अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल के गलियारों में इन दिनों एक ही नाम की गूंज है - एस्पोसिटो बंधু। द फ्रीलान्स की खेल डेस्क से हमारी विशेष ग्राउंड कवरेज और वैश्विक खेल रिपोर्टों के गहन विश्लेषण के अनुसार, पियो (Pio) और सेबास्टियानो एस्पोसिटो (Sebastiano Esposito) ने इटली की राष्ट्रीय टीम के लिए मैदान पर उतरकर एक ऐसा कीर्तिमान स्थापित किया है, जिसकी मिसाल 1915 के बाद से नहीं मिली थी। तुर्की के खिलाफ नेशंस लीग के मुकाबले में इटली ने 4-1 से धमाकेदार जीत दर्ज की, लेकिन इस मुकाबले की असली सुर्खियां एस्पोसिटो भाइयों के नाम रहीं।
मैंसीनी के दूसरे कार्यकाल की धमाकेदार शुरुआत
तुर्की की धरती पर खेला गया यह मुकाबला कोच मैंसीनी के दूसरे कार्यकाल का आगाज भी था। टीम ने आक्रामक रुख अपनाते हुए पहले हाफ में ही मैच पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली। 'फुटमोब' और अन्य अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मैच का शुरुआती हाफ पूरी तरह से इटली के नाम रहा, जहां आक्रामक रणनीति ने तुर्की की रक्षा पंक्ति को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। इसी मैच में कोच ने जब एस्पोसिटो बंधुओं को एक साथ मैदान पर उतारने का साहसिक फैसला किया, तो स्टेडियम से लेकर टीवी स्टूडियो तक हलचल मच गई।
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110 साल पुराना सूखा हुआ खत्म
आंकड़ों और फुटबॉल इतिहास पर नजर डालें तो यह घटना इतालवी फुटबॉल के लिए ऐतिहासिक है। 'एपी न्यूज' और 'ईएसपीएन' की रिपोर्ट्स के पुख्ता दस्तावेजों के अनुसार, वर्ष 1915 के बाद यह पहला मौका है जब सगे भाइयों की किसी जोड़ी ने इटली की ओर से किसी अंतरराष्ट्रीय मैच में एक साथ स्टार्टिंग इलेवन (Starting XI) में जगह बनाई है। सदी से भी अधिक समय के इस सूखे के खत्म होने से इटली के फुटबॉल प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह है।
मैदान पर और अधिक समय बिताना चाहते हैं भाई
मैच के बाद मीडिया से बातचीत में एस्पोसिटो बंधुओं ने अपनी भावनाएं खुलकर साझा कीं। 'याहू स्पोर्ट्स' और अन्य खेल पोर्टल्स के हवाले से सामने आया है कि दोनों भाई आने वाले समय में भी 'मैदान पर अधिक से अधिक समय एक साथ साझा करने' की इच्छा रखते हैं। उनके बीच का तालमेल और मैदान पर आपसी समझ साफ तौर पर दिखाई देती है, जो आने वाले अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट्स में इटली के लिए एक बड़ा हथियार साबित हो सकती है।
भविष्य पर इसका क्या होगा असर?
यह ऐतिहासिक उपलब्धि केवल एक भावनात्मक पल नहीं है, बल्कि यह इतालवी फुटबॉल की युवा प्रतिभाओं के लिए एक नए युग की शुरुआत का संकेत भी है। जिस प्रकार से पियो और सेबास्टियानो ने दबाव के क्षणों में परिपक्वता दिखाई है, उससे साफ है कि वे सिर्फ बेंच गर्म करने के लिए नहीं आए हैं, बल्कि इटली की मुख्य टीम में अपनी जगह पक्की करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। 'द फ्रीलान्स' की इस विशेष रिपोर्ट से यह स्पष्ट होता है कि एस्पोसिटो बंधुओं का यह सफर अभी महज एक शुरुआत है।








