लंदन/ग्राउंड ब्यूरो — यूईएफए नेशंस लीग के कड़े मुकाबले में इंग्लैंड ने चेक गणराज्य को 3-0 से हरा दिया है। इस जीत के साथ ही इंग्लैंड की टीम ने ग्रुप अंक तालिका में अपनी स्थिति बेहद मजबूत कर ली है। मैच में इंग्लैंड के कप्तान हैरी केन ने इतिहास रच दिया। यह उनका देश के लिए 125वां अंतरराष्ट्रीय मैच था। उन्होंने इस मैच में दो गोल किए और एक अन्य गोल में सीधी मदद भी की। पूरे मैच में इंग्लैंड की टीम पूरी तरह हावी दिखाई दी। चेक गणराज्य की टीम मुकाबले में कोई खास चुनौती पेश नहीं कर पाई।
मैच शुरू होते ही इंग्लैंड के खिलाड़ियों ने गेंद पर अपना नियंत्रण बना लिया था। मैदान के बीच में इंग्लिश मिडफील्डरों ने विपक्षी टीम को बांध कर रखा। चेक गणराज्य की रक्षापंक्ति पर लगातार दबाव बनता चला गया। खेल के पहले हाफ में ही इंग्लैंड को बढ़त मिल गई थी। इसके बाद चेक टीम वापसी के लिए जूझती नजर आई। दूसरे हाफ में इंग्लैंड ने अपने आक्रमण को और तेज कर दिया। चेक गणराज्य की टीम एक भी जवाबी हमला सही से पूरा नहीं कर पाई।
हैरी केन का ऐतिहासिक मुकाबला और मैदान पर दो गोल
कप्तान हैरी केन के लिए यह मैच बेहद खास और यादगार बन गया है। उन्होंने इंग्लैंड के लिए सबसे ज्यादा मैच खेलने के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। मैदान पर उतरते ही उन्होंने अपनी पुरानी लय दिखाई। खेल के पहले गोल में केन ने सटीक फिनिशिंग दिखाई। गेंद को गोलकीपर के पास से सीधे नेट में डाल दिया गया। इसके कुछ देर बाद उन्होंने एक साथी खिलाड़ी को गोल का सीधा पास दिया। मैच के अंतिम पड़ाव में उन्होंने अपना दूसरा गोल भी दाग दिया। इस प्रदर्शन ने इंग्लैंड की जीत बिल्कुल पक्की कर दी।
चेक गणराज्य के डिफेंडरों के पास हैरी केन का कोई ठोस तोड़ नहीं था। केन ने बॉक्स के अंदर अपनी स्थिति बहुत चतुराई से बनाई। वह हर बार सही समय पर सही जगह मौजूद दिखे। मैच के बाद कोच ने भी अपने कप्तान की जमकर तारीफ की। कोच ने कहा कि केन टीम के सबसे बड़े मार्गदर्शक हैं। मैदान पर उनका अनुभव टीम के युवा लड़कों के बहुत काम आता है।
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अंक तालिका में दोनों टीमों की ताजा स्थिति
इस शानदार जीत के बाद ग्रुप की अंक तालिका का गणित पूरी तरह बदल गया है। इंग्लैंड की टीम अब अपने ग्रुप में पहले स्थान पर मजबूती से जम गई है। तीन मैचों के बाद इंग्लैंड के खाते में पूरे अंक जुड़ चुके हैं। टीम का गोल अंतर भी अब काफी बेहतर हो गया है। इससे नॉकआउट दौर में पहुंचने की उसकी राह बहुत आसान दिख रही है।
दूसरी तरफ चेक गणराज्य की टीम के लिए मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। इस करारी हार के बाद चेक टीम अंक तालिका में तीसरे स्थान पर खिसक गई है। उनके खाते में गोल अंतर अब नकारात्मक हो चुका है। अगर चेक टीम को टूर्नामेंट में आगे बढ़ना है तो उसे अगले मैच हर हाल में जीतने होंगे। एक और हार उन्हें टूर्नामेंट की दौड़ से बाहर कर सकती है।
चेक गणराज्य की रक्षापंक्ति में कहां हुई बड़ी चूक
चेक गणराज्य की टीम ने मुकाबले की शुरुआत बहुत रक्षात्मक रणनीति के साथ की थी। उनका प्लान इंग्लैंड के स्ट्राइकरों को खाली जगह न देने का था। लेकिन यह रणनीति ज्यादा देर तक टिक नहीं सकी। पहले 20 मिनट के भीतर ही उनके दोनों साइड बैक दबाव में आ गए। इंग्लैंड के विंगरों ने मैदान की चौड़ाई का पूरा फायदा उठाया। चेक डिफेंडरों ने बॉक्स के बाहर कई गैर-जरूरी फाउल किए।
मिडफील्ड में भी चेक खिलाड़ी गेंद को अपने पास ज्यादा देर नहीं रख पाए। जब भी उन्हें गेंद मिली, उन्होंने हड़बड़ी में उसे गंवा दिया। इससे इंग्लिश टीम को बार-बार जवाबी हमले बोलने का मौका मिल गया। चेक गणराज्य के गोलकीपर ने दो अच्छे बचाव जरूर किए। लेकिन बाकी रक्षापंक्ति से उन्हें कोई खास मदद नहीं मिल सकी। टीम का आपसी तालमेल पूरे नब्बे मिनट तक बिखरा हुआ नजर आया।
आगे की राह और आने वाले बड़े मुकाबलों की तैयारी
इंग्लैंड की टीम अब अपने अगले घरेलू मुकाबले की तैयारियों में जुट गई है। टीम प्रबंधन इस जीत से काफी संतुष्ट नजर आ रहा है। टीम के युवा खिलाड़ी भी अब धीरे-धीरे अपनी जगह पक्की कर रहे हैं। कोच ने साफ किया है कि टीम अभी अपनी लय बरकरार रखना चाहती है। अंक तालिका में शीर्ष पर बने रहना ही टीम का पहला लक्ष्य है।
वहीं चेक गणराज्य के कैंप में अब समीक्षा बैठकें शुरू हो चुकी हैं। उनके मुख्य कोच ने माना कि टीम ने बुनियादी गलतियां की हैं। आने वाले हफ्तों में उन्हें बाकी बची टीमों से भिड़ना है। अगर वे अपनी रक्षापंक्ति को तुरंत नहीं सुधारते तो आगे का सफर मुश्किल होगा। फिलहाल इंग्लैंड के इस दबदबे ने यूरोप के फुटबॉल गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है।





