लखनऊ/द फ्रीलान्स ब्यूरो — उत्तर प्रदेश में आगामी त्योहारों के सीजन को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है। इसी बीच 19 अक्तूबर को महानवमी के अवसर पर प्रदेश के सभी स्कूल और कॉलेजों में छुट्टी घोषित करने की मांग जोर पकड़ रही है। छात्र, अभिभावक और कई सामाजिक संगठन अब सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दरवाजे तक पहुंच गए हैं। इस मामले को लेकर सोशल मीडिया से लेकर प्रशासनिक गलियारों तक चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। लोग जानना चाहते हैं कि क्या महानवमी के दिन शिक्षण संस्थानों में अवकाश रहेगा या छात्रों को स्कूल जाना पड़ेगा।
त्योहारों के इस दौर में माता के नौ रूपों की पूजा का विशेष महत्व होता है। प्रदेश के कई जिलों से अभिभावक संघों ने राज्य सरकार को ज्ञापन भेजे हैं। उनका तर्क है कि महानवमी और विजयादशमी के आसपास कई जगहों पर बड़े मेले और सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं। ऐसे में बच्चों और शिक्षकों के लिए छुट्टी होना बहुत जरूरी है ताकि वे अपने परिवार के साथ त्योहार मना सकें। कई शिक्षक संघों ने भी इस मांग का समर्थन किया है और शिक्षा विभाग के अधिकारियों से इस पर जल्द फैसला लेने की अपील की है।
माता के भक्तों और अभिभावकों की बड़ी मांग
उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से लगातार यह आवाज उठ रही है कि महानवमी जैसे पवित्र पर्व पर स्कूलों का खुला रहना उचित नहीं है। कई अभिभावकों का कहना है कि नौ दिनों के व्रत और पूजा-पाठ के दौरान बच्चे और माता-पिता दोनों व्यस्त रहते हैं। ऐसे में सुबह सुबह स्कूल भेजने और लाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। लोग सोशल मीडिया के जरिए भी मुख्यमंत्री कार्यालय को टैग कर रहे हैं और अपनी बात पहुंचा रहे हैं। जनता की इस मांग के बाद अब सबकी निगाहें शासन के अगले कदम पर टिकी हैं।
दूसरी ओर, शिक्षा विभाग के सूत्रों का कहना है कि शैक्षणिक कैलेंडर पहले से ही तय होता है। किसी भी नए अवकाश की घोषणा करने के लिए कैबिनेट या शासन स्तर पर विचार-विमर्श करना पड़ता है। बेसिक और माध्यमिक शिक्षा निदेशक कार्यालय के अधिकारियों का कहना है कि अभी तक उनके पास ऐसा कोई लिखित निर्देश नहीं आया है। यदि शासन स्तर से महानवमी पर छुट्टी को लेकर कोई नया आदेश जारी होता है, तो तुरंत सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों और बेसिक शिक्षा अधिकारियों को इसकी सूचना भेज दी जाएगी।
प्रशासनिक तैयारी और कैलेंडर पर नजर
अक्टूबर का महीना त्योहारों से भरा होता है। इस बार छुट्टियों के तालमेल को लेकर छात्रों और कर्मचारियों में संशय की स्थिति बनी हुई है। उत्तर प्रदेश सरकार के तय कैलेंडर के अनुसार कई त्योहारों पर अवकाश घोषित हैं, लेकिन महानवमी को लेकर स्थिति स्पष्ट न होने से असमंजस बढ़ गया है। स्कूल संचालकों और प्रधानाध्यापकों के पास भी अभिभावकों के लगातार फोन आ रहे हैं। हर कोई यह पुख्ता करना चाहता है कि 19 अक्तूबर को स्कूल खुलेंगे या बंद रहेंगे।
द फ्रीलान्स की ग्राउंड टीम ने जब राजधानी लखनऊ के कुछ प्रमुख स्कूलों के प्रबंधन से बात की, तो उन्होंने बताया कि वे शासन के आधिकारिक आदेश का इंतजार कर रहे हैं। बिना लिखित आदेश के स्कूल बंद करने का जोखिम कोई भी संस्थान नहीं उठा सकता है। हालांकि, कई निजी स्कूलों ने स्थिति को भांपते हुए आंतरिक स्तर पर विचार शुरू कर दिया है। यदि सरकार ऐन वक्त पर कोई राहत भरा फैसला लेती है, तो स्कूलों को तुरंत नोटिस जारी करना होगा।
क्या कहते हैं शिक्षा विभाग के अधिकारी
इस पूरे मामले पर जब हमने बेसिक शिक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी से बात की, तो उन्होंने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि शासन हर पहलू पर नजर रखे हुए है। जनभावनाओं और शैक्षणिक घंटों के नुकसान के बीच संतुलन बनाना प्रशासन की जिम्मेदारी होती है। हालांकि, अभी तक आधिकारिक अवकाश की कोई पुष्टि नहीं हुई है। छात्रों और अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचना का इंतजार करें।
कुल मिलाकर, महानवमी के अवकाश को लेकर उत्तर प्रदेश का राजनीतिक और सामाजिक पारा चढ़ गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक यह मांग पहुंचने के बाद अब हर किसी की नजर इस बात पर है कि क्या सरकार इस दिन सार्वजनिक अवकाश का ऐलान करती है या स्कूल अपने तय समय के अनुसार ही चलेंगे। द फ्रीलान्स इस मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और जैसे ही कोई नया अपडेट आएगा, हम सबसे पहले आप तक पहुंचाएंगे।







