क्रिकेट के गलियारों में इस वक्त भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने वाली आगामी सीरीज को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। 'द फ्रीलान्स' की ग्राउंड इन्वेस्टिगेशन के मुताबिक, चयनकर्ता एक बार फिर से 'ओल्ड फॉर्मूला' की ओर लौटते नजर आ रहे हैं, जहां अनुभव और युवा ऊर्जा का एक नया संतुलन बिठाने की कोशिश की जाएगी। ईडन गार्डन्स से लेकर देश के तमाम खेल प्रेमियों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि कैरेबियन टीम के खिलाफ किन खिलाड़ियों को अंतिम एकादश में जगह मिलती है।
स्क्वाड में बड़े बदलाव और सात खिलाड़ियों की संभावित छुट्टी
विश्वसनीय सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स से जो संकेत मिल रहे हैं, उसके अनुसार वेस्टइंडीज के खिलाफ आगामी वनडे और टी20 मुकाबलों के लिए टीम इंडिया में बड़े पैमाने पर फेरबदल हो सकता है। जसप्रीत बुमराह, श्रेयस अय्यर और इशान किशन समेत लगभग सात ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्हें इस सीरीज से बाहर या विश्राम दिया जा सकता है। कार्यभार प्रबंधन (Workload Management) के तहत यह कदम उठाया जाना लगभग तय माना जा रहा है।
संबंधित खबरें
युवाओं की एंट्री: यशस्वी और ऋतुराज पर टेडकी नजरें
एक तरफ जहां सीनियर खिलाड़ियों को आराम दिए जाने की चर्चा है, वहीं दूसरी तरफ युवा सलामी बल्लेबाजों के लिए यह एक स्वर्णिम अवसर साबित हो सकता है। यशस्वी जयसवाल और ऋतुराज गायकवाड़ के संभावित स्क्वाड में शामिल होने की मजबूत संभावनाएं हैं। घरेलू क्रिकेट और हालिया दौरों पर उनके प्रदर्शन को देखते हुए टीम प्रबंधन उन्हें कैरेबियन पिचों पर आजमाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
'ओल्ड फॉर्मूला' और प्लेइंग इलेवन का समीकरण
टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन को लेकर जो अंदरूनी खबरें छनकर आ रही हैं, उनके मुताबिक रिंकू सिंह और वाशिंगटन सुंदर जैसे खिलाड़ियों को लेकर अभी संशय बना हुआ है। चयन समिति कुछ पुराने और भरोसेमंद संयोजनों की तरफ लौट सकती है, जिसे क्रिकेट पंडित 'ओल्ड फॉर्मूला' का नाम दे रहे हैं। इसका मकसद उन खिलाड़ियों को मैदान पर उतारना है जो विपरीत परिस्थितियों में टीम को संभाल चुके हैं।
ईडन गार्डन्स पर मुकाबला और आगामी चुनौतियां
'ईडन में खेला होबे' की तर्ज पर भारतीय टीम इस सीरीज को अपने नाम करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। हालांकि, टीम इंडिया का अगला शेड्यूल काफी व्यस्त है और वेस्टइंडीज सीरीज के बाद अन्य बड़ी टीमों के खिलाफ भी मुकाबले होने हैं, ऐसे में खिलाड़ियों की फिटनेस और फॉर्म चयनकर्ताओं के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द बनी हुई है। मैदान पर उतरने से पहले खिलाड़ियों का पसीना बहाना यह साफ जाहिर करता है कि मुकाबला आसान नहीं होगा।







