नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — खेल के मैदान पर अपनी गजब की फुर्ती और शांत दिमाग के लिए पहचाने जाने वाले क्रोएशिया के कप्तान लुका मोड्रिच एक बार फिर चर्चा में हैं। अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको की संयुक्त मेजबानी में आज से फीफा विश्व कप 2026 का आधिकारिक आगाज हो चुका है। इस बड़े टूर्नामेंट में भारत के करीब तीस करोड़ दर्शक अपनी रातें जागकर मैचों का लुत्फ उठाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। फुटबॉल प्रेमियों के बीच इस बात की खासी चर्चा है कि क्या मोड्रिच एक बार फिर अपनी छोटी सी टीम को दुनिया के नक्शे पर सबसे आगे ले जा पाएंगे।
खेल जानकारों का मानना है कि क्रोएशियाई टीम के लिए यह सफर बिल्कुल भी आसान नहीं होने वाला है। हाल ही में पुर्तगाल के खिलाफ हुए मुकाबलों में रामोस और रोनाल्डो जैसे खिलाड़ियों के दम पर पुर्तगाली टीम ने क्रोएशिया को दो-एक से शिकस्त दी थी। इस हार के बाद से क्रोएशियाई खेमे में चिंता की लकीरें साफ देखी जा सकती हैं। हालांकि, टीम के मुख्य कोच और साथी खिलाड़ी अब भी अपने कप्तान लुका मोड्रिच के अनुभव पर पूरा भरोसा कर रहे हैं। मैदान के बीचों-बीच गेंद पर नियंत्रण रखने और खेल की चाल बदलने में मोड्रिच का कोई मुकाबला नहीं है।
मैदान पर मोड्रिच का जादू और बढ़ती उम्र की चुनौती
फुटबॉल के जानकारों का कहना है कि उम्र के इस पड़ाव पर आकर भी मोड्रिच का जोश किसी युवा खिलाड़ी से कम नहीं है। उन्होंने अपने करियर में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं और हर बार अपनी टीम के लिए संकटमोचन बनकर उभरे हैं। साल दो हजार अट्ठारह के विश्व कप में क्रोएशिया को फाइनल तक पहुँचाने में उनका सबसे बड़ा हाथ था। इस बार भी देश और दुनिया के तमाम फैंस को उम्मीद है कि वे अपने जादूई खेल से एक बार फिर पुराना इतिहास दोहराएंगे। एसी मिलान और लेसे जैसे क्लब मैचों की तरह ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है।
भारतीय दर्शकों के बीच भी इस बार विश्व कप को लेकर गजब का उत्साह देखने को मिल रहा है। खेल चैनल और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर रातभर जागकर मैच देखने वालों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है। सोशल मीडिया पर लुका मोड्रिच के नाम से जुड़े कई ट्रेंड्स शीर्ष पर बने हुए हैं। लोग उनके पुराने मैचों के वीडियो और गोल करने के स्टाइल को जमकर शेयर कर रहे हैं। भारत के फुटबॉल प्रेमियों का यह नया रुझान बताता है कि अब देश में क्रिकेट के अलावा दूसरे खेलों के प्रति भी दीवानगी तेजी से बढ़ रही है।
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अगले मुकाबलों की रणनीति और खिलाड़ियों की फिटनेस
क्रोएशियाई टीम प्रबंधन के सामने इस समय सबसे बड़ी चुनौती खिलाड़ियों की फिटनेस बनाए रखना है। लंबे सफर और लगातार अभ्यास के कारण खिलाड़ियों पर थकान का भारी असर दिख रहा है। खुद लुका मोड्रिच ने भी माना है कि इतने बड़े स्तर पर खेलना शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से बहुत कठिन होता है। इसके बावजूद वे मैदान पर उतरने और अपनी टीम के लिए शत-प्रतिशत योगदान देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। उनके विरोधी दल भी इस बात को अच्छी तरह जानते हैं कि जब तक मोड्रिच मैदान पर हैं, मैच का पासा कभी भी पलट सकता है।
मैदान से बाहर खेल प्रेमियों की अपनी अलग ही चर्चाएं और अटकलें चल रही हैं। कुछ खेल पंडितों का यह भी कहना है कि यह विश्व कप महान खिलाड़ियों के लिए विदाई का मंच बन सकता है। लियोनेल मेस्सी और क्रिस्टियानो रोनाल्डो की तरह लुका मोड्रिच के खेल करियर का यह दौर बेहद अहम माना जा रहा है। खेल के प्रति उनका समर्पण आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा का स्त्रोत रहेगा। मैदान की हरी घास पर दौड़ते हुए मोड्रिच का यह आखिरी दांव आने वाले कई सालों तक फुटबॉल इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज रहेगा।







