नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — फुटबॉल की दुनिया में इन दिनों क्रोएशिया के अनुभवी खिलाड़ी इवान पेरिसिच का नाम काफी चर्चा में है। गूगल ट्रेंड्स पर अचानक उनकी खोज बढ़ गई है क्योंकि खेल विशेषज्ञ उनके मैदान पर खेल की स्थिति को लेकर लगातार नई बातें कह रहे हैं। पीएसवी आइंडहोवन टीम के लिए उनका खेल अब टीम की रणनीति का अहम हिस्सा बन चुका है। यूट्रेच और एक्सेल्शियर जैसी टीमों के खिलाफ हुए हालिया मुकाबलों में पीएसवी के शुरुआती गोल और हमलों ने खेल प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
डच फुटबॉल के जाने-माने विश्लेषक आंद्रे डी मोस ने हाल ही में इवान पेरिसिच की खेल शैली पर बड़ी बात कही है। उनका मानना है कि मैदान पर सही जगह मिलने से पेरिसिच टीम के लिए सबसे ज्यादा असरदार साबित हो सकते हैं। पीएसवी आइंडहोवन का अगला मुकाबला हीरेनवीन के खिलाफ है। इस बड़े मैच से पहले कोच और टीम प्रबंधन के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि पेरिसिच को कौन सी पोजीशन पर मैदान पर उतारा जाए ताकि टीम को पूरा फायदा मिल सके।
पीएसवी आइंडहोवन टीम में पेरिसिच की भूमिका
इवान पेरिसिच ने अपने लंबे और शानदार करियर में कई बड़ी टीमों के लिए बेहतरीन खेल दिखाया है। अब डच लीग में पीएसवी के साथ जुड़ने के बाद उन पर उम्मीदों का बड़ा भार है। यूट्रेच और एक्सेल्शियर के खिलाफ मैचों में टीम की रणनीति काफी आक्रामक रही है। ऐसे में पेरिसिच का अनुभव युवा खिलाड़ियों के बहुत काम आ रहा है। खेल विश्लेषकों का मानना है कि विंग पर खेलते हुए पेरिसिच विरोधी टीम की रक्षा पंक्ति के लिए हमेशा से बड़ी मुसीबत बनते आए हैं।
मैदान पर उनकी यह काबिलियत पीएसवी को खिताब की दौड़ में सबसे आगे रख सकती है। हीरेनवीन के खिलाफ होने वाले आगामी मैच से पहले टीम के अभ्यास सत्र में इसी रणनीति पर सबसे ज्यादा जोर दिया जा रहा है। कोच चाहते हैं कि पेरिसिच अपनी पूरी क्षमता के साथ खेलें ताकि मैच के शुरुआती मिनटों से ही विपक्षी टीम पर दबाव बनाया जा सके।
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अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रोएशियाई टीम का प्रदर्शन
क्लब फुटबॉल के साथ-साथ इवान पेरिसिच का अंतरराष्ट्रीय करियर भी काफी शानदार रहा है। क्रोएशिया की राष्ट्रीय टीम के लिए खेलते हुए उन्होंने कई मौकों पर मैच का पासा पलटा है। स्पेन के खिलाफ हुए मुकाबलों में भी पेरिसिच का नाम सुर्खियों में रहा था। स्प्लिट शहर में खेले गए मैच के दौरान क्रोएशियाई टीम ने शानदार शुरुआत की थी और पेरिसिच के शानदार खेल की बदौलत टीम ने पहले बढ़त भी बनाई थी। हालांकि बाद के पलों में स्पेनिश टीम ने वापसी करते हुए मैच अपने नाम कर लिया था।
अंतरराष्ट्रीय मैचों का यह अनुभव अब पेरिसिच को क्लब फुटबॉल में भी मदद कर रहा है। जब भी दबाव के क्षण आते हैं, तो वह मैदान पर एक शांत और अनुभवी नेता की तरह नजर आते हैं। पीएसवी के समर्थक भी यही उम्मीद कर रहे हैं कि यूरोपियन मुकाबलों में उनका यही अनुभव टीम को जीत दिलाएगा।
आगामी मैचों की रणनीति और प्रशंसकों की उम्मीदें
आने वाले हफ्तों में पीएसवी आइंडहोवन के लिए कई अहम मुकाबले होने हैं। डच लीग के साथ-साथ यूरोपियन टूर्नामेंट के मैच भी टीम की परीक्षा लेंगे। कोच आंद्रे डी मोस और अन्य विशेषज्ञों का मानना है कि पेरिसिच की फिटनेस और फॉर्म ही टीम की सफलता तय करेगी। प्रशंसक भी सोशल मीडिया पर लगातार अपने चहेते खिलाड़ी के खेल पर नजर बनाए हुए हैं।
द फ्रीलान्स की इस ग्राउंड पड़ताल से साफ है कि इवान पेरिसिच का जलवा अभी कम नहीं हुआ है। उम्र के इस पड़ाव पर भी उनका खेल मैदान पर नई ऊर्जा भर देता है। आने वाले मैचों में यह देखना दिलचस्प होगा कि पीएसवी प्रबंधन उनका उपयोग किस तरह से करता है और टीम को इससे कितना फायदा मिलता है।






