हरारे के मैदान पर महिलाओं के क्रिकेट में एक नया इतिहास लिखा गया है। वेस्टइंडीज और ज़िम्बाब्वे के बीच चल रही टी20 सीरीज के दूसरे मुकाबले में रनों का अंबार लग गया। वेस्टइंडीज की कप्तान और स्टार खिलाड़ी हेली मैथ्यूज ने इस मैच में अपनी बल्लेबाजी से तहलका मचा दिया। उन्होंने ज़िम्बाब्वे के गेंदबाजों की जमकर धुनाई करते हुए मैदान के हर कोने में शॉट खेले। उनकी इस आतिशी पारी को देखने के बाद हर कोई हैरान रह गया। यह मुकाबला क्रिकेट प्रेमियों के लंबे समय तक याद रहेगा क्योंकि इसमें कई बड़े रिकॉर्ड बने और टूटे।
मैच की शुरुआत से ही वेस्टइंडीज की बल्लेबाजों ने आक्रामक रुख अपनाया। कप्तान हेली मैथ्यूज ने पहले ही ओवर से रन बनाना शुरू कर दिया। उन्होंने मैदान पर टिककर खेलना जरूरी समझा और ज़िम्बाब्वे के किसी भी गेंदबाज को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया। हेली ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए मात्र कुछ ही ओवरों में अपना शतक पूरा कर लिया। इसके बाद भी उनकी रफ्तार धीमी नहीं हुई और वे लगातार बड़े शॉट लगाती रहीं। उन्होंने इस पारी में कुल 182 रन बनाए जो वेस्टइंडीज के क्रिकेट इतिहास में किसी भी बल्लेबाज का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बन गया है।
हेली मैथ्यूज ने तोड़े सभी पुराने रिकॉर्ड
क्रिकेट के इतिहास में व्यक्तिगत स्कोर के मामले में हेली मैथ्यूज ने एक नया मील का पत्थर स्थापित कर दिया है। 182 रनों की यह पारी महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की सबसे बड़ी पारियों में गिनी जाएगी। उन्होंने अपनी इस पारी में छक्कों और चौकों की झड़ी लगा दी। ज़िम्बाब्वे की फील्डिंग और गेंदबाजी इस दबाव के आगे पूरी तरह बिखर गई। कप्तान के रूप में हेली की यह पारी उनकी टीम के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा बन गई है। मैदान पर मौजूद दर्शकों ने भी खड़े होकर उनकी इस ऐतिहासिक पारी का अभिवादन किया।
इस मैच में सिर्फ हेली मैथ्यूज ही नहीं बल्कि टीम की अन्य युवा खिलाड़ियों ने भी कमाल का प्रदर्शन किया। वेस्टइंडीज की टीम में शामिल सिर्फ 17 साल की एक युवा बल्लेबाज ने भी मैदान पर आकर सनसनी फैला दी। इस युवा खिलाड़ी ने महज 20 गेंदों में ही अपना अर्धशतक पूरा कर लिया। टी20 क्रिकेट के इतिहास में इतनी कम गेंदों में अर्धशतक लगाना एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। इन दोनों पारियों के दम पर वेस्टइंडीज ने ज़िम्बाब्वे के सामने एक बेहद विशाल स्कोर खड़ा कर दिया था, जिसे पार करना किसी भी टीम के लिए नामुमकिन सा था।
सीरीज पर वेस्टइंडीज का धमाकेदार कब्जा
विशाल स्कोर का पीछा करने उतरी ज़िम्बाब्वे की टीम पर शुरुआत से ही मानसिक दबाव साफ नजर आ रहा था। वेस्टइंडीज की गेंदबाजों ने भी अपनी कप्तान के प्रदर्शन से जोश भरकर गेंदबाजी की। ज़िम्बाब्वे की शुरुआत बेहद खराब रही और उनके शुरुआती विकेट जल्दी गिर गए। टीम के बल्लेबाज वेस्टइंडीज की धारदार गेंदबाजी के सामने टिक नहीं सके। पूरी टीम निर्धारित ओवरों में काफी पीछे रह गई और मुकाबला बड़े अंतर से हार गई। इस जीत के साथ ही वेस्टइंडीज ने सीरीज पर भी अपना अधिकार जमा लिया है।
द फ्रीलान्स की ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक यह सीरीज वेस्टइंडीज महिला टीम के लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाली साबित हुई है। टीम के खिलाड़ियों ने गेंदबाजी, बल्लेबाजी और फील्डिंग तीनों ही विभागों में शानदार खेल दिखाया। ज़िम्बाब्वे की टीम इस मुकाबले से सीख लेकर आगामी मैचों में बेहतर प्रदर्शन करना चाहेगी। लेकिन फिलहाल क्रिकेट जगत में हर तरफ सिर्फ हेली मैथ्यूज की ही चर्चा हो रही है। उनके इस रिकॉर्ड को तोड़ना आने वाले समय में किसी भी खिलाड़ी के लिए आसान नहीं होगा।
महिला क्रिकेट में नए युग की शुरुआत
हेली मैथ्यूज की यह पारी इस बात का सबूत है कि महिला क्रिकेट अब कितनी तेजी से आगे बढ़ रहा है। दुनिया भर में महिला खिलाड़ियों का प्रदर्शन अब पुरुषों के मुकाबले किसी भी तरह से कम नहीं आंका जा रहा है। छोटी उम्र की खिलाड़ियों का इस तरह से रिकॉर्ड तोड़ना यह बताता है कि आने वाला भविष्य बहुत उज्ज्वल है। वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड और वहां के फैंस इस जीत का जश्न मना रहे हैं। टीम का अगला लक्ष्य इस शानदार फॉर्म को बरकरार रखना और आगामी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भी ऐसा ही प्रदर्शन करना होगा।



