब सरकार के सामने एक बहुत बड़ी सुरक्षा चुनौती खड़ी हो गई है। रियाद प्रशासन अब इन लगातार हमलों का मुंहतोड़ जवाब देने की तैयारी कर रहा है। सऊदी रक्षा बलों के लिए अकेले इन विद्रोहियों से निपटना मुश्किल साबित हो रहा है। यही वजह है कि अब सऊदी अरब ने अंतरराष्ट्रीय मदद की गुहार लगाई है। खबरों के अनुसार, सऊदी सरकार इस संकट से निपटने के लिए अमेरिका, पाकिस्तान और तुर्की जैसे देशों से सैन्य और सामरिक मदद मांग रही है।
दूसरी ओर, इस पूरे घटनाक्रम में अमेरिका की सीधी एंट्री होने की सुगबुगाहट तेज हो गई है। वाशिंगटन पहले से ही इस क्षेत्र की हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखे हुए था। रियाद एयरपोर्ट पर हुए इस हमले के बाद अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन भी सक्रिय हो गया है। जानकारों का मानना है कि अगर हालात ऐसे ही रहे, तो अमेरिका इस जंग में सीधे तौर पर कूद सकता है। अमेरिकी युद्धपोत और सेनाएं पहले से ही इस क्षेत्र के आसपास तैनात हैं, जो किसी भी बड़े आदेश का इंतजार कर रही हैं।
यमन के रिहायशी इलाकों में जोरदार बमबारी और ईरान की चेतावनी
सऊदी अरब और उसके सहयोगी देशों ने भी इस हमले का करारा जवाब देना शुरू कर दिया है। हूती-सऊदी जंग के बीच अब यमन के कई रिहायशी इलाकों में जोरदार बमबारी की खबरें आ रही हैं। जवाबी कार्रवाई में सऊदी गठबंधन ने यमन के ठिकानों पर ताबड़तोड़ हवाई हमले किए हैं। उधर, यमन के अंसारुल्लाह संगठन ने भी कसम खाई है कि वे इस कार्रवाई का तगड़ा बदला लेंगे। इससे साफ पता चलता है कि आने वाले दिनों में यह संघर्ष और अधिक भयानक रूप ले सकता है।
इस पूरे मामले में ईरान की एंट्री ने स्थिति को और ज्यादा विस्फोटक बना दिया है। ईरान ने सीधे शब्दों में अमेरिका को चेतावनी दी है कि वह इस जंग में दखल न दे। तेहरान ने साफ कर दिया है कि अगर अमेरिकी सेना ने पश्चिम एशिया के मामलों में सीधा हस्तक्षेप किया, तो इसके परिणाम बहुत बुरे होंगे। ईरान की इस आक्रामक चेतावनी के बाद कूटनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। दुनिया के तमाम देश इस बात से डरे हुए हैं कि यह क्षेत्रीय विवाद कहीं तीसरे विश्व युद्ध की शुरुआत न बन जाए।
द फ्रीलान्स की ग्राउंड पड़ताल और आगे की आशंकाएं
हमारी फील्ड टीम और अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों का मानना है कि आने वाले 48 घंटे पश्चिम एशिया के लिए बहुत संवेदनशील हैं। रियाद एयरपोर्ट पर हमला कोई साधारण घटना नहीं है, बल्कि यह ग्लोबल एनर्जी सप्लाई और एविएशन सिक्योरिटी पर सीधा प्रहार है। यदि अमेरिका इस संघर्ष में खुलकर सामने आता है, तो ईरान और उसके समर्थक देश भी चुप नहीं बैठेंगे। इससे कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसका सीधा असर पड़ेगा। आम जनता और यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए एयरलाइंस कंपनियों ने भी खाड़ी देशों की उड़ानों पर नजर रखनी शुरू कर दी है।





