नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — देश में क्रिकेट का बुखार हमेशा चढ़ा रहता है। लेकिन पिछले कुछ घंटों से एक नाम गूगल ट्रेंड्स पर तेजी से ऊपर आ रहा है। यह नाम है 'अजित अगरकर'। भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य चयनकर्ता अजित अगरकर इन दिनों हर क्रिकेट प्रेमी की जुबान पर हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह है हाल ही में घोषित हुई टी20 वर्ल्ड कप 2024 के लिए भारतीय टीम। अगरकर की अगुवाई वाली चयन समिति ने जो टीम चुनी है, उस पर लगातार बहस चल रही है। टीम में कुछ चौंकाने वाले नाम शामिल हुए हैं, तो कुछ बड़े नाम बाहर भी हुए हैं। इसी वजह से अगरकर अचानक सुर्खियों में आ गए हैं और लोग उनके फैसलों पर अपनी राय दे रहे हैं।
यह ट्रेंड सिर्फ कुछ घंटों का नहीं है, बल्कि टीम घोषणा के बाद से ही अगरकर और उनकी टीम के फैसले चर्चा का विषय बने हुए हैं। 30 अप्रैल को जब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने वर्ल्ड कप टीम का ऐलान किया, तब से ही क्रिकेट पंडित और आम दर्शक अपनी-अपनी राय रख रहे हैं। अगरकर ने कप्तान रोहित शर्मा के साथ मिलकर प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की थी। इसमें उन्होंने टीम चयन के पीछे की वजहें बताईं। लेकिन उनके स्पष्टीकरण के बाद भी कई सवाल अभी भी हवा में तैर रहे हैं। खासकर कुछ खिलाड़ियों की फॉर्म और उनकी जगह को लेकर गहरी चिंताएं जताई जा रही हैं।
वर्ल्ड कप टीम में कौन आया, कौन बाहर रहा?
अगरकर की चयन समिति ने टी20 वर्ल्ड कप के लिए 15 खिलाड़ियों की टीम चुनी है। इसमें कुछ बड़े फैसले लिए गए हैं। सबसे ज्यादा चर्चा ऋषभ पंत की वापसी को लेकर हुई है। पंत लंबे समय बाद चोट से वापसी कर रहे हैं। आईपीएल में उनका प्रदर्शन ठीक रहा है। वहीं, शिवम दुबे को भी टीम में जगह मिली है। दुबे ने आईपीएल में अपनी बल्लेबाजी से काफी प्रभावित किया है। लेकिन कुछ खिलाड़ियों को बाहर रखने पर सबसे ज्यादा सवाल उठे हैं। रिंकू सिंह का नाम इनमें सबसे ऊपर है। रिंकू ने पिछले कुछ समय में फिनिशर के तौर पर शानदार प्रदर्शन किया था। उन्हें टीम में न देखकर कई फैंस निराश हुए हैं।
इसके अलावा, शुभमन गिल को भी मुख्य टीम में जगह नहीं मिली है। उन्हें रिजर्व खिलाड़ियों की लिस्ट में रखा गया है। गिल की फॉर्म पिछले कुछ समय से उतार-चढ़ाव भरी रही है। वहीं, हार्दिक पांड्या को उप-कप्तान बनाया गया है, जबकि उनकी गेंदबाजी फॉर्म चिंता का विषय बनी हुई है। इन फैसलों ने क्रिकेट जगत में एक नई बहस छेड़ दी है। लोग जानना चाहते हैं कि आखिर इन बड़े खिलाड़ियों को क्यों बाहर रखा गया और किन आधारों पर दूसरे खिलाड़ियों को मौका मिला। अगरकर को इन सभी सवालों का जवाब देना पड़ रहा है।
अचानक क्यों चर्चा में आए अगरकर?
अजित अगरकर का अचानक चर्चा में आना उनकी मौजूदा भूमिका से जुड़ा है। मुख्य चयनकर्ता के तौर पर उनके हर फैसले पर सबकी नजर रहती है। टी20 वर्ल्ड कप एक बड़ा टूर्नामेंट है। इसमें भारत को 2007 के बाद से कोई खिताब नहीं मिला है। ऐसे में टीम चयन को लेकर उम्मीदें और दबाव दोनों बहुत ज्यादा होते हैं। अगरकर ने टीम चुनते समय कुछ कड़े फैसले लिए हैं। इन फैसलों ने सोशल मीडिया पर तूफान ला दिया है। क्रिकेट एक्सपर्ट्स भी अलग-अलग चैनलों पर टीम पर अपनी राय दे रहे हैं।
अगरकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में रिंकू सिंह को बाहर रखने पर कहा था कि टीम में संतुलन बनाने के लिए यह फैसला लेना पड़ा। उन्होंने कहा कि टीम में पहले से ही कई ऑलराउंडर और फिनिशर हैं। इसलिए रिंकू को जगह नहीं मिल पाई। वहीं, हार्दिक पांड्या की फॉर्म पर उन्होंने भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि हार्दिक एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी हैं और वह जल्द ही अपनी लय हासिल कर लेंगे। लेकिन इन बयानों से भी पूरी तरह से संतुष्टि नहीं मिली है। कई लोगों का मानना है कि रिंकू जैसे खिलाड़ी को बाहर करना एक बड़ी गलती हो सकती है।
आगे क्या होगा, टीम पर कितना दबाव?
अब जबकि टीम का ऐलान हो चुका है, सारा ध्यान वर्ल्ड कप में टीम के प्रदर्शन पर होगा। अगरकर और उनकी चयन समिति के फैसलों का असली इम्तिहान टूर्नामेंट में ही होगा। अगर टीम अच्छा प्रदर्शन करती है और खिताब जीतती है, तो इन सभी फैसलों को सही ठहराया जाएगा। लेकिन अगर टीम उम्मीदों पर खरी नहीं उतरती, तो चयनकर्ताओं पर सवाल उठना तय है। टीम पर भी बहुत दबाव होगा। उन्हें साबित करना होगा कि चयनकर्ताओं ने उन पर जो भरोसा जताया है, वह सही था।
द फ्रीलान्स की ग्राउंड पड़ताल बताती है कि अजित अगरकर का नाम अभी कुछ और समय तक ट्रेंड करता रहेगा। जब तक वर्ल्ड कप शुरू नहीं हो जाता और टीम अपना प्रदर्शन नहीं दिखा देती, तब तक चयन समिति के फैसलों पर बहस जारी रहेगी। यह भारतीय क्रिकेट की खासियत है कि यहां हर फैसला, हर खिलाड़ी और हर मैच पर गहरी नजर रखी जाती है। अगरकर ने एक मुश्किल काम किया है, अब देखना यह है कि उनकी चुनी हुई टीम इस चुनौती पर कितनी खरी उतरती है।







